राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी को संविधान से कराएं परिचित 

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी को संविधान से कराएं परिचित 

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार को निजी विश्वविद्यालयों के साथ संवाद किया. राज्यपाल ने राजभवन से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए 11 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अध्यक्षों के साथ संवाद किया. राज्यपाल ने कहा कि हम संविधान के मार्ग निर्देशन पर चलते हैं. संविधान हमारे राष्ट्र का मूल ग्रंथ है. संविधान की जानकारी युवा पीढ़ी को कराना आवश्यक है. इसलिए जरूरी है कि निजी विश्वविद्यालयों में संविधान उद्यान बनाए जाएं.

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शिक्षा कार्यों को  दे रहे हैं ग्लोबल स्वरूप:
इससे युवा संविधान को समझ सकेंगे और उन्हें यह अहसास होगा कि उनका कार्य हिंसा करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी निभाना है. राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 के दौर में युवा निराश नहीं हो, अवसाद में भी नहीं आएं. राज्यपाल ने कहा, प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय शिक्षा में गुणवत्ता को बनाए रखने में जुटे हुए हैं. शिक्षा कार्यों को ग्लोबल स्वरूप दे रहे हैं. शैक्षणिक गतिविधियों को ऑनलाइन संचालित कर रहे हैं और कौशल शिक्षा पर भी जोर दे रहे हैं. निजी विश्वविद्यालयों के द्वारा किए जा रहे यह सभी प्रयास सराहनीय हैं.

सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में निभानी होगी सक्रिय भूमिका:
निजी विश्वविद्यालयों से आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी. कोविड-19 आपदा को एक लर्निंग अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए. छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा हेतु दी जाने वाली सुविधाओं पर विचार किया जाए. संवाद में वनस्थली विद्यापीठ, बिट्स पिलानी, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, ज्योति विद्यापीठ वुमन यूनिवर्सिटी, मेवाड़ यूनिवर्सिटी, एनआईआईटी यूनिवर्सिटी, इक्फाई यूनिवर्सिटी, जेईसीआरसी, अपेक्स और भारतीय स्किल डेवलपमेंट विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि शामिल हुए. 

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