महान स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर जानिए उनसे जुड़े रोचक तथ्य

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/11 11:44

नई दिल्ली: ब्रिटिश हुकुमत से लोहा लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया. भारत मां के सपूत राम प्रसाद बिस्मिल हंसते- हंसते देश के लिए बलिदान हो गए. उन्होंने ऐतिहासिक काकोरी कांड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

उनका जन्म 11 जून 1897 को शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था. उन्होंने अपने पिता से हिंदी सीखी और उर्दू सीखने के लिए उनको एक मौलवी के पास भेजा गया था. मंगलवार को उनकी जयंति के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़, एमपी के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट पर बिस्मिल को याद किया.

तो चलिए आपको उनसे जुड़ी कुछ और रोचक बातें बताते हैं------

काकोरी कांड
बिस्मिल ने अपने देशभक्त साथियों के साथ मिलकर 9 अगस्त, 1925 को लखनऊ के काकोरी नामक स्थान पर रेलगाड़ी से ले जाए जा रहे खजाने को लूट लिया.
इस घटना को अशफाकउल्ला, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी, सचींद्र सान्याल और रामप्रसाद बिस्मिल ने अंजाम दिया. इस घटना के बाद बिस्मिल को गिरफ्तार कर लिया गया. फिर उन पर मुकदमा चला और 19 दिसंबर, 1927 को गोरखपुर की जेल में उन्हें फांसी दे दी गई.

जेल में रहकर लिखी आत्मकथा
जेल में रहकर बिस्मिल ने कई क्रांतिवीरों के जीवन पर पुस्तकें लिखी। उन्होंने आत्मकथा भी लिखी जिसे उन्होंने अपनी फांसी के तीन दिन पहले तक लिखा.
200 पन्नों की इस आत्मकथा में उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की पोल खोली थी. इसी वजह से पुस्तक का प्रसार अंग्रेजों ने बैन कर दिया. बिस्मिल के इस बलिदान ने पूरे हिन्दुस्तान के हृदय को हिलाकर रख दिया. आज भी लोग इनके जज़्बे को सलाम करते हैं.

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