पाक की घुसपैठ को लेकर 53 डिग्री तापमान में भी मुस्तैद भारतीय जवान 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/04 08:27

जैसलमेर: पाकिस्तान से सटे जैसलमेर जिले की करीब 470 किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी में जुटे सीमा सुरक्षा बल के जवान इन दिनों खास तौर पर चौकसी बरत रहे हैं. प्रचंड गर्मी में सीमापार से घुसपैठ की किसी भी आशंका से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी विशेष रणनीति के तहत सघन चौकसी कर रहे हैं. 

काले चश्मा और सिर पर खाकी पटका:
दरअसल सीमा सुरक्षा बल ने सीमा पर खुर्रा चैकिंग, व्हीकल और फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी है. रेत के समंदर में प्रचंड गर्मी के बीच भी बल के जवान मुस्तैदी से अपने कर्तव्य को अंजाम दे रहे हैं. हालात इंच भर भी हिला नहीं पा रहे हैं. तेज गर्मी के बीच पिछले दिनों से चल रहे अंधड़ के सिलसिले के बीच सीमा प्रहरी आंखों पर काले चश्में और सिर पर खाकी पटका बांध कर ड्यूटी पर जुटे हैं. सर्दियों में कोहरे के कारण दृश्यता कम होती है, वैसी ही स्थिति आंधी के दौरान बनती है. ऐसे में बल ने व्हीकल और फुट पेट्रोलिंग में इजाफा कर दिया है।

गर्मी भीषण, हौसला भरपूर:
मरुस्थलीय सीमा क्षेत्र में गर्मी कई बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है. देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे जवानों को कई बार दिन में 53  डिग्री या उससे भी अधिक तापमान में अपने कर्तव्य को अंजाम देना होता है. एकदम निर्जन सीमा क्षेत्र में हाथों में हथियार उठाए ये जवान इतनी प्रतिकूलताओं के बीच भी भरपूर हौसले के साथ ड्यूटी कर रहे हैं. बल की तरफ से उनके लिए पीने के पानी तथा कूलरों की शीतल हवा के अलावा जरूरी बंदोबस्त किए हुए हैं. सीमा क्षेत्र में मिनी एमआई रूम बनाए हुए हैं, जहां मौसम की चपेट में आए जवानों का इलाज किया जा सकता है. हालांकि जवानों का जज्बा इतना ऊंचा है कि वे प्रचंड गर्मी का मुकाबला नींबू पानी आदि से कर लेते हैं।

सीमा चौकियां रहती हैं कूल-कूल:
—जैसलमेर जिले में कई सीमा चौकियों पर डक कूलिंग सिस्टम स्थापित किया जा चुका है.
—शीतलता प्रदान करने के मामले में एयरकंडीशनर के समकक्ष डक कूलर के चलते सीमा चौकियों का तापमान खासा कम रहता है.
—डक कूलर अभी नहीं लगे हैं, ऐसी सीमा चौकियों पर कूलर लगवाए गए हैं.
—पीने के पानी को ठंडा रखने के लिए बड़े घड़ों की व्यवस्था भी है. 
—जवानों के रहने के लिए बनाए गए बंकरों व कमरों को सूरज की सीधी किरणों से बचाने के लिए खीपें लगाई जाती है. 
—कई चौकियों में वाटर कूलर की व्यवस्था है. गर्मी के इस मौसम में नीबू पानी का सेवन दिनभर करने की सलाह जवानों को दी जाती है. 
—जवान भी अपने शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखते हैं. 

ग्रामीण अंचलों में भी भीषण गर्मी ने लोगों को झुलसाया:
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 47.0 व न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गर्मी के इस मौसम में कूलर व पंखे भी नकारा साबित हो रहे हैं. वहीं गर्मी की छुट्टियां होने के बावजूद खेल के मैदान सूने नजर आ रहे हैं. दोपहर में लू के थपेड़ों व उमस भी कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं. ऐसे मौसम में स्वर्णनगरी के बाशिंदों को राहत के लिए कुछ नहीं सूझ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी भीषण गर्मी के कारण हालात जुदा नहीं रहे. जैसलमेर के अलावा रामगढ़, पोकरण, रामदेवरा, सांकड़ा, फलसूण्ड, मोहनगढ़, खुईयाला, नोख, नाचना, फतेहगढ़, बडोड़ा गांव, रुपसी सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी भीषण गर्मी ने लोगों को झुलसा दिया.

फैक्ट फाइल:
—470 किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा 
—02 सेक्टर जैसलमेर जिले में 
—3500 जवान मुस्तैदी से तैनात

... संवाददाता सूर्यवीर सिंह तंवर की रिपोर्ट  
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in