सिक्किम के नाकू ला में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प, सेना ने कहा सुलझाया गया मामला

सिक्किम के नाकू ला में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प, सेना ने कहा सुलझाया गया मामला

सिक्किम के नाकू ला में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प, सेना ने कहा सुलझाया गया मामला

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने सोमवार को कहा कि उत्तरी सिक्किम के नाकू ला इलाके में 20 जनवरी को भारत और चीन के सैनिकों के बीच ‘मामूली तनातनी’ हो गई थी जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया. उल्लेखनीय है कि यह घटना पिछले साल पांच मई से पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध के बीच हुई है.

निर्धारित प्रोटोकॉल को तहत सुलझाया मामलाः
भारतीय सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि उत्तरी सिक्किम के नाकू ला में 20 जनवरी को ‘मामूली तनातनी’ हुई थी जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय कमांडरों ने सुलझा लिया. मीडिया से अनुरोध है कि इसे तूल देने या बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से बचे जो तथ्यात्मक रूप से गलत है.

घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना ने रोकाः
घटना की जानकारी रखने वालों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार कर भारतीय इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें रोक दिया. उनका कहना है कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच झगड़ा भी हुआ था.

रविवार को ही हुई थी भारत और चीन की सेनाओं की वार्ताः 
उल्लेखनीय है कि नाकू ला वही स्थान है जहां पिछले साल नौ मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग लेक इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी और तब से अब तक करीब नौ महीने से वहां सैन्य गतिरोध जारी है. इस बीच, पूर्वी लद्दाख के सभी तनाव वाले इलाकों से सैनिकों की वापसी के उद्देश्य से रविवार को भारत और चीन की सेनाओं के बीच एक और दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई.

भारत दें चुका है चीन को चेतावनीः
लद्दाख में शुरू हुए गतिरोध के बाद भारतीय सेना ने 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी ताकत मजबूत की है. भारत का साफ तौर पर कहना है कि यह चीन की जिम्मेदारी है कि सैनिकों को पीछे ले जाने की प्रक्रिया शुरू करे और पूर्वी लद्दाख के गतिरोध वाले इलाके में तनाव कम करे. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के करीब एक लाख सैनिक तैनात हैं. क्षेत्र में दोनों पक्षों की लंबे समय तक डटे रहने की तैयारी है. इस बीच, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर भी सौहार्दपूण समाधान के लिए वार्ता चल रही है.
सोर्स भाषा
 

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