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जयपुर एयरपोर्ट की यात्रीभार के लिहाज से मात्र 18 प्रतिशत रिकवरी, पिछले साल जून की तुलना में 81.9 फीसदी गिरा यात्रीभार

जयपुर एयरपोर्ट की यात्रीभार के लिहाज से मात्र 18 प्रतिशत रिकवरी, पिछले साल जून की तुलना में 81.9 फीसदी गिरा यात्रीभार

जयपुर: कोरोना के इस दौर में हवाई यात्रा की गति थमी हुई है. यह बात अब आंकड़ों ने भी साबित कर दी है. जयपुर एयरपोर्ट के जून माह के आंकड़ों में सामने आया है कि पिछले साल जून के मुकाबले यात्रियों की संख्या करीब 82 फीसदी घट गई है. विमानों का मूवमेंट भी पिछले साल के मुकाबले 70 प्रतिशत कम है. इस कमी से जयपुर एयरपोर्ट जून माह में दूसरे कई छोटे एयरपोर्ट की तुलना में भी पिछड़ गया है.लॉकडाउन के बाद जब हवाई यात्रा शुरू हुई थी तो विमानन विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि हवाई यात्रा के पहले माह में यात्रियों की संख्या और फ्लाइट संचालन पिछले साल के मुकाबले करीब 20 से 25 फीसदी ही रहेगा. जून माह में जो आंकड़े आए हैं उनमें यह सामने आया है कि पिछले साल की तुलना में पहले माह में देश के ज्यादातर एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स का संचालन 20 से 25 फीसदी के बीच ही रहा है. 

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पिछले साल की तुलना में मात्र 30 प्रतिशत ही फ्लाइट चल रहीं:
जयपुर एयरपोर्ट से पिछले साल के मुकाबले फ्लाइट संचालन मात्र 30 फीसदी हो सका है. यात्रियों की संख्या में गिरावट ज्यादा रही है. दरअसल कोरोना के बाद विभिन्न राज्यों के सख्त क्वांरटीन नियमों और कोरोना बीमारी के डर के चलते लोग हवाई यात्रा करने से बच रहे हैं. विमानों के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पाने के चलते ज्यादातर लोग हवाई यात्रा नहीं कर रहे. ऐसे यात्री, जिन्हें जरूरी कार्यों से एक से दूसरे शहर जाना है, वे ही लोग हवाई यात्रा कर रहे हैं. हालांकि कोरोना के इस दौर में कई छोटे एयरपोर्ट ऐसे सामने आए हैं, जहां से जयपुर एयरपोर्ट से ज्यादा यात्रीभार रहा है. पटना और श्रीनगर जैसे एयरपोर्ट से यात्रीभार जयपुर से कहीं ज्यादा रहा है. इसके पीछे माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग इस दौरान लौटे हैं. यात्रियों के लिहाज से जयपुर एयरपोर्ट की रैंक हर माह देश में 12वीं या 13वीं होती है, लेकिन इस बार 14वीं रही है. लखनऊ और जयपुर एयरपोर्ट के बीच हमेश नैक टू नैक फाइट होती है. इस बार लखनऊ 11वें और जयपुर 14वें स्थान पर खिसक गया है.

देश में 14वें स्थान पर खिसका जयपुर एयरपोर्ट
- जून माह में 77663 यात्रियों ने जयपुर एयरपोर्ट से यात्रा की
- पिछले साल जून में 428490 यात्रियों ने यात्रा की थी, 81.9 प्रतिशत की कमी
- देश में सबसे ज्यादा 10.15 लाख यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा की
- हालांकि पिछले साल जून में दिल्ली से 55.01 लाख यात्री थे, 81.5 फीसदी की कमी
- दूसरे स्थान पर कोलकाता, तीसरे पर बेंगलूरु, चौथे पर मुम्बई एयरपोर्ट रहा
- 5वें पर हैदराबाद, छठे पर चेन्नई, 7वें पर पटना, 8वें पर पुणे, 9वें पर अहमदाबाद
- 10वें पर कोचीन, 11वें पर लखनऊ, 12वें पर गुवाहाटी, 13वें पर श्रीनगर रहा
- पटना एयरपोर्ट देश के टॉप 15 में भी नहीं, लेकिन कोविड के चलते आवागमन ज्यादा रहा
- देश में 10वें स्थान पर रहने वाला गोवा जून में यात्रियों के लिहाज से टॉप 30 में भी नहीं रहा
- मुम्बई एयरपोर्ट देश का दूसरा बड़ा एयरपोर्ट है, लेकिन कोविड के चलते चौथे पर खिसका
- श्रीनगर टॉप 15 में भी नहीं आता, लेकिन इस बार जयपुर से आगे रहा

यात्रीभार के अलावा विमानों के संचालन के जो आंकड़े आए हैं, वे भी आशा जनक नहीं हैं. जयपुर एयरपोर्ट से जून माह में फ्लाइट्स का संचालन पिछले साल जून की तुलना में 70 फीसदी कम हुआ है. हालांकि इस मामले में जयपुर एयरपोर्ट देश में 13वें स्थान पर रहा है. इस सूची में मात्र पटना एयरपोर्ट ही एकमात्र ऐसा एयरपोर्ट है जो जयपुर से आगे रहा है, हालांकि सामान्य तौर पर यह जयपुर से काफी पीछे रहता है.

विमानों के मूवमेंट के लिहाज से देश में 13वें स्थान पर जयपुर
- दिल्ली एयरपोर्ट से 11647 विमानों का आवागमन हुआ, देश में अव्वल
- बेंगलूरु दूसरे, कोलकाता तीसरे, मुम्बई चौथे, हैदराबाद पांचवें, चेन्नई छठे
- अहमदाबाद 7वें, कोचीन 8वें, गुवाहाटी 9वें, पुणे 10वें, पटना 11वें स्थान पर
- लखनऊ 992 फ्लाइट संचालन के साथ 12वें स्थान पर
- जयपुर 950 फ्लाइट संचालन के साथ 13वें स्थान पर
- हालांकि पिछले साल जून में 3189 विमानों का मूवमेंट था
- यानी 70.2 प्रतिशत की कमी, पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत विमान ही चल रहे
- पिछले साल जून में लखनऊ से आगे था जयपुर एयरपोर्ट

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अभी हवाई यात्रा का समय बहुत अच्छा नहीं:
जून माह के ये आंकड़े साबित कर रहे हैं कि अभी हवाई यात्रा का समय बहुत अच्छा नहीं है. मार्च माह से कोरोना बढ़ा था. इससे पहले फरवरी में देश में फ्लाइट्स का संचालन काफी बेहतर था. माना जा रहा है कि फरवरी के बराबर यात्री संख्या या फ्लाइट संचालन के आंकड़े को छूने में विमानन सेक्टर को 1 साल तक का समय लग सकता है और हवाई यात्रियों की संख्या कोरोना खत्म होने के बाद ही बढ़ सकेगी.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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