VIDEO: पाक विस्थापितों के सपनों को मिले पंख, लंबे इंतजार के बाद मिली भारतीय नागरिकता

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/19 09:47

जयपुर: गृह विभाग ने आखिर पाक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देते हुए उनके सपने को पूरा कर दिया. वर्षों से नागिरकता की बाहट जोह रहे पाक विस्थापितों को जैसे ही गृह विभाग से सूचना मिली तो उनके चेहरों पर खुशी लौट आई और इनके सपनों को पंख मिल गए. अब वे भारत में न केवल संपत्ति खरीद सकेंगे बल्कि नौकरी भी पा सकेंगे. 

पाक की ज्यादतियों की वजह से आए भारत:
दरअसल पाक की ज्यादतियों से तंग आकर भारत के वीजा पर आए इन विस्थापित परिवारों का यहीं पर खुशीपूर्वक जीवन जीने का मानस बना लिया और सुकुन से रहने लगे. भारत में रहने के लिए लाांग टर्म वीजा का आवेदन देकर नागरिकता लेने की कतार में शामिल हो गए और आखिर अब उनका लंबा इंतजार खत्म हो गया. गृह विभाग ने 34 विस्थापितों को नागरिकता देने के लिए टीमे रवाना कर दी, जिन्होंने आज ही नागरिकता प्रमाण पत्र जालौर, बाड़मेर और पाली कलेक्टरों को सौंप दिए. अब इन परिवारों कल नागरिकता प्रमाण पत्र मिलेंगे.

गृह विभाग ने दी मंजूरी:
पाक विस्थापितों को नागरिकता देने के लिए गृह विभाग ने इंटेलीजेंस की रिपोर्ट, एफआरओ की रिपोर्ट ली और प्रक्रिया शुरू की. पिछले वर्ष सिर्फ विस्थापितों को नागरिकता मिल पाई, लेकिन विभाग में आए नए अफसरों ने सारी अड़चनें दूर करते हुए इनकी नागरिकता का रास्ता साफ किया. उप शासन सचिव भवानी शंकर व अनुभागाधिकारी सुनील शर्मा की अहम भूमिका रही. इन विस्थापितों में बाड़मेर के 19, पाली के 10 और जालौर के पांच शामिल हैं. इस वर्ष मार्च में भी 47 पाक विस्थापितों को नागरिकता मिल चुकी है और अब तक पाक विस्थापितों को नागरिकता देने का रिकॉर्ड अव्वल हो गया. पूर्व में नागरिकता देने का आंकड़ा कम रहा है.

इन पाक अल्पसंख्यको को मिली नागरिकता:
सनद कंवर, रहमत सिंह, लालजी, देवी दान, देल कंवर, एवन बाई, फूल कुमारी, नंद कंवर, हदमत सिंह, तरु बाई, किरण बाई, घिना बाई, पिंटू धर्मेंद्र को बाड़मेर में रहने का हक मिला. वहीं नरपत सिंह, दरिया, जमना बाई, भोमाराम, छगन, देवी, चेतन, गगन, उगमसिंह चंद्रवीर को पाली में रहने के अधिकार मिले. इसके अलावा फरसा राम, डाखोमल, श्रीमती अंतर, चम्पा व भैरो सिंह को जालोर में रिहायशी के अधिकार मिले. 

नागरिकता देने के यह है नियम:
—सात वर्ष तक यहां रहवास जरूरी
—आखिर एक वर्ष में पाक की कोई यात्रा पर नहीं जाना हो
—आपराधिक मामला लंबित नहीं हो
—इंटेलीजेंस की रिपोर्ट सकारात्मक हो
—इन पूर्तियों के बाद ही नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है
 

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