Mumbai जर्सी रिव्यू - क्या शाहिद कपूर की फिल्म जर्सी है दमदार ?

जर्सी रिव्यू - क्या शाहिद कपूर की फिल्म जर्सी है दमदार ?

जर्सी रिव्यू - क्या शाहिद कपूर की फिल्म जर्सी है दमदार ?

मुंबई : साल 2019 में आई फिल्म कबीर सिंह जिसने शाहिद कपूर के डूबते हुए करियर को संभाला इस फिल्म को ऑडियंस ने काफी पसंद किया और ये फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी की.  इसी फार्मूला को अपनाते हुए शाहिद अब दुबारा से साउथ इंडियन फिल्म जर्सी का हिंदी रिमेक लेकर आए हैं.  लेकिन क्या ये फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी और क्या यह फिल्म साउथ की फिल्म जर्सी जितनी शानदार है आइए जानते हैं

फिल्म की कहानी लिखी गई है एक शानदार रणजी ट्रॉफी प्लेयर अर्जुन तलवार (शाहिद कपूर) के आसपास जिसका सपना है इंडियन क्रिकेट टीम में खेलने का लेकिन किसी कारणवश वो 26 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ देते हैं

जिसके बाद उनकी पत्नी विद्या (मृणाल ठाकुर) अर्जुन की सरकारी नौकरी लगवाती हैं पर वहां भी झूठे आरोप के चलते उन पर केस हो जाता है और नौकरी चले जाती है . अब बेरोजगार अर्जुन के पास ना खुद के पैसे हैं और ना ही कोई काम जिसके बाद जब एक दिन अर्जुन का बेटा किट्टू अपने जन्मदिन के गिफ्ट के तौर पर जर्सी की मांग करता है और अर्जुन के पास अपने बेटे को जर्सी देने के लिए 500 रुपए तक नहीं होते है.

अब ऐसे में पैसों के मारे अर्जुन दोबारा से क्रिकेट के उसी पिच पर लौटते हैं पर क्या इस बार अर्जुन 36 साल की उम्र में क्रिकेट खेल पाएंगे और क्या वह सिर्फ अपने बेटे के लिए जर्सी कमाने ही नहीं बल्कि खुद के लिए इंडियन क्रिकेट टीम में जगह भी बना पाएंगे ये जानने के लिए आपको फिल्म जर्सी देखनी होगी.

फिल्म का निर्देशन किया है गौतम ने जिन्होंने साउथ की फिल्म का भी निर्देशन किया था. रीमेक में उनकी मेहनत साफ दिख रही है. इस फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अनिरुद्ध रविचंद्र ने दिया है वहीं इस फिल्म में सचेत और परंपरा की आवाज एक फ्रेशनेस लाती है.

फिल्म में पंकज कपूर जो कि एक कोच की भूमिका निभा रहे हैं उनका किरदार काफी अच्छा है हालांकि फिल्म में बाप बेटे का इमोशनल बॉन्ड ही एक अच्छा एलिमेंट है. अर्जुन और उनके बेटे किट्टू का इमोशनल बॉन्ड काफी अच्छी तरह से दिखाया गया है. जो इस फिल्म का प्लस प्वाइंट बनता है.

इंटरवल के पहले फिल्म काफी स्लो है और कहीं-कहीं शाहिद का कबीर सिंह वाला अवतार भी देखने को मिलता है. वहीं दूसरे भाग में फिल्म की कहानी थोड़ी इंटरेस्टिंग होती है. कहानी काफी प्रेडिक्टेबल है और आप फिल्म देखते देखते ये अंदाजा लगा सकते हैं कि आगे क्या हो सकता हैं. फिल्म काफी स्लो है और इस फिल्म में कोई ऐसे बड़े डायलॉग नहीं है जो कि दर्शकों को याद रहेंगे.

अगर आप शाहिद के फैन हैं तो आप इस फिल्म को जरूर सिनेमाघरों में जा कर देखिए क्योंकि काफी समय के बाद शाहिद बड़े पर्दे पर फिल्म लेकर आए हैं.  वहीं अगर कुछ नया देखने की उम्मीद से जा रहे हैं तो इस फिल्म के ओटीटी पर रिलीज होने का इंतजार कर सकते हैं और अपने पैसे किसी दूसरी फिल्म के लिए बचा सकते हैं.

फर्स्ट इंडिया फिल्मी की तरफ से शाहिद की फिल्म जर्सी को 3 स्टार.

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