जयपुर विकास प्राधिकरण ने तय की लैंड यूज चेंज की विस्तृत प्रक्रिया 

जयपुर विकास प्राधिकरण ने तय की लैंड यूज चेंज की विस्तृत प्रक्रिया 

जयपुर विकास प्राधिकरण ने तय की लैंड यूज चेंज की विस्तृत प्रक्रिया 

जयपुर: पिछले करीब तीन साल से अटके लैंड यूज चेंज के प्रकरणों के निस्तारण के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने आखिरकार विस्तृत प्रक्रिया तय कर दी है. प्रक्रिया तय होने के बाद जहां अब लैंड यूज चेंज के काम हो सकेंगे, वहीं इसके पेटे वसूले जाने वाले शुल्क से जेडीए का खजाना भी भर सकेगा. एक खास रिपोर्ट:

हाईकोर्ट ने 2017 में जारी किए थे विस्तृत आदेश: 
गुलाब कोठारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2017 को विस्तृत आदेश जारी किए थे. इस आदेशों के तहत केवल जनहित में ही लैंड यूज चेंज करने के लिए कहा गया था. इस आदेश की अधिकारियों की मनमर्जी की व्याख्या के चलते तब से लैंड यूज चेंज का काम ठप्प पड़ा था. पेट्रोल पम्प स्वीकृति के भी कई अटके प्रकरण इसके चलते जेडीए में अटक गए. जेडीए की भवन मानचित्र समिति ले आउट प्लान ने पेट्रोल पम्प के कई प्रकरण स्थगित कर दिए थे. गुलाब कोठारी प्रकरण में दिए हाईकोर्ट के आदेश का जयपुर विकास प्राधिकरण ने विस्तृत विधिक मंथन कराया. इस मामले में जयपुर विकास प्राधिकरण की भवन मानचित्र समिति ले आउट प्लान की पिछले वर्ष 4 दिसम्बर को बैठक हुई थी. बैठक में लैंड यूज चेंज की प्रक्रिया तय करने पर विचार-विमर्श हुआ. इस गहन विचार-विमर्श के बाद जेडीए ने लैंड यूज चेंज को लेकर हाल ही आदेश जारी किए हैं. इस आदेश में ध्यान रखा गया है कि गुलाब कोठारी प्रकरण में हाईकोर्ट के दिए आदेश की किसी प्रकार की अवहेलना नहीं हो. आपको बताते हैं कि इस आदेश के तहत किस प्रकार लैंड यूज चेंज की प्रक्रिया तय की गई है. 

लैंड यूज चेंज की प्रक्रिया:
—जिस भूमि का भू उपयोग पिछले मास्टरप्लान 2011 में ईकॉलोजिकल,रिक्रिएशनल,पार्क,ओपन स्पेस व सुविधा क्षेत्र है
—उस भूमि का किसी भी स्थिति में लैंड यूज चेंज नहीं किया जाएगा
—कृषि भूमि का मास्टरप्लान के डवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन्स के अनुसार अनुज्ञेय लैंड यूज में लैंड यूज चेंज हो सकेगा
—इन प्रकरणों में जेडीए के जोन स्तर पर कार्यवाही की जाएगी
—गैर कृषि भूमि के मास्टरप्लान के डवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन्स से भिन्न लैंड यूज में लैंड यूज चेंज पर राज्य सरकार विचार करेगी
—ऐसे प्रकरण जेडीए की भवन मानचित्र समिति ले आउट प्लान के माध्यम से राज्य स्तरीय लैंड यूज चेंज कमेटी को भेजे जाएंगे
—जिस भूमि पर मास्टरप्लान के डवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन्स के अनुसार पेट्रोल पम्प की स्वीकृति दी जा सकती है
—ऐसे प्रकरणों में जेडीए के संबंधित जोन के स्तर पर कार्यवाही की जा सकेगी
—गैर व्यावसायिक पट्टे वाली भूमि का मास्टरप्लान के अनुसार व्यावसायिक भू उपयोग में बदलाव पर विचार किया जाएगा
—गैर व्यावसायिक पट्टे वाली भूमि का मास्टरप्लान से भिन्न भू उपयोग मे बदलाव पर विचार किया जाएगा
—इन दोनों प्रकरणों में राज्य स्तरीय लैंड यूज कमेटी विचार करेगी

लैंड यूज चेंज के लिए जेडीए की ओर से जारी आदेश में यह भी तय किया गया है कि राज्य स्तरीय लैंड यूज चेंज कमेटी में जिन प्रकरणों को भेजा जाना है, उनमें आवेदन से लेकर जेडीए की ओर से कमेटी को भेजे जाने तक क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इसका पूरा हवाला दिया गया है. ताकि राज्य सरकार को भेजे जाने वाले प्रकरणों की जांच में कोई कमी नहीं रहे. 

... संवाददाता अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

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