VIDEO: कौड़ियों के भाव में जमीन का आवंटन, कई संस्थाओं ने शर्तों की उड़ाई धज्जियां,जानिए पूरा मामला...

VIDEO: कौड़ियों के भाव में जमीन का आवंटन, कई संस्थाओं ने शर्तों की उड़ाई धज्जियां,जानिए पूरा मामला...

जयपुर: कौड़ियों के भाव जमीन लेकर आवंटन की शर्तों की अवहेलना कर रही संस्थाओं के आवंटन निरस्त करने के मामले में शहरी निकायों के अधिकारियों की क्या इन संस्थाओं के साथ मिलीभगत है? पिछले 2 महीने में चार बार सरकार की चेतावनी के बावजूद इन अधिकारियों पर कोई असर नहीं होना यही सवाल उठा रहा है. क्या है पूरा मामला जानिए...

जानबूझकर बरत रहे हैं अधिकारी लापरवाही:
इस पूरे मामले में पिछले 5 महीनों से शहरी निकायों के अधिकारी जिस तरह से जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं. वही यह सवाल उठाती है कि क्या आवंटन की शर्तों की अवहेलना करने वाली इन संस्थाओं के साथ इन अधिकारियों की मिलीभगत है? आपको बताते हैं कि शहरी निकायों के अधिकारियों का यह गैर जिम्मेदाराना रवैया किस तरह से यह सवाल उठा रहा है.

लापरवाही दर लापरवाही:
-पिछले वर्ष जून में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने सभी शहरी निकायों को रियायती दर पर संस्थाओं को आवंटन के प्रकरणों की सूची भेजने के निर्देश दिए थे.
-इसके बाद स्वायत शासन विभाग की ओर से कई बार निर्देश देने के के बाद पिछले वर्ष नवंबर में निकायों ने कुल 463 ऐसे प्रकरणों की सूची भिजवाई.
-इसके बाद विभाग ने आवंटन की शर्तों की अवहेलना करने वाली संस्थाओं के आवंटन निरस्त करने के 4 दिसंबर को आदेश दिए.
-इस आदेश की पालना नहीं होने पर 16 दिसंबर और उसके 8 दिन बाद 24 दिसंबर को फिर से कड़ी हिदायत दी गई.
-इसके बाद विभाग ने 29 जनवरी को आदेश जारी कर आवंटन निरस्त नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की फिर से चेतावनी दी.

शहरी निकायों के अधिकारियों पर कोई असर नहीं :
महीने में 4 बार कड़ी हिदायत का भी शहरी निकायों के अधिकारियों पर कोई असर नहीं है. यह स्पष्ट संकेत देता है कि ये अधिकारी किस तरह मामले में निष्ठुर बने हुए हैं. आपको बताते हैं रियायती दर पर संस्थाओं के आवंटन के मामले में सरकार के आदेश के मुताबिक निकायों के अधिकारियों को आखिर क्या कार्यवाही करनी है.

कार्यवाही का सरकारी आदेश:
- आवंटन नीति के तहत निकाय की गठित समिति अपने क्षेत्र के प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करें.
-15 दिन में भौतिक सत्यापन की कार्यवाही पूरी करें.
- आवंटन की शर्तों की अवहेलना की स्थिति में अथवा भूमि का भिन्न उपयोग होने की स्थिति में आवंटन निरस्त करने की कार्यवाही करें.
-आवंटन निरस्त करने के 3 दिन में जमीन का भौतिक कब्जा लें.
-जिन प्रकरणों में आवंटन की शर्तों की पालना और भूमि का सही उपयोग पाया जाए.
-उन प्रकरणों में समिति में शामिल प्रत्येक अधिकारी प्रमाण पत्र दे.
-प्रमाण पत्र में प्रमाणित किया जाए कि प्रकरण में आवंटन की शर्तों और भूमि के उपयोग की शर्त की पालना की जा रही है.
-इसके बाद उस प्रकरण में शर्तो की अवहेलना की मिलती है सही शिकायत और जिम्मेदार अधिकारी ने इस बारे में रिपोर्ट नहीं की है.
-तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

ऐसे अधिकारियों के खिलाफ की जाए सख्त कार्यवाही:
मामले में निकाय अधिकारियों की लगातार लापरवाही के चलते अब राज्य सरकार ने मन बना लिया है कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए. इसके लिए स्वायत शासन विभाग में कार्यवाही पूरी कर ली है. विभाग ने ऐसे निकाय अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है जिन्हें मामले में चार्जशीट दी जानी है. यह चार्जशीट देने का काम जल्द शुरू होगा. 

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