भारत को मई के अंत तक मिलेगी Sputnik V की 30 लाख डोज, 85 करोड़ वैक्सीन्स का होगा प्रोडक्शन

भारत को मई के अंत तक मिलेगी Sputnik V की 30 लाख डोज, 85 करोड़ वैक्सीन्स का होगा प्रोडक्शन

भारत को मई के अंत तक मिलेगी Sputnik V की 30 लाख डोज, 85 करोड़ वैक्सीन्स का होगा प्रोडक्शन

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Covid Virus) की घातक लहर में सरकार वैक्सीनेशन अभियान (Vaccination Campaign) में तेजी लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. हालांकि, वैक्सीन्स की सीमित संख्या में उपलब्धता इसमें बाधा पहुंचा रही है, लेकिन अब तीसरी वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik-V) के इस्तेमाल शुरू होने के बाद कुछ हद तक जल्द ही यह कमी दूर हो सकती है. रूस में भारत के राजदूत वेंकटेश वर्मा ने शनिवार को बताया है कि अगस्त तक भारत में स्थानीय स्तर पर स्पूतनिक-वी का प्रोडक्शन (Producation) की शुरुआत हो जाएगी. वहीं, मई के आखिर में भारत को रूस 30 लाख और स्पूतनिक के डोज मुहैया करवाने वाला है. देश में कुल 85 करोड़ वैक्सीन की डोज का प्रोडक्शन किया जाएगा.

भारत को अभी तक 2 लाख 10 हजार डोज मिल चुकी:
वर्मा ने कहा कि भारत को अभी तक डेढ़ लाख और 60 हजार स्पूतनिक की डोज (Dose) की सप्लाई की जा चुकी है. मई के अंत तक, तकरीबन 30 लाख डोज और भेजी जाएंगी. जून महीने में यह बढ़कर 50 लाख होने की उम्मीद है. साथ ही अगस्त तक भारत में स्थानीय स्तर (Local Leval) पर रूसी वैक्सीन का प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान प्लान के अनुसार, भारत में स्पूतनिक-वी की कुल 85 करोड़ डोज का प्रोडक्शन किया जाना है.

स्पूतनिक-वी वैक्सीन का 65-70 फीसदी भारत से ही होगा:
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में कहीं भी बनाई गई स्पूतनिक-वी वैक्सीन का 65-70 फीसदी भारत से ही होगा. इसे चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से उत्पादन और परिवहन (Transportation) के जरिए हासिल किया जाएगा. स्पूतनिक-वी को तीन चरणों में भारत पहुंचाया जा रहा है. डायरेक्ट एक्सपोर्ट, फिल एंड फिनिश मोड और फुल प्रोडक्शन (Direct export, Fill and Finish Mode and Full Production) के लिए भारतीय कंपनियों को टेक्नोलॉजी (Technology) का ट्रांसफर. फिल एंड फिनिश मोड से मतलब भारत में भरी जा रहीं वैक्सीन की शीशियों से है. वर्मा ने आगे कहा कि इन सभी को मिलाकर कुल 85 करोड़ वैक्सीन का प्रोडक्शन किया जाएगा.

रूसी पक्ष ने स्पूतनिक लाइट का भी प्रस्ताव रखा:
उन्होंने सिंगल-डोज (Singale Dose) स्पूतनिक लाइट के बारे में भी बात की और कहा कि अगर इसे मंजूरी दी जाती है, तो यह भारत और रूस (India and Russia) के बीच सहयोग का एक और क्षेत्र होगा. उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष ने स्पूतनिक लाइट का भी प्रस्ताव रखा है. भारत में इसके लिए नियामकीय मंजूरी (Regulatory Approval) अभी भी पूरी नहीं हुई है. लेकिन एक बार उन नियामक रेग्युलेटरी मिलने के बाद, यह भारत और रूस के बीच सहयोग का एक और क्षेत्र होगा.

देश में अभी केवल दो कंपनियों को ही वैक्सीन बनाने की जिम्मेदारी:
बता दें कि इस समय देश में दो वैक्सीन्स बनाने वाली कंपनियां हैं, जिनके पास कोविड का टीका बनाने की जिम्मेदारी है. पहला सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute Of India) है, जोकि कोविशील्ड (Covishield) बना रही है. दूसरी कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotek) है, जोकि कोवैक्सीन (Covaccine) का प्रोडक्शन कर रही है. रूस की स्पूतनिक-वी को भी पिछले दिनों मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद रूस ने कई लाख वैक्सीन्स की सप्लाई की है. 

 

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