AusvInd: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में अपनी प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी भारतीय टीम

AusvInd: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में अपनी प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी भारतीय टीम

AusvInd: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में अपनी प्रतिष्ठा बचाने उतरेगी भारतीय टीम

कैनबराः पहले दो मैचों में एकतरफा हार के बाद भारतीय टीम का बुधवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना लगभग तय है जिससे कि लगातार दूसरी श्रृंखला में क्लीन स्वीप से बचा जा सके.ऑस्ट्रेलिया अगर 3-0 से जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो लगातार दूसरी श्रृंखला में भारत का सूपड़ा साफ होगा क्योंकि इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने भी उसे इसी अंतर से हराया था.

श्रेयस अय्यर ने कहा- हम अगले मैच में जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध और प्रयास करेंगे कि क्लीन स्वीप नहीं होः
भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर से जब यह पूछा गया कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया को 20 साल में पहली बार क्लीन स्वीप से रोकने के लिए क्या कर सकती है तो उन्होंने कहा कि हम अगले मैच में जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और प्रयास करेंगे कि क्लीन स्वीप नहीं हो. उन्होंने कहा कि हमारे गेंदबाज अपने तैयारी को लेकर बेहद सकारात्मक हैं और हम ट्रेनिंग में इसे देख सकते हैं, कुछ गेंदबाज निश्चित योजनाओं के साथ तैयारी कर रहे हैं. पहले दो मैचों में ढेरों रन बने जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने दबदबा बनाते हुए विराट कोहली की टीम के खिलाफ आसान जीत दर्ज की और टीम इंडिया अगर मनुका ओवल में जीत दर्ज करती है तो टी20 श्रृंखला से पहले उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा. कप्तान कोहली पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो मैचों में उन्हें ‘पूरी तरह से पछाड़’ दिया और उम्मीद है कि जीत की तलाश में भारत कुछ बदलाव करेगा. 

पहली बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए तेज गेंदबाज नवदीप सैनी की गेंदबाजी रही नाकामः
पहली बार ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आए भारत के सबसे तेज गेंदबाज नवदीप सैनी अब तक सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं और मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आसानी से रन जुटाए हैं. सैनी के सात ओवर में 70 रन लुटाने के बाद कोहली को हार्दिक पांड्या और मयंक अग्रवाल जैसे गेंदबाजों से उनका स्पैल पूरा कराना पड़ा. पांड्या गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं जबकि अग्रवाल आम तौर पर गेंदबाजी नहीं करते.

अंतिम वनडे में शार्दुल ठाकुर या टी नटराजन को मिल सकता है मौकाः
तीसरे और अंतिम वनडे में अगर शार्दुल ठाकुर या बायें हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन को मौका मिलता है तो हैरानी नहीं होगी. शार्दुल को 27 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है जबकि नटराजन को यॉर्कर फेंकने में महारत हासिल है. कोहली अगर टेस्ट श्रृंखला से पहले जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी दोनों को आराम देने का फैसला करते हैं तो शार्दुल और नटराजन दोनों को खेलने का मौका मिल सकता है.
मौजूदा श्रृंखला में भारतीय गेंदबाज बिलकुल भी लय में नजर नहीं आ रहे हैं और उनके खिलाफ पहले दो मैचों में 69 चौके और 19 छक्के लगे हैं.

भारतीय गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बने स्टीव स्मिथः
कोहली ने कहा कि टी20 प्रारूप से एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में ढलने को बहाना नहीं बनाया जा सकता क्योंकि पिछले काफी समय से टीम के मुख्य खिलाड़ी समान हैं. गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ बने हुए हैं जिन्होंने लगातार दो मैचों में 62 गेंद में शतक जड़े. इंडियन प्रीमियर लीग में नाकाम रहे ग्लेन मैक्सवेल ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से अंतर पैदा किया है जिससे ऑस्ट्रेलिया की टीम अंतिम ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरने में सफल रही है. भारत की 66 और 51 रन की हार को देखते हुए उनकी पारियां अहम हो जाती हैं. भारतीय कप्तान को मैच के दौरान अपने गेंदबाजों के रोटेशन के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. गौतम गंभीर और आशीष नेहरा जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने मुख्य गेंदबाज बुमराह को पहले स्पैल में सिर्फ दो ओवर देने के लिए उनकी आलोचना की थी.

 भारतीय स्पिनर भी अब तक रहे विफलः 
तेज गेंदबाज अगर नाकाम रहे हैं तो स्पिनरों की विफलता ने भारत की मुसीबत को और बढ़ा दिया है. युजवेंद्र चहल पहले दो मैचों में सबसे महंगे गेंदबाज रहे. उन्होंने 19 ओवर में 160 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके. रविंद्र जडेजा ने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया लेकिन गेंद को घुमाने को अधिक तरजीह नहीं देने के कारण एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए. बल्लेबाजी की बात करें तो कोहली और लोकेश राहुल दूसरे मैच में अच्छी लय में दिखे लेकिन राहुल दूसरे पावर प्ले के दौरान स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहे जो चिंता का सबब है. भारतीय बल्लेबाज हालांकि दोनों मैचों में ठीक ठाक प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं और अगर गेंदबाजों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर होता है मेहमान टीम के पास मौका हो सकता था.
सोर्स भाषा
 

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