राज्य सरकार की आपत्तियों के निराकरण के बाद जयपुर एयरपोर्ट का निजीकरण जल्द

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/29 04:54

जयपुर: जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निजीकरण पर जल्द ही अंतिम फैसला हो सकता है. केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय जुलाई के पहले सप्ताह में निजी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के नाम लैटर ऑफ अवार्ड जारी कर सकता है. 

राज्य सरकार की आपत्तियों का किया गया निराकरण:
दरअसल जयपुर एयरपोर्ट के साथ-साथ 5 अन्य एयरपेार्ट्स का भी निजीकरण किया जा रहा है. सभी 6 एयरपोर्ट के लिए वित्तीय निविदा अडानी एंटरप्राइजेज के नाम खोली गई है. अडानी ग्रुप ने सबसे ज्यादा बोली लगाकर इन निविदाओं में सफलता हासिल की है. जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर राज्य सरकार की ओर से नागरिक उड्डयन विभाग ने मार्च माह में पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी. पत्र में सिविल एविएशन डायरेक्टर केसरी सिंह ने लिखा था कि चूंकि एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार ने भूमि नि:शुल्क मुहैया करवाई थी, इसलिए एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपे जाने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेना जरूरी है. इसमें यह भी आपत्ति जताई गई थी कि यदि एयरपोर्ट निजी हाथों में दिया गया तो राज्य सरकार के विमानों के संचालन का क्या होगा, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के सभी हवाई यातायात का आवागमन एयरपोर्ट के स्टेट हैंगर वाले हिस्से से आता है, जो राज्य सरकार के हाथों में है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार की इन सभी आपत्तियों का निराकरण कर दिया है. 

राज्य सरकार के विमान संचालन पर असर नहीं
—एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राज्य सरकार की आपत्तियों का किया निराकरण
—राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग को दिया स्पष्टीकरण
—एयरपोर्ट के निजीकरण से स्टेट हैंगर पर नहीं होगा असर
—यहां से वीआईपी उड़ानें पहले की तरह होती रहेंगी संचालित
—न ही स्टेट हैंगर का स्वामित्व सौंपा जाएगा निजी कंपनी को
—इसलिए अब राज्य सरकार आगे नहीं करेगी इस प्रकरण में आपत्ति
—31 जुलाई तक निजी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज को सौंपा जाना है एयरपोर्ट
—जुलाई के पहले सप्ताह में जारी हो सकता है कंपनी के नाम लैटर ऑफ अवार्ड

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in