Singapore में India का जलवा: प्रवासी कामगारों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय ने जीता First Prize 

Singapore में India का जलवा: प्रवासी कामगारों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय ने जीता First Prize 

Singapore में India का जलवा: प्रवासी कामगारों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय ने जीता First Prize 

सिंगापुर: भारत (India) वैसे तो पूरे विश्व में एक महाशक्ति (Super Strength) के रूप में जाना जाता है और हर क्षेत्र में दूसरे देशों से आगे भी है. ऐसे में बात करें खेल प्रतियोगिता कि तो उसमें भी भारत के खिलाडियों के सामने बड़े से बड़ा खिलाडी भी अपनी हार स्वीकार कर लेता है. इसी क्रम में सिंगापुर (Singapore) में भारतीय प्लेयर (Indian Player) ने भारत का नाम रोशन किया है. कोरियोग्राफी तथा परंपरागत भारतीय मार्शल आर्ट सिलंबम (Indian martial art Silambam) की, सरकार प्रायोजित एक प्रतियोगिता में भारतीय व्यक्ति ने प्रथम पुरस्कार जीता है.

सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा लाइक और व्यूज लेने में जीता प्रथम प्राइज:
तमिलनाडु के रहने वाले गणेशन संधिराकासन (33) ने टिकटॉक अकाउंट (Tiktok Account) पर अपने वीडियो पर सबसे ज्यादा लाइक और व्यूज पाने के बाद कॉम्पिटिशन में शीर्ष स्थान हासिल किया है. उन्होंने भारत में चौथी शताब्दी ईसा पूर्व से प्रचलित परंपरागत मार्शल आर्ट विधा सिलंबम की इस प्रतियोगिता में 19 अन्य प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया. गणेशन को पुरस्कार स्वरूप एक हजार सिंगापुर डॉलर (लगभग 55,000 रुपये) मिले.

प्रवासी कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई थी प्रतियोगिता:
सिंगापुर में काम करने वाले प्रवासी कर्मियों के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई थी और इसका अंतिम एपिसोड सोमवार रात प्रसारित किया गया. यह प्रतिस्पर्धा तमिल श्रृंखला चिल्ल पन्नू माप्पी का हिस्सा है जिसे संचार और सूचना मंत्रालय (Information Ministry) ने आयोजित किया और प्रवासी श्रमिकों के लिए इसके निर्माण की जिम्मेदारी कॉस्मिक अल्टिमा पिक्चर्स ने निभाई.

गणेशन ने 12 साल की उम्र में मार्शल आर्ट सीखना शुरू किया था:
शो के कार्यकारी निर्माता एस एस विश्वनाथन ने बताया कि प्रतियोगिता के तहत प्रवासी कामगारों को अपनी प्रतिभा के वीडियो भेजने थे और आयोजकों को 600 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं. गणेशन ने 12 साल की उम्र में मार्शल आर्ट सीखना शुरू किया था और 2010 में पहली सिलंबम विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए रजक पदक हासिल किया था. उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर विज्ञापन देखने के बाद मैंने प्रतियोगिता में भाग लेने का फैसला किया. कोविड महामारी के दौरान मेरा दफ्तर बंद था. मैं अपना समय किसी काम में लगाना चाहता था. इसलिए, मैंने भारतीय मार्शल आर्ट सिलंबम की कोरियोग्राफी की प्रस्तुति दी. 

पिछले सात सालसे सिंगापुर में रह रहे गणेशन पांच साल से ताइक्वांडो सिखाते हैं. उन्होंने कहा कि मैंने सिलंबम को इसलिए चुना ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जानें और अपनी सेहत के प्रति जागरुक हों. 

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