VIDEO: जयपुर में रिश्वत लेते धरे गए निगम कर्मचारी, ACB ने की ग्रेटर नगर निगम में कार्रवाई  

VIDEO: जयपुर में रिश्वत लेते धरे गए निगम कर्मचारी, ACB ने की ग्रेटर नगर निगम में कार्रवाई  

जयपुर: नगर निगम जयपुर हैरिटेज और ग्रेटर में आज एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जयपुर में मीट की दुकानों का लाइसेंस जारी करने और चैनपुरा स्थित स्लॉटर हाउस में पशुओं को काटने के लिए जारी होने वाली पर्ची को लेकर हो रही अवैध वसूली को लेकर एसीबी ने कार्रवाई की है. एसीबी ने कार्रवाई करते हुए एक पशुधन सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नगर निगम ग्रेटर से गिरफ्तार किया. इन दोनों ने रिश्वत में 6 हजार रुपए और शराब की बोतल मांगी थी.

ठेकाकर्मी को भी अवैध वसूली करते पकड़ा:

वहीं, जयपुर नगर निगम हैरिटेज से एक बाबू और ठेकाकर्मी को भी अवैध वसूली करते पकड़ा गया. यह कार्रवाई एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में गठित टीम ने की. पिछले एक महीने से मिल रही शिकायतों के बाद एसीबी इसकी निगरानी कर रही थी. इसके बाद आज ट्रेप किया गया.एसीबी के डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन  ने बताया कि जयपुर नगर निगम ग्रेटर से गिरफ्तार पशुधन सहायक जितेंद्र वर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार है.

4 हजार रुपए पशुधन सहायक जितेंद्र वर्मा ने ले लिए:

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि ग्रेटर के इलाके में मीट की दुकानें संचालित करने की एवज में एक व्यापारी से 6 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी. इसमें साढ़े चार हजार रुपए पशुधन सहायक जितेंद्र वर्मा ने ले लिए. बाकी डेढ़ हजार रुपए अपने स्टॉफ में बांट दिए.  इनमें 500 रुपए की रिश्वत दलाली कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार ने ली. उसने शिकायतकर्ता पीड़ित से रिश्वत में एक महंगी शराब की बोतल भी ली. भ्रष्टाचार का दूसरा मामला जयपुर हैरिटेज का है. जहां से एसीबी ने स्लाटर हाउस में बाबू अनिल और एक ठेकाकर्मी कलील को धरदबोचा. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पशु काटने के लिए चैनपुरा में स्लॉटर हाउस है. पशुओं को यहीं काटना पड़ता है. इसके लिए शुल्क जमा करवाने के लिए एक पर्ची कटती है.

 

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