नई दिल्ली History 17 September: भारतीय पीएम नरेन्द्र दामोदर मोदी का जन्मदिन आज, जानिए अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का ब्यौरा

History 17 September: भारतीय पीएम नरेन्द्र दामोदर मोदी का जन्मदिन आज, जानिए अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का ब्यौरा

History 17 September: भारतीय पीएम नरेन्द्र दामोदर मोदी का जन्मदिन आज, जानिए अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का ब्यौरा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर की तारीख से एक खास नाता है. दरअसल वर्ष 1950 में 17 सितंबर के दिन ही नरेन्द्र दामोदर मोदी का जन्म हुआ, जिन्हें 26 मई 2014 को भारत के तत्कालीन राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलायी. 5 बरस बाद 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर चुनाव जीता और उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की. यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि नरेन्द्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने आजाद भारत में जन्म लिया. 

एक साधारण परिवार में जन्मे नरेन्द्र मोदी का सत्ता के शीर्ष पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ इच्छा शक्ति और अपनी मंजिल तक पहुंचने का जज्बा हो तो वह मुश्किल से मुश्किल हालात को आसान बनाकर अपने लिए नये रास्ते बना सकता है. 

देश दुनिया के इतिहास में 17 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

 1867: गगेंद्रनाथ टैगोर का जन्म.

 1876: बांग्ला उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म.

1948: हैदराबाद रियासत का भारत में विलय.

1949: दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की स्थापना.

1950: भारतीय राजनेता और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म.

1956: भारतीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग का गठन.

1957: मलेशिया संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ.

1974: बांग्लादेश, ग्रेनेडा और गिनी बिसाऊ संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल.

1978: अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर की पहल पर पश्चिम एशिया में शांति के लिए मिस्र और जार्डन के बीच कैंप डेविड समझौता.

1982: भारत और सेलोन(श्रीलंका) के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला गया.

2020: लोकसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी, जिनके कानून बनने के बाद देशभर में अधिकतर किसान इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सोर्स-भाषा
 

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