अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकारों ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/09/20 12:19

रामदेवरा (जैसलमेर)। जग विख्यात बाबा रामदेव के अंतर प्रांतीय बाबा रामदेव जी के 634वां भादवा मेले के अवसर पर मेला चौक स्थित ग्राम पंचायत रामदेवरा के रंगमंच पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। जैसलमेर,बाड़मेर ,बीकानेर, गडरा, पोकरण के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकारों द्वारा बाबा के भजन, लोक नृत्यों, मनोहारी एवं शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। जिससे उपस्थित दर्शक श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज बाड़मेर जिले के रजनीकांत शर्मा द्वारा प्रस्तुत 'गणेश वंदना' और जैसलमेर के सुप्रसिद्व लोक भजनगायक राजेन्द्र रंगा 'रुणझूण बाजे घूघरा....' बाबा के भजन गायन से इस सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर रजनीकांत शर्मा ने बाबा के लोकप्रिय भजन 'खम्मा-खम्मा ओ म्हारा रुणैचा रा धणिया' और 'पैदल चालता-चालता आओ बाबो भली करसे' भजन ने मेला मैदान को भक्ति रस में डूबो दिया। मेला मैदान में हजारों की तादाद में मौजूद श्रद्धालुगण झूम उठे।

सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण का केन्द्र स्वर्ण नगरी जैसलमेर की बिजली के नाम से सुविख्यात लोक कलाकार अन्नू सोलंकी और केला के घूटना चकरी, भवाई नृत्य तथा पल्लो पटके लोकनृत्य और रामगढ़ के उदाराम मेगवाल का 'तराजू अग्नि नृत्य' रहा। इन कलाकारों के हैरतअंगेज प्रस्तुतियों को देख कर दर्शकगण भाव विभोर हो गये। इसी प्रकार सात समंदर पार अपनी कला साधना की महक बिखेर चुके मूलसागर निवासी तगाराम भील के अलगौंजा वादन के माध्यम से विभिन्न सुमधुर लोक धुनों व सवाईखां के मौरचंग की वाद्य संगीत की अनूठी प्रस्तुती ने दर्शकों को तालिया बजाने पर मजबूर कर दिया।

बीकानेर जिले के ख्यातनाम लोक कलाकार आशीश ,रमेश और केला के परम्परागत वेषभूषा में सामूहिक एकल लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति ने भी समा बांध दिया। जिले के ख्याति अर्जित मांगणिहार लोक कलाकारों बाबूखां, सज्जनखां, निहालखां, रहीशखां, खेतेखां सच्चू खां, सवाईखां,बाबूखां गडरा ने द्वारा संयुक्त रुप से अपने सुरीले व ऊंचे स्वरों में मरुधरा का सुप्रसिद्व लोकगीत 'डोरो', 'केसरिया बालम आओ नी,पधारो म्हारे देश', जहाज बाई ने जोवण दे लोकगीत, वाद्यसंगीत के कार्यक्रम पेश कर दर्शकों की वाहवाही लूटी।

पोकरण के प्रसिद्ध लोक कलाकार रेंवताराम एण्ड पार्टी ने 'मां मन्हे घौड़लीयो मंगवा दे कच्छी घोड़ी' लोक नृत्य पेश कर पूरा मेला चौक दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के दौरान लोकवाद्य हॉरमोनियम पर खेमचंद वैष्णव, ढोल/चाप पर इमामखां तथा ढोलक पर अमामखां तथा खेतेखां, बाबूखां, सवाईखां इत्यादि ने ढोलक एवं खड़ताल पर बड़ी बेखूबी के साथ दिया।

इस सांस्कृतिक संध्या के दौरान सुश्री कविता रंगा ने 'छोटी सी उमर में मन्हें क्यूं परनाई भाभोसा' गीत प्रस्तुत कर ’बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ का संदेश दिया। इसके साथ ही सुनीता चौधरी द्वारा बाबे का शानदार ढंग से भजन पेश किया गया। वहीं मारवाड़ लोक कला मण्डल नागौर व मरुराज लोक कलाकारों ने भी बाबा रामसापीर के प्रख्यात लोक भजन प्रस्तुतियों के साथ अपने-अपने पारम्परिक लोकनृत्य, संगीत के बेहतरीन ढंग से कार्यक्रम पेश कर एड्स रोग के बचाव एवं उसके उपायों के प्रति जागरुक रहने का संदेश दिया।

रामदेवरा आए सभी लोक कलाकारों ने सामूहिक रुप से 'दमादम मस्त कलंदर' सूफीया कलाम की जुगलबंदी प्रस्तुति देकर मेलार्थियों को आनन्दित सा कर दिया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में पी.आर.ओ. विभाग के वरिष्ठ सहायक ओमपंवार और मारवाड़, लोक कला मण्डल के दल प्रभारी सत्यनारायण शर्मा व उनकी सहयोगी टीम का विशेष योगदान रहा।

रामदेवरा से संवाददाता से राजेन्द्र सोनी की खबर 

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