26 मार्च से 24 अप्रैल तक इंदिरा गांधी नहर में नहीं आएगा पानी

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/03/25 11:30

जैसलमेर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के हरिके हैड वर्क्स पर 26 मार्च से 24 अप्रैल तक 30 दिनों का क्लोजर हो रहा है।  26 मार्च से 24 अप्रैल तक नहर बंदी के दौरान जैसलमेर व बाड़मेर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने की पूरी आशंका है। कल से होने वाली नहरबंदी को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। कल से नहर में पानी की आवक रुक जाएगी।  इंदिरा गांधी नहर परियोजना में आगामी 26 मार्च से प्रस्तावित एक माह की नहरबंदी के दौरान मरुस्थलीय जैसलमेर और बाड़मेर जिलों के लिए राहत की खबर है। पीने के पानी का कोई संकट सामने आने की आशंका नहीं है। 

मोहनगढ़ लिफ्ट कैनाल परियोजना के मोहनगढ़ स्थित हैडवक्र्स से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जलदाय विभाग की डिग्गियों में पानी का समुचित भंडारण किए जाने का दावा संबंधित विभाग की ओर से किया गया है। उनके अनुसार 35 दिनों तक नहर से पानी नहीं मिला तो भी भंडारित किए गए पानी से लाखों लोगों के साथ मवेशियों के प्यासे कंठों की प्यास बुझाई जा सकेगी।  गौरतलब है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत राजस्थान फीडर की री-लाइनिंग करने के लिए 26 मार्च से 24 अप्रेल तक की अवधि में नहरबंदी लिया जाना प्रस्तावित है। 

नहर परियोजना में 30 दिन तक पानी नहीं आने की सूरत में जलदाय विभाग तथा लिफ्ट कैनाल प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से गत दिनों से जल भंडारण पर ध्यान केंद्रित किया गया। बताया जाता है कि मोहनगढ़ स्थित हैडवक्र्स की 7 मीटर गहरी डिग्गी वर्तमान में पानी से लबालब है। करीब एक किलोमीटर के क्षेत्रफल में बनी इस डिग्गी में जैसलमेर और बाड़मेर शहरों के साथ बाड़मेर जिले के डेढ़ सौ गांवों के लिए 35 दिन तक पीने का पानी सप्लाई किया जा सकता है। इसके अलावा जैसलमेर जिले में जलदाय विभाग की 217 डिग्गियां ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई हैं, जिनमें 21-22 दिन का पानी संग्रहित करने की क्षमता है। इन्हें भी करीब 75 फीसदी तक भर लिया गया है। बाकी अवधि में उन्हें शत-प्रतिशत भरने की योजना बनाई गई है। पोकरण-फलसूंड लिफ्ट योजना के तहत बनी डिग्गी की क्षमता अवश्य कम है। 

यह अतिरिक्त व्यवस्था
शहर को मुख्य रूप से मोहनगढ़ हैडवक्र्स से नहरी पानी की आपूर्ति पेयजल के रूप में की जाती है। इसके अलावा डाबला स्थित नलकूपों से भी शहर को अतिरिक्त पानी मिलता है। जानकारी के अनुसार डाबला में 6 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति होती है। यहां 3 नए नलकूपों को खुदवाने की मंजूरी मिल चुकी है। आने वाले दिनों में उन्हें तैयार करवाया जाना है। यदि डाबला से 9 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति होती है तो यह रोजाना 2.5 से 3 मिलियन लीटर तक होगी। इसके अलावा अगर नहरबंदी की अवधि 30 दिन से ज्यादा हो जाती है तो जल परिवहन का विकल्प विभाग के पास मौजूद है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
 

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