मैनचेस्टर भारत की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत पर, बुमराह का कार्यभार और रहाणे के फॉर्म को लेकर चिंता

भारत की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत पर, बुमराह का कार्यभार और रहाणे के फॉर्म को लेकर चिंता

भारत की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत पर, बुमराह का कार्यभार और रहाणे के फॉर्म को लेकर चिंता

मैनचेस्टर: इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट के जरिये श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने की दहलीज पर खड़ी भारतीय क्रिकेट टीम जसप्रीत बुमराह के कार्यभार प्रबंधन और अजिंक्य रहाणे के फॉर्म को लेकर चिंतित होगी जिनके पास अपना अंतरराष्ट्रीय कैरियर बचाने का शायद यह आखिरी मौका होगा.

मौसम विभाग ने पहले दो दिन बारिश की चेतावनी दी है जो श्रृंखला में 2.1 से चल रही भारतीय टीम के लिये खुशी की बात है . विराट कोहली अगर श्रृंखला जीत लेते हैं तो आस्ट्रेलिया (2018 . 19) और इंग्लैंड (2021) में टेस्ट श्रृंखलायें जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन जायेंगे. वैसे पिछले चार टेस्ट की तरह भारतीय टीम का चयन चर्चा का विषय होगा . बुमराह पिछले एक महीने में 151 ओवर डाल चुके हैं जिसमें ओवल टेस्ट पर चौथे और पांचवें दिन के 22 ओवर शामिल हैं . भारत ने वह टेस्ट 157 रन से जीता.

रहाणे को टीम में एक मौका और दे सकते हैं कोहली
टीम प्रबंधन यह भी सोच रहा होगा कि रहाणे को टीम में रखा जाये या नहीं जो ओवल पर बल्लेबाजों की मददगार पिच पर दोनों पारियों में नाकाम रहे. सात पारियों में से छह में नाकामी से रहाणे का आत्मविश्वास हिल गया होगा. यह श्रृंखला का आखिरी टेस्ट है और कोहली उन्हें एक मौका और दे सकते हैं. इसमें नाकाम रहने पर उनका अंतरराष्ट्रीय कैरियर लगभग खत्म ही हो जायेंगे क्योंकि वह 33 साल के हो भी चुके हैं .
उन्हें मौका नहीं मिलता है तो सूर्यकुमार यादव या हनुमा विहारी को उतारा जा सकता है ताकि जेम्स एंडरसन के बिना उतर रहे इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सके. भारतीय टीम के लिये खासकर बुमराह के लिये कार्यभार प्रबंधन चिंता का सबब है . पिछले मैच में ओली पोप और जॉनी बेयरस्टॉ को जिस तरह उन्होंने रिवर्स स्विंग से परेशान किया, उनके नहीं खेलने की सोचकर भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों की बांछे खिल गई होगी .

मैच में बुमराह को बाहर रखने का फैसला समझदारी नहीं होगा 
मोहम्मद शमी के फिट होने के साथ उनका अंतिम एकादश में रहना तय है. लेकिन मुख्य कोच रवि शास्त्री , गेंदबाजी कोच भरत अरूण की गैर मौजूदगी में कप्तान कोहली का फैसला अहम होगा. कोरोना संक्रमण के कारण शास्त्री और अरूण पृथकवास में हैं. गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियों में बुमराह को बाहर रखने का फैसला समझदारी नहीं होगा लेकिन छह सप्ताह बाद टी20 विश्व कप होना है और भारतीय टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी . पिछले मैच में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले उमेश यादव (छह विकेट) और हरफनमौला शारदुल ठाकुर (तीन विकेट और 117 रन) का खेलना तय लग रहा है . बुमराह को आराम देने पर मोहम्मद सिराज को उतारा जा सकता है . 

रविचंद्रन अश्विन पर रविंद्र जडेजा को तरजीह देने का कोहली का फैसला पूरी तरह तो नहीं लेकिन आंशिक रूप से सही साबित हुआ है . वैसे शारदुल ने बल्ले से जिस तरह का शानदार प्रदर्शन कियाा है, उसके बाद गेंदबाज हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर अब जडेजा की जरूरत उतनी नहीं लग रही लिहाजा अश्विन को मौका मिल सकता है . चेतेश्वर पुजारा की अभ्यास सत्र के दौरान फील्डिंग की तस्वीरें देखकर उनके प्रशंसकों ने राहत की सांस ली होगी . दूसरी ओर इंग्लैंड के लिये कप्तान जो रूट पर सारा दारोमदार होगा . वह बड़ी पारी खेलकर श्रृंखला में 600 रन का आंकड़ा पार करना चाहेंगे रूट को उपकप्तान जोस बटलर का साथ मिलेगा जो बेयरस्टॅा की जगह खेल सकते हैं . वहीं गेंदबाजी में मार्क वुड और क्रिस वोक्स नयी गेंद संभालेंगे .

टीमें :
भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, मयंक अग्रवाल, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव , केएल राहुल, रिधिमान साहा, अभिमन्यु ईश्वरन, पृथ्वी साव, सूर्यकुमार यादव, शारदुल ठाकुर .

इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), रोरी बर्न्स, हसीब हमीद, मोईन अली, जोनी बेयरस्टॉ, जोस बटलर, डैन लॉरेंस, ओली रॉबिनसन, सैम कुरेन, मार्क वुड, जेम्स एंडरसन, जैक लीच, ओली पोप, डेविड मलान, क्रेग मलान. सोर्स- भाषा
 

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