VIDEO: आखिरकार JDA का इंतजार हुआ खत्म! ढ़ाई हजार करोड़ के राजस्व की उम्मीद

VIDEO: आखिरकार JDA का इंतजार हुआ खत्म! ढ़ाई हजार करोड़ के राजस्व की उम्मीद

जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ. कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी की बैठक तय होने के बाद अब जेडीए को आस जगी है कि वर्षों से लंबित अपने पुराने मामले अब निस्तारित होंगे और उसके खजाने में ढाई हजार करोड रुपए से अधिक राशि आ सकेगी. करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीनों से जुड़े ये मामले अदालती विवाद और अन्य कारणों से वर्षों से लंबित चल रहे हैं. यह ऐसे मामले हैं जिनमें सरकार में उच्च स्तर पर ही कोई नीतिगत फैसला किया जा सकता है.

ढ़ाई हजार करोड़ से अधिक की होगी आय:
जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने पद संभालते ही इन मामलों पर गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया था. इन मामलों को सुलझाने से जेडीए को ढ़ाई हजार करोड़ से अधिक की आय होगी. जेडीए के पदेन अध्यक्ष और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल चाहते हैं कि वर्षों पुराने इन विवादित मामलों को निस्तारित किया जाए, जिससे जहां एक तरफ जेडीए का खजाना भरने से शहर के विकास को गति मिलेगी. वहीं इन योजनाओं से प्रभावित हजारों लोगों को भी राहत मिलेगी. इन मामलों को किस तरह से सुलझाया जा सकता है क्या नीतिगत हल निकाला जा सकता है. इसको लेकर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में जेडीए और यूडीएच के अधिकारियों की बैठकों के कई दौर हुए.

बैठक में किया जाएगा इन मामलों मैं नीतिगत फैसला:
लंबे मंथन के बाद हर मामले में नीतिगत हल तय किया गया. साथ ही यह तय किया गया कि जेडीए इस नीतिगत हल को लेकर सिफारिश करते हुए हर मामले के संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी को भिजवायेगा. मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी की 14 फरवरी दोपहर 12:00 बजे सचिवालय में होने वाली बैठक में इन मामलों मैं नीतिगत फैसला किया जाएगा. आपको सबसे पहले बताते हैं किस मामले में क्या है विवाद और जेडीए ने किस मामले में कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी को क्या सिफारिश की है. 

ट्रांसपोर्ट नगर योजना:

-सीकर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना की आवंटन दर को लेकर विवाद है

-आवंटन की दर ₹13500 प्रति वर्ग मीटर को लेकर व्यवसायियों का एक गुट पुरानी दर ₹1111 प्रति वर्ग मीटर जबकि दूसरा गुट ₹6000 प्रति वर्ग मीटर तक की दर पर आवंटन की मांग कर रहा है

-व्यवसायियों के दोनों गुटों की ओर से प्राप्त सुझावों और जेडीए की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी योजना की आवंटन दर पर फैसला करेगी

लोहामंडी योजना:

-सीकर रोड स्थित इस योजना की भूमि के खातेदार अधिक जमीनी मुआवजे की लंबे समय से मांग कर रहे हैं

-जेडीए ने कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी को अपने प्रस्ताव में सिफारिश की है कि खातेदारों को 15% के बजाय 25% विकसित भूमि का मुआवजा दिया जाए

सेंट्रल स्पाइन योजना जगतपुरा:

- योजना के खातेदारों को 25% विकसित भूमि नहीं देने के कारण खातेदार भूमि समर्पित नहीं कर रहे हैं
- जेडीए के पास मुआवजा देने के लिए विकसित भूमि फिलहाल उपलब्ध नहीं है

- जेडीए ने एंपावर्ड कमेटी को सिफारिश की है कि रीको की हिस्सेदारी की 20 हेक्टेयर विकसित भूमि अथवा 35 हेक्टेयर अविकसित भूमि जेडीए को हस्तांतरित की जाए

वेस्ट वे हाइट्स योजना अजमेर रोड:

- योजना के खातेदार एक रुपए की लीज राशि पर मुआवजे में मिलने वाले विकसित भूखंडों के पट्टे जारी करने की मांग कर रहे हैं

- खातेदारों की यह भी मांग है कि विकसित भूखंड उनकी सुविधा के अनुसार ही दिए जाएं

-जेडीए की सिफारिश है कि एकमुश्त लीज राशि में जेडीए के हिस्से की 40% राशि माफ की जाए। 

-साथ ही खातेदार को उसकी स्वयं की भूमि में से ही यथासंभव विकसित भूखंड दिए जाएं

गोपालपुरा बायपास:

-यह सड़क मास्टर प्लान में व्यवसायिक भू उपयोग के तौर पर चिन्हित है

- जेडीए चाहता है कि आवासीय भूखंडों पर चल रही गैर आवासीय गतिविधियों का नियमन किया जाए

- इस सड़क को शहर में मॉडल सड़क की तर्ज पर विकसित किया जाए

- यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर जेडीए ऐसी ही 20 और सड़कों का काम हाथ में लेगा

जेडीए को मिलेगा कुल 2577 करोड रुपए का राजस्व:
इन योजनाओं के निपटारे से कुल 2577 करोड रुपए का राजस्व जेडीए को मिलेगा. यह हम नहीं कह रहे बल्कि खुद जेडीए की ओर से कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी में भेजे गए प्रस्ताव में यह कहा गया है. आपको बताते हैं कि किस मामले में कैसे और कितनी जेडीए को आए होगी.

- ट्रांसपोर्ट नगर योजना में व्यवसायियों को भूखंड आवंटन के बाद 4.15 लाख वर्ग मीटर भूमि जेडीए को मिलेगी.

- इस भूमि में से कॉर्नर, कमर्शियल व होटल आदि भूखंडों की नीलामी से जेडीए को 557 करोड रुपए की आय होने की उम्मीद है.

- लोहा मंडी योजना के क्रियान्वयन से जेडीए को 300 करोड़ रुपए की आय संभावित है.

- सेंट्रल स्पाइन योजना में खातेदारों से भूमि समर्पित होने के बाद योजना के क्रियान्वयन से जेडीए को उम्मीद है  कि 1000 करोड रुपए उसके खजाने में आएंगे.

- वेस्ट वे हाइट्स योजना के विवाद मुक्त होने से जेडीए को 670 करोड रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है.

- गोपालपुरा बाईपास पर व्यवसायिक पट्टे जारी करने से जेडीए को 50 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है.

बैठक के लिए किए गए कुल 13 एजेंडे सूचीबद्ध:
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी की बैठक के लिए कुल 13 एजेंडे सूचीबद्ध किए गए हैं. इन 5 एजेंडों के अलावा जेडीए, नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग के अन्य एजेंडों पर भी कमेटी विचार करेगी.

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