जयपुर में ACB का बड़ा धमाका, असिस्टेंट फायर ऑफिसर छोटूराम और ड्राइवर फतेह सिंह गिरफ्तार

जयपुर में ACB का बड़ा धमाका, असिस्टेंट फायर ऑफिसर छोटूराम और ड्राइवर फतेह सिंह गिरफ्तार

जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने सोमवार दोपहर विद्याधर नगर में नगर निगम के सहायक अग्निशमन अधिकारी (AFO) और उसके ड्राइवर को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा है. ये रिश्वत एक निजी अस्पताल संचालक से अस्पताल परिसर की फायर एनओजी जारी करने की एवज में मांगी थी.अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव नैन और डिप्टी एसपी चित्रगुप्त महावर ने इस कार्यवाही काे अंजाम दिया. एसीबी अधिकारियों ने बताया कि परिवादी ने कुछ समय पहले अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के बाद नगर निगम से एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था.

NOC क्लीयर करने की एवज में मांगे एक लाख रुपए:

ऑनलाइन आवेदन के बाद मौके का निरीक्षण AFO छोटूराम ही करने गया, जहां उसने एनओसी क्लीयर करने की एवज में एक लाख रुपए मांगे. कई दिन तक परिवादी चक्कर काटता रहा, लेकिन AFO ने एनओसी क्लीयर नहीं की. इसके बाद परिवादी ने एक लाख रुपए देने को राजी हो गया. वहीं परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी में भी की.एक लाख रुपए की रिश्वत में से 10 रुपए तो पहले ही एडवांस ले लिए. इसके बाद शेष 90 हजार रुपए देने के लिए आज बुलाया.

रिश्वत की रकम ड्राइवर फतेहसिंह काे देने के लिए कहा:

आज जैसे ही परिवादी विश्वकर्मा स्थित नगर निगम के मुख्य फायर स्टेशन पहुंचा, तो वहां AFO ने रिश्वत की रकम ड्राइवर फतेहसिंह काे देने के लिए कहा. फतेहसिंह ने रिश्वत की रकम लेने के बाद जैसे ही छोटूराम काे देने पहुंचा तभी वहां एसीबी की टीम ने छापा मारकर दोनों को पकड़ लिया और वहां से कई फाइले जब्त करते हुए विद्याधर नगर थाने ले आई. एसीबी अधिकारियों ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ में छोटूराम ने बताया कि वह ये रिश्वत खुद ही नहीं बल्कि ऊपर तक बैठे अधिकारियों के लिए भी लेता है. ऐसे में एसीबी के अधिकारी अब उच्च स्तर पर भी रिश्वत के मामले में लिप्त कनेक्शन को जोड़ने में लगे है. आपको बता दें कि होली से एक दिन पहले ही नगर निगम ग्रेटर के राजस्व अधिकारी को राहुल कुमार अग्रवाल को पट्‌टे देने की एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था.

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