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जेपी नड्डा ने किया तमाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों से संवाद, सतीश पूनिया ने रखी राजस्थान को लेकर अपनी बात

जेपी नड्डा ने किया तमाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों से संवाद, सतीश पूनिया ने रखी राजस्थान को लेकर अपनी बात

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी कल से देशभर में प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों के लिए सेवा कार्यो को एक अभियान ले रूप में शुरू करेगी. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने देशभर में बिना वाहन के पैदल ही अपने अपने घरों को जाने वाले मजदूरों के लिए संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भाजपा के तमाम प्रदेश अध्यक्षों से आह्वान किया है कि ऐसे लोगों की सेवा कार्यों में और अधिक तेजी लाई जाए. 

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रणनीति को लेकर तमाम पदाधिकारियों को दिया टास्क:
राजस्थान में भी भारतीय जनता पार्टी कल से एक अभियान चलाकर ऐसे श्रमिक और मजदूरों के लिए चरण पादुका से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित करेगी. तो दूसरी तरफ उनके लिए विभिन्न स्थानों पर अस्थाई रूप से विश्राम की भी व्यवस्था होगी और भोजन और चिकित्सकीय सेवाओं के कार्य भी करवाए जाएंगे. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इसी कार्यक्रम की रणनीति को लेकर तमाम पदाधिकारियों को टास्क भी दे दिया है.

भाजपा के तमाम प्रदेश अध्यक्षों का संवाद:
सोमवार सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ भाजपा के तमाम प्रदेश अध्यक्षों का संवाद हुआ. इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी राजस्थान को लेकर अपनी बात रखी. इस दौरान राजस्थान के भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा चल रहे सेवा कार्यों को लेकर जेपी नड्डा ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए सभी का धन्यवाद जताया.

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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अहमदाबाद: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के दिग्गज नेता केशुभाई पटेल का आज निधन हो गया है. गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. केशुभाई पटेल की उम्र 92 साल थी. केशुभाई पटेल ने साल 2014 में राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी. बीते महीने केशुभाई कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. केशुभाई हाल ही में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए थे.

दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था: 
केशु भाई पटेल ने दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था. उन्होंने पहली बार साल 1995 में गुजरात का सीएम पद संभाला था. इसके बाद वह 1998 से साल 2001 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए. वह छह बार राज्य में विधानसभा चुनाव जीते. केशु भाई पटेल ने साल 2012 में बीजेपी छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी 'गुजरात परिवर्तन पार्टी' बनाई थी.

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जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे:
1960 के करीब अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ से करने वाले पटेल इसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे. साल 1975 में जनसंघ-कांग्रेस ओ की गठबंधन वाली सरकार चुनी गई थी. इमरजेंसी के बाद लोकसभा पहुंचे पटेल ने इस्तीफा देकर साल 1978 से 1980 तक बाबूभाई पटेल की सरकार में कृषि मंत्री थे.

सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया:
केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था.

BSP के 7 बागी विधायक निलंबित, मायावती ने कहा - सपा को हराने के लिए बीजेपी को वोट देना पड़ेगा तो भी देंगे

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने राज्यसभा चुनाव में बगावत करने वाले सात विधायकों को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही मायावती ने कहा कि एमएलसी के चुनाव में बसपा जैसे को तैसा का जवाब देने के लिए पूरी ताकत लगा देगी. बीजेपी को वोट देना पड़ेगा तो भी देंगे.

राज्यसभा चुनावों में हम सपा प्रत्याशियों को बुरी तरह हराएंगे:
मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए सपा से हाथ मिलाया था. लेकिन उनके परिवारिक अंतरकलह के कारण बसपा के साथ गठबंधन कर भी वो ज्यादा लाभ नहीं उठा पाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्यसभा चुनावों में हम सपा प्रत्याशियों को बुरी तरह हराएंगे. इसके लिए हम अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे. इसके लिए अगर हमें भाजपा या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को अपना वोट देना पड़े तो हम वो भी करेंगे.

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इन विधायकों को किया पार्टी से निलंबित:
मायावती ने विधायक असलम राइनी (भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली (ढोलाना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज) , हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), सुषमा पटेल( मुंगरा बादशाहपुर) और वंदना सिंह -( सगड़ी-आजमगढ़) को पार्टी से निलंबित कर दिया है.

सभी बागी विधायक जल्द ही सपा ज्वॉइन कर सकते हैं:
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बसपा के सात विधायक बागी हो गए हैं. माना जा रहा है कि सभी बागी विधायक जल्द ही सपा ज्वॉइन कर सकते हैं. इनकी मुलाकात अखिलेश यादव से हो चुकी है.

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 71 सीटों पर कुल 53.54 प्रतिशत मतदान

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 71 सीटों पर कुल 53.54 प्रतिशत मतदान

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में बुधवार को शाम छह बजे तक 53.54 प्रतिशत मतदान हुआ . मुख्य निर्वाचन अधिकारी एच आर श्रीनिवास ने बुधवार की देर शाम पत्रकारों को बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के अन्तर्गत 71 विधानसभा क्षेत्रों में अनुमानित 53.54 प्रतिशत निर्वाचकों ने वोट डाला. उन्होंने बताया कि 2015 में विगत विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 54.75 रहा था.

बिहार के 16 जिलों-भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई के जिन 71 निर्वाचन क्षेत्रों में बुधवार को मतदान संपन्न हुआ उनमें कहलगांव, सुल्तानगंज, अमरपुर, धौरैया (अ.जा), बॉँका, कटोरिया (अ.ज.जा.), बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, बरबीघा, मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी (अ.जा.), पालीगंज, बिक्रम, संदेश, बड़हरा, आरा, अगिऑव (अ.जा.), तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रहमपुर, बक्सर, डुमरॉव, राजपुर (अ.जा), रामगढ़, मोहनिया (अ.जा.), भभुआ, चैनपुर, चेनारी (अ.जा.), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डिहरी, काराकाट, अरवल, कूर्था, जहानाबाद, घोसी, मखदुमपुर (अ.जा.), गोह, ओबरा, नवीनगर, कृटुम्बा (अजा.), औरंगाबाद, रफीगंज, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज (अ.जा.), बाराचटटी (अ.जा.), बोध गया (अ.जा.),गया टाउन, टिकारी, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज, रजौली (अ.जा.), हिसुआ, नवादा, गोबिन्दपुर, वारसलीगंज, सिकन्दरा (अ.जा.), जमुई, झाझा एवं चकाई शामिल थे.

इस अवसर पर मौजूद अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गया टाउन के भाजपा प्रत्याशी प्रेम कुमार (निवर्तमान कृषि मंत्री) के एक मतदान केंद्र पर पार्टी के निशान की तस्वीर वाला मास्क लगाए और गमझा ओढे एक मतदान केंद्र पर जाने की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ गया जिले के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है . इससे पूर्व प्रेम कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया था कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया बल्कि अनजाने में उनसे यह गलती हो गई. उन्होंने कहा, कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी और मुझे किसी ने इस तरफ ध्यान भी नहीं दिलाया. अधिक व्यस्तता के कारण भाजपा के चुनाव चिन्ह की तस्वीर वाला मास्क पहनकर के मैं वोट देने चला गया था. जितेंद्र ने आज के मतदान को शांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि अबतक प्राप्त सूचना के अनुसार कुल 159 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि 71 विधानसभा क्षेत्रों में आज मतदान के लिए कूल 31371 मतदान केन्द्र 16730 भवनों में थे, जिनमें से 2856 भवन नक्सल प्रभावित क्षेत्र में थे.

बिहार विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में कुल सामान्य निर्वाचकों की संख्या 2,14,06,096 थी जिसमें पुरूषों की संख्या 1,12,76,396, महिलाओं की संख्या 1,01,29101 तथा थर्ड जेंडर की संख्या 599 थी. प्रथम चरण में सेवा निर्वाचकों की कुल संख्या 78,691 थी जिसमें पुरूषों की संख्या 75,358 तथा महिलाओं की संख्या 3333 थी. श्रीनिवास ने बताया कि प्रथम चरण के निर्वाचन में रिसर्व सहित कुल 38,026 कंट्रोल यूनिट, 51,201 बैलेट यूनिट तथा वीवीपैट का उपयोग हुआ है, जिसमें 111 कंट्रोल यूनिट, 90 बैलेट यूनिट तथा 215 वीवीपैट मॉक पोल के दौरान बदले गये हैं. मॉक पोल के उपरांत 77 कंट्रोल यूनिट, 92 बैलेट यूनिट तथा 403 वीवीपैट बदले गये.

उन्होंने प्रथम चरण का चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न कराए जाने के लिए 35 सामान्य प्रेक्षकों की, अभ्यर्थी व्यय अनुश्रवण के लिए 21 प्रेक्षकों, 11 पुलिस प्रेक्षकों एवं 2123 माइक्रो प्रेक्षकों की तैनाती किए जाने के साथ 1708 वीडियो कैमरों का उपयोग किया गया. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती किए जाने के साथ कुल 31,380 मतदान केन्द्रों के लिए 31,380-31,380 सेट इवीएम एवं वीवीपैट का प्रबंध किया गया था.
कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान कर्मियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम)की स्वच्छता, मास्क पहनना, थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर और साबुन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के साथ और अन्य सुरक्षात्मक मापदंडों का पालन सुनिश्चत कराया गया. 
आज जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ उनमें से 35 संवेदनशील अथवा अति संवेदनशील थे. इन विधानसभा क्षेत्रों में से चैनपुर, नबीनगर, कुटुम्बा एवं रफीगंज में तीन बजे, कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढा, मसौढ़ी, पालीगंज, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, औरंगाबाद, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, रजौली, गोबिंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा एवं चकाई में मतदान चार बजे, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोषी एवं मखदूमपुर में शाम पांच बजे ही मतदान समाप्त हो गया था जबकि बाकी अन्य विधानसभा क्षेत्रों शाम छह बजे तक मतदान संपन्न हुआ .
प्रथम चरण के 71 विधान सभा सीटों में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र चैनपुर थी, मतदातावार सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र हिलसा था तथा मतदातावार ही सबसे छोटा क्षेत्र बरबीघा था. इसी तरह प्रथम चरण में गया टाउन विधान सभा क्षेत्र से इस बार सबसे ज्यादा प्रत्याशी (27) तथा कटोरिया से सबसे कम प्रत्याशी (5) मैदान में थे. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 1,066 उम्मीदवारों जिनमें 114 महिला प्रत्याशी शामिल हैं, के किस्मत का फैसला आज इवीएम में कैद हो गया.

प्रमुख राजनीतिक दलों में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू इन 71 सीटों में से 35 पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे उसके बाद सहयोगी भाजपा ने 29 सीट पर जबकि विपक्षी राजद ने 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और 20 विधानसभा क्षेत्रों में उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे थे. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जदयू से नाता तोड़कर लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान इन 71 सीटों में से 41 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में आस्था व्यक्त करते हैं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुखर रहे हैं.
प्रमुख उम्मीदवारों जिनके भाग्य का फैसला आज इवीएम में कैद हो गया उनमें राष्ट्रमंडल खेल में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी सिंह शामिल हैं, जो 27 साल की उम्र में जमुई से भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना भाग्य आजमा रही थी. श्रेयसी सिंह को राजद के विजय प्रकाश यादव के खिलाफ खड़ा किया गया था, जो मौजूदा विधायक हैं, जिनके बड़े भाई जयप्रकाश नारायण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी हैं. राज्य मंत्रिमंडल में शामिल प्रेम कुमार (गया टाउन), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), राम नारायण मंडल (बांका), कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा (जहानाबाद), जयकुमार सिंह (दिनारा) और संतोष कुमार निराला (राजपुर) से पहले चरण के चुनाव में भाग्य इवीएम में आज कैद हो गया. इनमें से वर्मा, सिंह और निराला जदयू के हैं, जबकि शेष भाजपा के हैं. गया जिले की आरक्षित इमामगंज सीट जो औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, से पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी, जो राजग के उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक हैं का एक बार फिर राजद उम्मीदवार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के बीच प्रमुख रूप से टक्कर थी.
सोर्स भाषा

Bihar Election: प्रायोजित रावण वध पर राहुल के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- ये उनकी राजनीतिक औकात दर्शाता है 

Bihar Election: प्रायोजित रावण वध पर राहुल के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- ये उनकी राजनीतिक औकात दर्शाता है 

पटनाः भाजपा ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाये जाने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि प्रायोजित रावण वध पर ऐसा बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की राजनीतिक औकात और उनके स्तर को दर्शाता है जिसे कोई भी गंभीरता से नहीं लेता.

प्रसाद ने कहा- पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरा देश करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मानः
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि देश के एक युवराज (राहुल गांधी) इन दिनों बिहार में घूम रहे हैं और उन्होंने बयान दिया है कि दशहरा पर मोदी और कुछ कारपोरेट लोगों के पुतले जलाये गए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यही स्तर रह गया है. पंजाब में उनकी सरकार है और उनकी राजनीति है. भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करता है और कोरोना काल में जिस तरह से लोगों को 5-5 किलो चावल और गेहूं तथा एक किलो दाल मिली, उसकी सभी ने प्रशंसा की.

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प्रसाद ने कहा ने कहा- उनका यह बयान दर्शाता है कि राहुल गांधी कितने हताश और निराश हो गएः
प्रसाद ने कहा ने कहा कि एक प्रायोजित रावण वध पर राहुल गांधी किस तरह का बयान दे रहे हैं. राहुल गांधी की राजनीतिक औकात इतनी भी नहीं बची कि कोई उन्हें गंभीरता से ले. उन्होंने कहा कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के नेता का यही बोलने का स्तर रह गया है और यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कितने हताश और निराश हो गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी के बारे में इस तरह की बातें बोलते रहे और जिस निम्न स्तर पर उन्होंने अपनी पार्टी को पहुंचा दिया है, उसका 10 नवंबर को बिहार चुनाव परिणाम में भी पता चल जायेगा.

राहुल गांधी ने चुनावी रैलियों में कहा था कि पंजाब में दशहरे पर प्रधानमंत्री और अंबानी, अडाणी के पुतले जलाएः
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में बने कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए बाल्मिकीनगर और दरभंगा में चुनावी रैलियों में कथित तौर पर कहा कि आमतौर पर दशहरे में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन पंजाब में इस बार प्रधानमंत्री और अंबानी, अडाणी के पुतले जलाए गए.  उन्होंने कहा कि इस बार पूरे पंजाब में दशहरे पर रावण नहीं, नरेंद्र मोदी, अंबानी और अडाणी का पुतला जलाया गया. राहुल ने कहा कि ये दुख की बात है, लेकिन ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि किसान परेशान हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिये प्रथम चरण के मतदान का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि जिस तरह उत्साह से लोगों ने वोट डाला, नरेंद्र मोदी की सभा में जिस तरह भीड़ उमड़ी और जिस प्रमाणिकता से प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के फिर मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की, उससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की चट्टानी एकता स्पष्ट होती है.

प्रसाद ने कहा- बड़े बहुमत से बिहार चुनाव में निर्णायक जीत हासिल करने जा रहा है राजगः
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजग बड़े बहुमत से बिहार चुनाव में निर्णायक जीत हासिल करने जा रहा है.  उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने प्रथम चरण में जिस तरह से मतदान किया, उससे स्पष्ट होता है कि राज्य के लोग शांति, विकास और स्थायित्व चाहते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि कोरोना काल में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान पूरा होने पर चुनाव आयोग बधाई के पात्र हैं.
सोर्स भाषा

उत्तराखंड: कांग्रेस ने की भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे की मांग

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देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के एक दिन बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को नैतिक आधार पर उनका इस्तीफा मांगा. उल्लेखनीय है कि रावत के खिलाफ एक पत्रकार द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों की उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

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कांग्रेस ने कहा- मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहींः 
कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा उत्तराखंड में पार्टी मामलों के नवनियुक्त प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ऐसा मुख्यमंत्री, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति का बखान करने से नहीं थकता, उसे (अदालत का) ऐसा (सीबीआई जांच का) आदेश आने के बाद अब एक मिनट भी पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. सिंह ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलने का समय मांगा है जिससे वह उनके सामने इस मुद्दे को रख सके और इस मामले में उनसे दखल देने का अनुरोध कर सके.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीएम से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ने को कहाः
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च न्यायालय के आदेश को 'गंभीर' बताया और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ने को कहा. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुख्यमंत्री को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए, ताकि उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके. रावत ने कहा कि मामले को राज्यपाल के सामने उठाने के अलावा पार्टी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगी. नया दायित्व संभालने के बाद पहली बार राज्य में आए कांग्रेस प्रभारी यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की कथनी और करणी में फर्क है. राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश तथा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे.

उच्च न्यायालय ने पत्रकार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के रद्द करने के दिए थे निर्देशः
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री रावत के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच का मंगलवार को आदेश देते हुए पत्रकार उमेश शर्मा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी थी. गौरतलब है कि शर्मा ने सोशल मीडिया पर डाले गये एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री रावत से व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के लिए झारखंड के अमृतेश चौहान ने एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरेंद्र रावत के बैंक खाते में पैसे जमा कराए. पोस्ट में दावा किया गया था कि हरेंद्र रावत की पत्नी डॉ सविता रावत, मुख्यमंत्री रावत की पत्नी की सगी बहन हैं.
सोर्स भाषा

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर शाम 5 बजे तक 52.24 प्रतिशत मतदान

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर शाम 5 बजे तक 52.24 प्रतिशत मतदान

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों के 71 सीटों पर हो रहे मतदान में शाम 5 बजे तक 52.24 प्रतिशत मतदान हुआ.अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शाम 5 बजे तक 52.24 प्रतिशत मतदाता होने की सूचना प्राप्त हुई है.

दोपहर तीन बजे तक 46.29 प्रतिशत मतदान:
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत प्रदेश के 16 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर अपराह्न तीन बजे तक 46 प्रतिशत से ज्यादा मतदान होने की सूचना प्राप्त हुई है.

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दोपहर एक बजे तक 33.10 प्रतिशत मतदान:
इससे पहले अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि दोपहर एक बजे तक 33.10 प्रतिशत मतदान होने की सूचना दी थी. उन्होंने बताया कि इन विधानसभा क्षेत्रों में से भागलपुर जिला के कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में 37.00 प्रतिशत एवं सुल्तानगंज में 31.65 प्रतिशत, बांका जिला के अमरपुर में 29.03 प्रतिशत, धोरैया में 35.00 प्रतिशत, बांका में 31.07 प्रतिशत, कटोरिया में 35.38 प्रतिशत एवं बेलहर में 35.12 प्रतिशत, मुंगेर जिला के तारापुर में 33.20 प्रतिशत, मुंगेर में 32.25 प्रतिशत एवं जमालपुर में 30.08 प्रतिशत मतदान होने की सूचना है.

BIHAR ELECTION: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाताओं से कहा-आपका हर वोट बिहार को भय, भ्रष्टाचार से दूर रखेगा

BIHAR ELECTION: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाताओं से कहा-आपका हर वोट बिहार को भय, भ्रष्टाचार से दूर रखेगा

नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बिहार के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान की अपील करते हुए कहा कि उनका हर वोट राज्य को भय और भ्रष्टाचार से दूर करेगा तथा उसे विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रखेगा.

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मतदाताओं से की अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपीलः 
उन्होंने ट्वीट किया कि बिहार के प्रथम चरण के सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें. आपका हर वोट बिहार को भय और भ्रष्टाचार से दूर रख विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रखेगा.

71 विधानसभा क्षेत्रों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ मतदानः
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ. पहले चरण के मतदान में करीब दो करोड़, 14 लाख, 84 हजार, 787 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होने हैं. दूसरे और तीसरे चरण का मतदान क्रमश: तीन और सात नवम्बर को होगा. नतीजे 10 नवम्बर को घोषित किए जाएंगे.
सोर्स भाषा
 

बिहार चुनावः पीएम मोदी का विपक्ष पर प्रहार, कहा- जनता के सामने प्रदेश को बीमार करने वाली ताकतों से निपटने की चुनौती

बिहार चुनावः पीएम मोदी का विपक्ष पर प्रहार, कहा- जनता के सामने प्रदेश को बीमार करने वाली ताकतों से निपटने की चुनौती

दरभंगा/मुजफ्फरपुरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में दूसरे चरण के चुनाव के लिये प्रचार के दौरान बुधवार को एक रैली में विपक्षी महागठबंधन पर प्रहार करते हुए उस पर विकास के कोष में हेराफेरी करने और बड़ी-बड़ी बातें करके लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज बिहार के सामने कोरोना वायरस महामारी से निपटने और बिहार को ‘बीमार’ करने वाली ताकतों से निपटने की दोहरी चुनौती है तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में एक-एक वोट जरूरी है.

मोदी का तंज-जिन लोगों ने सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचा, बिहार के एक-एक व्यक्ति के साथ अन्याय कियाः
मोदी ने कहा कि जैसे कोरोना से निपटने के लिये मास्क और दो गज की दूरी जरूरी है, वैसे ही बिहार को बीमार करने वाली ताकतों से निपटने के लिये राजग के पक्ष में एक-एक वोट जरूरी है. दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना में राजग (एनडीए) की चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए मोदी ने बिहार में विपक्षी महागठबंधन के घटक दलों पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, जिन लोगों ने सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचा, बिहार के एक-एक व्यक्ति के साथ अन्याय किया, दलितों-पिछड़ों-वंचितों का हक भी हड़प लिया, क्या वे लोग बिहार की उम्मीदों को समझ पाएंगे?

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तेजस्वी यादव का नाम लिये बिना मोदी ने कहा-जंगलराज के युवराज क्या अपेक्षा कर सकती है जनताः
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता एवं पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव का नाम लिये बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलराज के युवराज से बिहार की जनता पुराने ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर और क्या अपेक्षा कर सकती है? जंगलराज के युवराज से क्या उम्मीद कर सकते हैं कि बिहार आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) का केंद्र बनेगा, या क्या वह आधुनिकता के किसी क्षेत्र में प्रदेश को आगे ले जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये समय बड़ी बातें करने वालों को नहीं, बल्कि जिनके पास अनुभव है, जो बिहार को गहरे अंधेरे से निकालकर यहां लाए हैं, उन्हें दोबारा चुनने का है.

जनता से की विपक्ष से सावधान रहने की अपीलः
मोदी ने कहा कि यह चुनाव आने वाले दशक में, इस सदी में बिहार के भविष्य को तय करेगा. आपका एक वोट यह तय करेगा कि आत्मनिर्भरता का संकल्प लेकर निकले भारत में बिहार की भूमिका क्या होगी? आपका एक वोट तय करेगा कि आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य कितनी तेज़ी से हम पूरा कर पाएंगे. विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अपना काम, अपना कारोबार करने वालों के साथ इन लोगों का जो बर्ताव रहा है, उसे तो बिहार के लोग कभी नहीं भूल सकते. रंगदारी दी तो बचेंगे, नहीं तो किडनैपिंग इंडस्ट्री (अपहरण उद्योग) का कॉपीराइट तो उन लोगों के पास ही है. इसलिए, इनसे सावधान रहना है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों का मंत्र पैसा हजम परियोजना खत्म था और उन्हें कमीशन शब्द से इतना प्रेम था कि कनेक्टिविटी (संपर्क) पर कभी ध्यान ही नहीं दिया और ऐसे लोग बिहार के हित के बारे में नहीं सोच सकते. मोदी ने दावा किया कि सरकारी नौकरी तो छोड़िए, इन लोगों के आने का मतलब है, नौकरी देने वाली प्राइवेट कंपनियां भी बिहार से भाग जाएंगी.

मोदी ने बताया-विपक्ष की राजनीति झूठ, फरेब और भ्रम पर आधारितः
प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन समझा जाता है कि उनका संकेत बिहार में लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राजद सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर था. उन्होंने कहा कि इनकी (विपक्ष की) राजनीति झूठ, फरेब और भ्रम पर आधारित है और इनके पास न तो विकास का कोई खाका है और न ही कोई अनुभव है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान किसी दल का नाम लिये बगैर कहा कि जिन लोगों का प्रशिक्षण ही बांट कर राज करने और कमीशनखोरी का हो, वे बिहार के हित में कभी सोच ही नहीं सकते हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि ये (विपक्ष) वो लोग हैं, जो किसान कर्जमाफी की बात करके, कर्जमाफी के पैसे में भी घोटाला कर जाते हैं.

मोदी ने कहा-जिन्होंने बिहार के नौजवानों को गरीबी और पलायन दिया, वे फिर मौका चाह रहेः
राजग के पक्ष में जनादेश की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ राजग है, आत्मनिर्भर बिहार बनाने का संकल्प लेकर खड़ा है. दूसरी तरफ, ये लोग हैं जो बिहार की विकास परियोजनाओं के पैसों पर नजरें गड़ाए हुए हैं. राजद सहित विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने लोगों को सचेत किया कि ऐसे दल जिन्होंने बिहार को अराजकता दी, कुशासन दिया, वे फिर मौका खोज रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जिन्होंने बिहार के नौजवानों को गरीबी और पलायन दिया, सिर्फ अपने परिवार को हजारों करोड़ का मालिक बना दिया, वे फिर मौका चाहते हैं.

जिनसे निवेशक दूर भागते हैं, वो बिहार के लोगों को विकास के वायदे कर रहे हैंः
राजद सहित विपक्ष के विकास एवं रोजगार के वादे पर तंज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दल जो बिहार के उद्योगों को बंद करने के लिए बदनाम हैं, जिनसे निवेशक कोसों दूर भागते हैं, वो लोग बिहार के लोगों को विकास के वायदे कर रहे हैं. गौरतलब है कि राजद नेता तेजस्वी यादव अपनी चुनावी सभाओं में 10 लाख नौकरी देने और विकास के मुद्दे को उठा रहे हैं .

मोदी ने कहा-राजग बिहार को फिर से बीमार होने से बचाएगा और विकास के पथ पर ले जाएगाः
मोदी ने कहा कि राजग बिहार को फिर से बीमार होने से बचाएगा और विकास के पथ पर ले जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दरभंगा और पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मंच साझा किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने नीतीश की तारीफ करते हुए उन्हें भावी मुख्यमंत्री बताया और बिहार के आर्थिक विकास का उन्हें श्रेय दिया. मोदी ने कहा कि बीते डेढ़ दशक में बिहार ने नीतीश जी की अगवाई में कुशासन से सुशासन की तरफ कदम मजबूती से बढ़ाए हैं. राजग सरकार के प्रयासों के कारण बिहार ने, असुविधा से सुविधा की ओर, अंधेरे से उजाले की ओर, अविश्वास से विश्वास की ओर, अपहरण उद्योग से अवसरों की ओर एक लंबा सफर तय किया है. अध्योया में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने का जिक्र करते हुए मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे सियासी लोग, जो बार-बार हमसे तारीख पूछा करते थे, वे बहुत मजबूरी में हैं. आज वे लोग भी तालियां बजा रहे हैं.  उन्होंने कहा कि बीते 15 वर्षों में बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बहुत आगे बढ़ा है और आज मां सीता अपने नैहर (मायके) को तो प्रेम से निहार ही रही होंगी.

मोदी ने आरक्षण को बढ़ाने, गरीबों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण का भी किया जिक्रः 
मोदी ने कहा कि राजग सरकार आधारभूत ढांचे पर निवेश कर रही है, गांवों के पास बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दे रही है, उसका लाभ बिहार के लोगों को मिलने वाला है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान आरक्षण को 10 वर्ष के लिये बढ़ाने, गरीबों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण देने सहित सरकार की जन कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया .
सोर्स भाषा