जयपुर जे पी नड्डा ने उपद्रव की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर साधा निशाना, कहा- जब रोम जल रहा था तो नीरो बांसुरी बजा रहा था

जे पी नड्डा ने उपद्रव की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर साधा निशाना, कहा- जब रोम जल रहा था तो नीरो बांसुरी बजा रहा था

जे पी नड्डा ने उपद्रव की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर साधा निशाना, कहा- जब रोम जल रहा था तो नीरो बांसुरी बजा रहा था

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने राजस्थान के राजस्थान के जोधपुर सहित कई शहरों में सांप्रदायिक तनाव की हालिया घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए कटाक्ष किया कि ‘जब रोम जल रहा था तो नीरो बांसुरी बजा रहा था. नड्डा ने महिला व दलित अत्याचार के मामलों को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं से इस तस्वीर को बदलने का आह्वान किया. नड्डा गंगानगर जिले के सूरतगढ़ में भाजपा के बीकानेर संभाग के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार और प्रतिक्रिया करने वाली बताया. राज्य के करौली व जोधपुर शहर में हाल ही में हुए उपद्रव की ओर इशारा करते हुए नड्डा ने कहा कि जिस दिन जाधेपुर में लोग सड़कों पर थे उस दिन गहलोत साहब जयपुर में अपना जन्मदिन मना रहे थे. 

इसके बाद उन्होंने कहा कि जब रोम जल रहा था तो नीरो बांसुरी बजा रहा था, यह स्थिति लाकर खड़ी की है इन्होंने. नड्डा ने आगे कहा कि इन लोगों ने बहुत अच्छा धंधा ढूंढ़ लिया है ... सूरज क्यों निकला आरएसएस से पूछो, सूरज क्यों डूबा भाजपा से पूछो. जो भी काम है, वह भाजपा से पूछो. फिर आप क्या कर रहे हो?’’ नड्डा ने पूछा कि क्या यह अशोक गहलोत का काम नहीं था कि वह अपने गृह जिले जोधपुर जाते, जहां सांप्रदायिक झगड़ा हुआ. नड्डा ने कहा कि उनका वहां नहीं जाना यह बताता है कि आपको राजस्थान की जनता से कितना प्यार है और यह भी बताता है कि ‘हाथी के दांत दिखाने के और हैं, खाने के और हैं.' भाजपा नेता ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से कहा कि महिला उत्पीड़न के मामले में राजस्थान पहले, अनुसूचित जनजाति पर अत्याचारों के मामले में दूसरे व दलित उत्पीड़न में तीसरे स्थान पर है. उन्होंने कह कि पूरे देश में दुष्कर्म के कुल जितने मामले दर्ज होते हैं उनमें से 22 प्रतिशत राजस्थान में होते हैं और यहां 18 दुष्कर्म प्रतिदिन होते हैं. केंद्र की भाजपा सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी गांव, गरीब, वंचित, पीड़ित, शोषित, युवा, महिला और किसान को मजबूत करने वाली योजनाओं के साथ खड़ी है. 

किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये ठीक है कि किसान आंदोलन हुआ. यह ठीक है कि किसानों को भड़काया गया. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं किसानों को वह नहीं समझा पाया जो मैं उनके लिए करना चाहता था. नड्डा ने कहा कि बहुत से किसान नेता हुए, लेकिन किसानों के लिए सही मायने में अगर किसी ने काम किया है, तो वह नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की राजनीति की संस्कृति बदल दी है. नड्डा ने कहा कि पहले हमारे विपक्षी दल जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद के भेदभाव के आधार पर चुनाव लड़ते थे, लेकिन आज उन्हें भी मजबूरी में विकास की बात करनी पड़ती है. उन्होंने राज्य सरकार पर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की कुछ योजनाओं का नाम बदलने का आरोप लगाया. नड्डा ने पोलिंग बूथ को सत्ता में आने के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए मंगलवार को कहा कि बूथ ही सत्ता का उद्गम स्थान है. उन्होंने कहा कि हमारा नारा रहा है, ‘‘हमारा बूथ-सबसे मजबूत.’’ कार्यक्रम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी संबोधित किया. नड्डा दो दिन के राजस्थान के दौरे पर हैं. बुधवार को वह हनुमानगढ़ व गंगानगर के जिला कार्यालय सहित 10 अन्य जिला कार्यालयों का भी उद्घाटन करेंगे. सोर्स- भाषा

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