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लाॅकडाउन में शिक्षकों की अभिनव पहल, ऑनलाइन कक्षाओं से विद्यार्थियों को दे रहे लाभ

लाॅकडाउन में शिक्षकों की अभिनव पहल, ऑनलाइन कक्षाओं से विद्यार्थियों को दे रहे लाभ

बौंली(सवाईमाधोपुर): लाॅकडाउन की वजह से स्कूल काॅलेज बंद होने के बाद शिक्षकों की अभिनव पहल बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है. उपखंड मुख्यालय के शिक्षक भगवान सिंह गुर्जर ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों को पढाई करवा रहे हैं. 

दसवीं क्लास के बच्चों को पढ़ा रहे हैं गणित:
भगवान सिंह यूट्यूब चैनल के माध्यम से दसवीं क्लास के बच्चों को गणित विषय पढ़ा रहे हैं. जिसका फायदा प्रदेश के कई जिले के बच्चे उठा रहे हैं. गुर्जर के अनुसार लॉक डाउन के द्वितीय चरण में प्रोफेसर डॉक्टर धर्म सिंह गुर्जर,अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिल मीणा,पीओ उदय सिंह ने ई क्लास शुरू करने के लिए प्रेरित किया.

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15 मई से होगी ई क्लास शुरू:
जिसके तहत 21 अप्रैल से ई क्लास की यूट्यूब चैनल के माध्यम से शुरुआत की गई. जिसमें विद्यार्थियों को कोविड-19 की सामान्य जानकारी, बचाव, राज्य और केंद्र सरकार के निर्देशों की पालना को लेकर भी प्रेरित किया गया. 30 जून तक गणित विषय दसवीं क्लास को पूरा कर दिया जाएगा एवं ग्रीष्मावकाश में कक्षा 12 के बाद कैरियर काउंसिल कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए कैरियर निर्माण को लेकर भी 15 मई से ई क्लास शुरू की जाएगी.

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जयपुर: डॉ. भीमराव आम्बेडर विधि विश्वविद्यालय में कुलपति देव स्वरूप की निुयक्ति का मामला हाईकोट्र पहुंच गया है. कुलपति की निुयक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हुए हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव, विवि के कुलाधिपति, बार काउंसिल आफ इंडिया के सचिव, बीसीआर सचिव और कुलपति देव स्वरूप को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 

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जस्टिस गोवर्धन बारधार और जस्टिस सीके सोनगरा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रोफेसर केबी अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सुनील समदड़िया ने वीडियो कॉलिंग के जरिए पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि देव स्वरूप को 27 फरवरी 2020 को भीमराव आम्बेडर विधि विश्वविद्यालय का वीसी नियुक्त किया गया है. याचिका में विवि के अधिनियम की धारा 11(2) और धारा 11(17) के प्रावधानों को चुनौती देते हुए कहा गया कि धारा 11(2) के तहत किसी भी एकेडमिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को विवि का वीसी नियुक्त करना गलत है. जबकि कुलपति देवस्वरूप का शैक्षणिक बैकग्राउंड कानून का नहीं रहा है.

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याचिका में कहा गया कि देश की सभी नेशनल लॉ युनिवर्सिटीज में वीसी लॉ प्रोफेसर या एक्सपर्ट ही बन सकता है. यहां तक की इनमें कुलपति वहां के राज्यपाल ना होकर संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होते हैं. याचिका में कहा गया कि धारा 11(17) के तहत चांसलर राज्य सरकार के परामर्श के बाद बिना तय प्रक्रिया अपनाए विवि के पहले वीसी के तौर पर किसी भी व्यक्ति को नियुक्ति दे सकते हैं. बहस सुनने के बाद अदालत ने राज्य सरकार सहित सभी को नोटिस जारी किये है. 

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जयपुर: उच्च शिक्षा में परीक्षा आयोजन को लेकर सरकार के निर्देश के बाद राजस्थान विश्व विद्यालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. 2 जून को सरकार ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजन के निर्देश दिए हैं तो वहीं राविवि कुलपति आरके कोठारी ने परीक्षा नियंत्रक सहित कमेटी के साथ बैठक कर परीक्षाओं को आयोजन को लेकर कवायद शुरू कर दी है. 

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20 नये परीक्षा केंद्रों को भी चिन्हित कर लिया गया:
राजस्थान विश्व विद्यालय में यूजी फाइनल, पीजी फाइनल और सेमेस्टर फाइनल की परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हो जाएंगी. राविवि ने करीब 160 परीक्षा केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से सही पाया है. साथ ही 20 नये परीक्षा केन्द्रों को भी चिन्हित कर लिया गया. जल्द ही राविवि टीम इन सेंटरों का दौरा करेगी और टीम की हरी झंडी के बाद सेंटर्स को फाइनल किया जाएगा. परीक्षा से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रिनिंग की जाएगी तो वहीं फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही हर परीक्षा के बाद सेंटर को सेनेटाइज किया जाएगा. 

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सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा: 
कुलपति आरके कोठारी ने कहा की सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी. साथ ही यूजी, पीजी और सेमेस्टर में फाइनल के अलावा सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा और परिस्थितियां अनुकुल होने पर अगस्त में इनकी परीक्षा आयोजित हो सकती है. साथ ही कुलपति आरके कोठारी ने बताया कि सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा. स्वयंपाठी विद्यार्थियों का औसत परिणाम बहुत कम रहता है. ऐसे में उनको प्रमोट करना संभव नहीं है. ऐसे में जब भी परिस्थितियां अनुकुल होगी तब इनकी परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा. 

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अजमेर: जिले के नामचीन माहेश्वरी पब्लिक स्कूल ने कोविड-19 के नियमों को ताक में रखते हुए और सरकार के आदेशों की अवहेलना करते हुए आज स्कूल खोल करके 9वीं और 11 वीं कक्षा के छात्रों की पूरक परीक्षा का आयोजन कर दिया. मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आया और स्कूल पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया. वहीं परीक्षाओं को बीच में उठा कर सभी छात्रों को पुनः घर की तरफ रवाना कर दिया. अब मामले की पड़ताल जारी है. 

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मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया: 
अजमेर जिले में कोरोना का प्रकोप अभी भी जारी है और शहरवासियों में इसका खौफ अभी भी देखने को मिल रहा है. लेकिन अजमेर का एक जाना माना नामचीन माहेश्वरी पब्लिक स्कूल इससे डर नहीं रहा ना ही उसे अपने स्कूल के विद्यार्थियों की जान माल के खतरे का डर सताता है. क्योंकि आज उसने कोविड-19 के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 9वी और 11वीं कक्षा के छात्रों की पूरक परीक्षा का आयोजन करवा दिया. मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल परिसर पर पहुंचे. वहीं मौके पर क्रिस्चनगंज थाना पुलिस को भी बुलाया गया. जब अधिकारी वहां पर पहुचे तो स्कूल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत बच्चों की परीक्षा रुकवा कर कक्षों से बाहर निकाल दिया गया और घरों की तरफ रवाना कर दिया. जब फर्स्ट इंडिया की टीम के द्वारा स्कूल प्राचार्य से बात करने को कोशिश की तो प्राचार्य ने कहा अभिभावकों के दबाव के चलते हमें यह परीक्षा करवानी पड़ी है और हमारे पास इस परीक्षा को करवाने की अनुमति भी है. लेकिन सोचने वाली बात यह है कि एक इतने बड़े स्कूल के प्राचार्य को झूठ बोलना कितना शोभा देता है.

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शिक्षा अधिकारी के द्वारा जांच टीम गठित: 
वहीं अभी तक सरकार के द्वारा स्कूलों को खोलने की अनुमति नहीं दी गयी है उसके बाबजूद अजमेर का एक नामचीन स्कूल अपने ही दम पर स्कूल को खोलकर परीक्षा आयोजित करवा लेता है. यह विषय सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है. वहीं शिक्षा अधिकारी के द्वारा जांच टीम गठित करके पड़ताल शुरू कर दी है. अगर प्रशासन स्कूल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाता है तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. देखना अब यह होगा कि बच्चों की जान को खतरे में डालने पर स्कूल प्रशासन पर अब किस तरह की कार्यवाही की जाती है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए अजमेर से शुभम जैन की रिपोर्ट

UP: 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी. हाईकोर्ट ने सरकार को परीक्षा की उत्तर-कुंजी जारी करने की छूट दी है. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी.

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क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का:  
हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से कहा गया कि किसी परीक्षा के लिए क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का है. इसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती. साथ ही कहा कि छह जनवरी 2019 को हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजक परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी थी. यह एक क्वालिफाइंग परीक्षा थी, इसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया तैयार की जानी थी. यह भी साफ किया कि अभी तक इस परीक्षा के आधार पर कोई भर्ती नहीं की गई है.

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यूजीसी करेगी आपत्तियों का निस्तारण: 
याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को यूपी सरकार यूजीसी को भेजेगी और यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी. गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी. सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल मे जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी.


 

RSS के लघु उद्योग भारती की अनुकरणीय पहल, घर के नजदीक मिलेगा रोजगार

RSS के लघु उद्योग भारती की अनुकरणीय पहल, घर के नजदीक मिलेगा रोजगार

जयपुर: दो वक्त की रोटी के लिए घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर मजदूरी करने वाले श्रमिक कोरोना काल में अपने गृह राज्यों में वापस तो लौट चुके हैं. लेकिन अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. लॉकडाउन में उद्योग-धंधे बंद होने से दिहाड़ी मजदूरों के लिए खड़ी हुई इस विकट समस्या के समाधान की दिशा में लघु उद्योग भारती ने एक अनूठा प्रयास शुरू किया है. 

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एलयूबी नेशनल डॉट कॉम नामक पोर्टल लॉन्च किया:  
लघु उद्योग भारती ने एलयूबी नेशनल डॉट कॉम नामक पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल पर बेरोजगार लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. जिनकी योग्यतानुसार स्क्रूटनी के बाद सम्बंधित क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा. 

रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य: 
पोर्टल का शुभारम्भ मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी मित्तल ने आर एस एस के सेवा सदन में किया. डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में बड़ी तादात में लोग बेरोजगार हो चुके हैं. रोजगार के अभाव में अनेकों परिवारों को भरण-पोषण बहुत मुश्किल हो गया है. ऐसे में समाज के लोग रोजगारयुक्त हों इसका हरसंभव प्रयास करना सेवा भाव से हम सबकी जिम्मेदारी बनती है. इसके लिए लघु उद्योग भारती ने पोर्टल व मोबाइल एप लॉन्च कर बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य शुरू किया है.

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मोबाइल या ई-मित्र से आवेदन किया जा सकता है:
इस दौरान संघ के अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख दुर्गादास, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, सेवा प्रमुख शिवलहरी समेत कई कार्यकर्ता दो गज दूरी का पालन करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए. लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम ओझा ने बताया कि पोर्टल पर नौकरी, नौकरी देने वाला व स्वरोजगार नाम से तीन श्रेणियां बनाई गई हैं. इनमें मोबाइल या ई-मित्र से आवेदन किया जा सकता  है. आवेदनों की जांच के बाद उन्हें रोजगार देने के लिए सम्बंधित उद्योगों में भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि पोर्टल व एप के माध्यम से कुशल, अकुशल व तकनीकी जानकार लोगों को उनके गृह क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा. विभिन्न राज्यों से आ रहे प्रवासी उद्यमी अपने क्षेत्र में ही कोई छोटा मोटा व्यवसाय करना चाहेंगे तो उन्हें स्टार्ट अप में मदद मिलेगी. वहीं उद्यमियों को उनकी मांग के अनुरूप कारीगर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्राइवर, हैल्पर, मशीन ऑपरेटर, फोरमैन, बाबू, कैटर्स आदि मिल सकेंगे तो इस तरह की श्रेणी के लोगों को अपने घर के आसपास काम मिल सकेगा. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए एश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

राजस्थान में होमगार्ड भर्ती की खुली राह, अब 10 जून से फॉर्म भर सकते हैं अभ्यर्थी

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जयपुर: प्रदेश में 2500 स्वयंसेवक (volunteer) सहित स्थाई होमगार्ड (home guard) भर्ती की राह खुल गई है. अब अभ्यर्थी 10 जून से 9 जुलाई तक फॉर्म भर सकते हैं. पहले भी विभाग ने विज्ञप्ति जारी की थी लेकिन लॉकडाउन के चलते रोक लग गई थी. ऐसे में अब भर्ती की राह खुलने से अभ्यर्थी उत्साहित नजर आ रहे हैं. 

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इसके लिए विभाग में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. इसके अलावा होमगार्ड (home guard) के स्थाई पदों को भरा जाएगा. ताकि गृह रक्षा विभाग (home guards) में स्टाफ की कमी नहीं रहे. अस्थाई होमगार्ड के कल्याण के लिए भी विभाग ने नवाचार किया है. 

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ऐसे होमगार्ड जिनकी आयु 55 वर्ष हो चुकी है वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (retirement) ले सकते हैं. उनके पुनर्वास और कल्याण (welfare) के लिए 1.50 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. इससे वे व्यापार या आजीविका का कोई साधन तैयार कर सकेंगे. 
 

आरपीएससी सचिव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा को हाईकोर्ट का नोटिस

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 की उत्तर कुंजी जारी नहीं करने और कटऑफ मार्क्स नहीं बताने पर आरपीएससी सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. जस्टिस एस पी शर्मा की एकलपीठ ने शंकरलाल व अन्य की ओर से दायर याचिका पर ये आदेश दिये है. अदातल ने नोटिस जारी कर 9 जून तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.

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अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया: 
आरपीएससी की ओर से एडवोकेट आरपी सैनी ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने वर्ष 2018 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. भर्ती परीक्षा के बाद दो गुणा अभ्यर्थियों की अस्थायी चयन सूची में याचिकाकर्ताओं का नाम भी शामिल था लेकिन फरवरी 2020 में जारी किये गये अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया. आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी किए जाने के तीन महीने बाद भी भर्ती परीक्षा की उत्तरकुंजी और कटआर्फ मार्क्स की जानकारी नही दी जा रही है. 

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जयपुर: कोरोना महामारी के बची मार्च माह में स्थगित की गयी 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ओर अधिक समय के लिए स्थगित करने से राजस्थान हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है. पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश् इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिये है कि वो केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी कि गयी गाईडलाईन की सख्ती से पालना कराते हुए परीक्षाओं का आयोजन कराये. गौरतलब है एडवोकेट पूनमचंद भण्डारी ने पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर करते हुए राज्य में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के चलते आरबीएसई और सीबीएसई की 10 और 12 वी की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने की गुहार लगायी थी. याचिका में कहा गया कि प्रदेशभर में अगर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराई जाती है तो इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा. संस्था की ओर से अधिवक्तता पूनमचंद भंडारी, टीएन शर्मा और अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की.

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25 लाख स्टूडेंट्स और 2 लाख स्टाफ होगा शामिल:
याचिका में कहा गया है कि देशभर में होने वाली इन बोर्ड परीक्षाओं में करीब लाखों लाख स्टूडेंट्स और 3 लाख टीचर्स स्टाफ शामिल होंगे. वहीं राज्य में भी दोनो बोर्ड की परीक्षाओं में बड़ी तादाद में स्टूडेंट और टीचर्स शामिल होगे. इतने लोगों के परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने पर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना संभव नहीं है. इसके अलावा परीक्षा से पूर्व इतने स्टूडेंट्स की जांच भी संभव नहीं है. उनके लिए करीब 80 हजार से ज्यादा वाहनों की जरूरत होगी. परीक्षा के लिए बड़ी मात्रा में पेपर और उत्तर पुस्तिकाओं को सेनेटाइज करना भी संभव नहीं है. ऐसे में परीक्षाओं को रद्द करके स्टूडेंट्स को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाना चाहिए.

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जून माह में होगी बोर्ड परीक्षाएं:
राज्य में माध्यमिक शिक्षा की ओर से 10 वीं और 12वीं की बची हुई बोर्ड परीक्षाएं जून में ही होंगी. शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारीया शुरू कर दी है. शुक्रवार केा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं परीक्षाओं को कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं. सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सेनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता सुनिश्चित की जायेगी.  
 

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