गांवों में शिक्षा की अलख जगाने वाले इन्द्रसिंह राठौड़ हुए सम्मानित

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/26 07:04

मंडावा (जितेंद्रसिंह शेखावत)। गांव तिहावली स्थित रा.उ.मा.वि. में शनिवार को गणतंत्र दिवस धुमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्या अराधना सक्सेना की अध्यक्षता में हुए इस समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत प्रधानाध्यापक इन्द्रसिंह राठौड़ थे। 

उल्लेखनीय है कि खालासी निवासी सेवानिवृत इन्द्रसिंह राठौड़ अपने शिक्षक जीवन में 1972 से 1997 तक 25 वर्षो तक तिहावली में सेवा दी थी। उनका इस गांव के प्रति यह स्नेह आज भी जारी है। सतर के दशक में जब लोग शिक्षा का महत्व नहीं समझते थे, उस समय राजपूत बाहुल्य इस गांव में लगातार 25 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाते रहे। राठौड़ की मेहनत व प्रोत्साहन का ही नतीजा है कि आज गांव शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे है। इन्द्रसिंह राठौड़ के पढ़ाये हुए बहुत से लोग उनके प्रोत्साहन व सही मार्गदर्शन की वजह से ही आज आरएएस, प्रिंसीपल, लेक्चरर, अध्यापक, सेना व पुलिस आदि सेवाओं में देश के हर राज्य में अपनी सेवा दे रहे हैं। 

राठौड़ का शिक्षा के प्रति यह लगाव आज भी जारी है। जिसका नजारा भी आज उनके संबोधन में देखने के मिला। राठौड़ ने कहा कि वर्तमान युग में अशिक्षित व्यक्ति अपाहिज व्यक्ति के सम्मान है। अभावों में जीवनयापन करते हुए भी हमें अपने अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए। उन्होंने इस मौके पर अपने सेवाभावी आचरण व शिक्षाप्रेम के अनुरूप ही आज उन्होंने विद्यालय विकास के लिए 21000 रूपये नगद प्रदान किये तथा छात्राओं को प्रोत्साहन के लिए 5100 रूपये अलग से दिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मेरे शिक्षक जीवन की कर्मस्थली रहे तिहावली गांव में जब भी तथा जिस भी रूप में मेरी जरूरत होगी मैं वहां हाजिर रहूंगा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने पर शिक्षाविद् इन्द्रसिंह राठौड़ का माल्यार्पण कर, साफा व शॉल ओढ़ाकर गर्मजोशी व आत्मीयता से सम्मान किया।

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