पुणे, महाराष्ट्र JITO Connect 2022: वैश्विक शांति और चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही- PM मोदी

JITO Connect 2022: वैश्विक शांति और चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही- PM मोदी

JITO Connect 2022: वैश्विक शांति और चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही- PM मोदी

पुणे(महाराष्ट्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक शांति हो या समृद्धि या फिर वैश्विक चुनौतियों से जुड़े समाधान आज दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही है और भारत भी वैश्विक कल्याण के एक बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन के ‘‘जीतो कनेक्ट 2022’’ (JITO Connect 2022) के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि आजादी के 75 साल का जश्न मनाने के बीच भारतीयों को विदेशी वस्तुओं का गुलाम नहीं बनना चाहिए.

तीन यूरोपीय देशों की अपनी तीन दिवसीय यात्रा का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने इस दौरान भारत के सामर्थ्य, संकल्पों तथा अवसरों के संबंध में काफी लोगों से चर्चा की. उन्होंने कहा कि जिस तरह की आशा और विश्वास आज भारत के प्रति खुलकर सामने आ रहा है, ये आप सब भी अनुभव करते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के विकास के संकल्पों को दुनिया अपने लक्ष्यों की प्राप्ति का माध्यम मान रही है.

दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही:
उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति या वैश्विक समृद्धि, वैश्विक चुनौतियों से जुड़े समाधान हों या फिर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का सशक्तीकरण हो, दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही है. विशेषज्ञता का क्षेत्र हो या फिर चिंता वाले, चाहे जो भी हों, विचारों में चाहे जितनी भी भिन्नता हो लेकिन नए भारत का उदय सभी को जोड़ता है. उन्होंने कहा कि आज सभी को लगता है कि भारत अब संभावनाओं और क्षमता से आगे बढ़कर वैश्विक कल्याण के एक बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है.

भविष्य का भारत का रास्ता और मंज़िल दोनों स्पष्ट:
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि भविष्य का भारत का रास्ता और मंज़िल दोनों स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत हमारा रास्ता भी है और संकल्प भी. बीते सालों में हमने इसके लिए हर ज़रूरी माहौल बनाने के लिए निरंतर परिश्रम किया है. सोर्स- भाषा 

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