भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने का सफर जारी रहेगा: रीजीजू

भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने का सफर जारी रहेगा: रीजीजू

भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने का सफर जारी रहेगा: रीजीजू

नई दिल्ली: निवर्तमान खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Sports Minister Kiren Rijiju) ने गुरूवार को कहा कि भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने का सफर जारी रहेगा. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) से एक पखवाड़ा पहले रीजीजू की जगह अनुराग ठाकुर को खेलमंत्री बनाया गया है.

अनुराग ठाकूर बने नए खेल मंत्री:
मई 2019 में खेलमंत्री बने रीजीजू कैबिनेट में फेरबदल के साथ अब कैबिनेट मंत्री के रूप में विधि मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे. वहीं अनुराग ठाकुर को सूचना और प्रसारण के साथ खेल मंत्रालय सौंपा गया है. मणिशंकर अय्यर (2006 से 2008) के बाद खेल मंत्रालय का प्रभार संभालने वाले ठाकुर पहले कैबिनेट मंत्री होंगे.

यह सफर जारी रहेगा, बस जिम्मेदारी बदली:
रीजीजू ने भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा गुरूवार को आयोजित विदाई समारोह में पत्रकारों से कहा कि हमने भारत को खेलों में महाशक्ति बनाने के लिये सारे प्रयास किये. यह सफर जारी रहेगा, बस जिम्मेदारी बदल गई है. उन्होंने कहा कि मेरा मंत्रालय बदल गया है लेकिन खेल मंत्रालय में ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे. मैं टीम को शुभकामना देता हूं. 

मैने युवा से लेकर सीनियर खिलाड़ियों पूरा ध्यान रखा: रीजीजू  
उन्होंने कहा कि खेल मंत्री के तौर पर मेरा पूरा कार्यकाल आयोजनों और गतिविधियों से भरपूर रहा. मैने युवा से लेकर सीनियर खिलाड़ियों से मुलाकात की और बात की. भारत को खेलों में आगे ले जाने का सफर जारी रहेगा और पूरा होगा. रीजीजू ने खेल मंत्रालय में अपनी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इसने देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिये पर अमल करने की पूरी कोशिश की.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की जगह स्वतंत्र प्रभार के साथ बने थे खेलमंत्री:
रीजीजू को ओलंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) की जगह स्वतंत्र प्रभार के साथ खेलमंत्री बनाया गया था. वह अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री भी रहे और कुछ समय आयुष मंत्रालय का अस्थायी प्रभार भी उनके पास रहा. भारत के 120 से अधिक खिलाड़ियों ने तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है. खेल कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच 23 जुलाई से तोक्यो में होंगे.

रीजीजू के कार्यकाल में राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की राशि में इजाफा हुआ और वित्तीय कठिनाई झेल रहे मौजूदा या पूर्व खिलाड़ियों को तुरंत मदद मिली . इसके साथ ही देश भर में साइ केंद्रों का बुनियादी ढांचा बेहतर किया गया.

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