Third Wave के लिए Infant Hospitals का किया जा रहा है सुदृढी़करण, Oxygen के मामले में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास तेज

Third Wave के लिए Infant Hospitals का किया जा रहा है सुदृढी़करण, Oxygen के मामले में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास तेज

Third Wave के लिए Infant Hospitals का किया जा रहा है सुदृढी़करण, Oxygen के मामले में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास तेज

जयपुर: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष (Rajasthan Assembly Speaker) और नाथद्वारा विधायक डॉ. सी.पी जोशी (Nathdwara MLA Dr. CP Joshi) ने कहा कि राज्य सरकार के बेहतरीन प्रबंधन से प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आ रही है. उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए सरकार और विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं.

राजसमंद जिले में स्वास्थ्य विभाग ने करवाई बेहतर सुविधाएं मुहैया:
जोशी बुधवार को राजसमंद जिले में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) द्वारा तैयार 330 बेड डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर (330 Bed Dedicated Covid Care Center), दरीबा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), नेड़च के नवनिर्मित भवन के वर्चुअल लोकार्पण (Virtual Launch) कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश सहित राजसंमद जिले में विभाग द्वारा बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई, जिससे कोरोना संक्रमितों को उपचार के दौरान अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

शिशु अस्पतालों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Medical Minister Dr. Raghu Sharma) ने कहा कि सितंबर माह में संभावित कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए प्रदेश के सभी नीकू, पीकू, SNCU तथा मातृ शिशु अस्पतालों (Niku, Piku, SNCU and Maternal Child Hospitals) के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है. वहीं लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट (Liquid Oxygen Plant) या ऑक्सीजन उत्पादन के मामले में भी आत्मनिर्भर बनने के प्रयास किए जा रहे हैं.

सीएचसीज को सुदृढ़ किया जा रहा है: रघू शर्मा
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान आमजन को अपने आसपास के क्षेत्रों या स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी 350 से ज्यादा CHS को सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इन CHS को ए, बी और सी श्रेणी में रखते हुए इनमें ICU बैड, सेंट्रलाइज ऑक्सीजन पाइप (Centralize Oxygen Pipe), ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, कोरोना के उपचार में काम आने वाली जरूरी दवाओं (Oxygen Cylinder, Oxygen Concentrator, Essential Drugs) की उपलब्धता भी सुनिश्चित करवाई जाएगी.

आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ साथ मैनपावर की कमी को भी दूर करने की कोशिश:
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले डेढ साल में विभाग द्वारा चिकित्सा संस्थानों (Medical Institutions) के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही संस्थानों में मैनपावर की कमी को भी दूर करने की कोशिश की है. उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग 3500 चिकित्सक, 12,500 ANM, GNM , 7800 से ज्यादा CHO औररेडियोग्राफर्स एवं लैब टेक्नीशियन (Radiographers & Lab Technicians) की भर्ती की गई है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में 6 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टाफ की भी भर्ती प्रक्रियाधीन है.

प्रदेश में कोरोना के प्रबंधन में बेहतरीन कार्य हुआ: 
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के प्रबंधन में बेहतरीन कार्य हुआ है. प्रदेश के भीलवाड़ा और रामगंज मॉडल (Bhilwara and Ramganj Model) देश भर में सुर्खियां बने. पहली लहर में जहां एक दिन में अधिकतम 3200 केसेज आए वहीं दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक रही. एक दिन में 18 हजार से ज्यादा केसेज दर्ज किए गए. ऑक्सीजन की सप्लाई को केंद्र सरकार ने नियंत्रण द्वारा नियंत्रण में लिया गया. ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के बावजूद राज्य सरकार के बेहतरीन प्रबंधन के चलते इसकी कहीं कमी नहीं आने दी गई. उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन की कमी नहीं रहने दी जाएगी.

विभाग ने मरीजों को गुणवत्तायुक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए:
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि सहकारिता मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना (Cooperation Minister and District Incharge Minister Udayalal Anjana) ने कहा कि प्रदेश सहित राजसमंद जिले में कोरोना काल (Corona Period) में चिकित्सा व्यवस्थाएं बेहतर रहीं. स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने मरीजों को गुणवत्तायुक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं.

     
 

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