फोन टैपिंग पर विधानसभा में भाजपा ने किया जमकर हंगामा, चार बार स्थगित करनी पड़ी सदन की कार्यवाही

फोन टैपिंग पर विधानसभा में भाजपा ने किया जमकर हंगामा, चार बार स्थगित करनी पड़ी सदन की कार्यवाही

जयपुर: फोन टैपिंग पर विधानसभा में भाजपा ने जमकर हंगामा किया. हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी को चार बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करनी पड़ी. हंगामे के बीच में ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने भाजपा के गलत टिप्पणी करने पर मदन दिलावर को 1 सप्ताह के लिए सदन की कार्रवाई से निकाले जाने का प्रस्ताव करने के बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया. भाजपा विधायक मदन दिलावर को बाहर निकाले जाने के निर्देश के बाद सुरक्षाकर्मियों और भाजपा विधायकों के बीच हाथापाई की स्थिति ना हो इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने विधानसभा की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. हंगामे के बीच ही अनुदान मांगों पर चर्चा और जवाब दिए गए. सदन की कार्रवाई 4 बार स्थगित करनी पड़ी.

आज बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों पर अनुदान मांगे रखी गई थी: 
विधानसभा में आज बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों पर अनुदान मांगे रखी गई थी. उच्च शिक्षा कला संस्कृति खेल और युवा मामलों पर चर्चा होनी थी लेकिन विपक्ष ने फोन टैपिंग का मुद्दा ऐसा छेड़ा की हंगामे के बीच ही बहस का दौर चला बीजेपी और RLP विधायकों ने इस में भाग नहीं लिया. उधर एक हफ्ते के लिए बीजेपी के तेज तर्रार विधायक मदन दिलावर को सदन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल को निर्देश दिए कि भाजपा के मदन दिलावर को विधानसभा की कार्यवाही से 1 सप्ताह के लिए बाहर निकाले जाने का प्रस्ताव रखा जाए. विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी के निर्देश पर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने मदन दिलावर को 1 सप्ताह के लिए सदन की कार्यवाही से निकाले जाने का प्रस्ताव रखा. जिसे बहुमत के आधार पर सदन में पारित कर दिया गया.

मार्शल को आदेश दिया कि मदन दिलावर को सदन से बाहर निकाला जाए:
भाजपा के सदस्यों ने इसका जमकर विरोध किया इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने मार्शल को आदेश दिया कि मदन दिलावर को सदन से बाहर निकाला जाए. विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के बाद सुरक्षाकर्मियों ने सदन में प्रवेश किया और मदन दिलावर को बाहर निकालने की कोशिश की. इसका भाजपा के सदस्यों ने विरोध किया और मदन दिलावर को बाहर निकालने नहीं दिया. सुरक्षाकर्मियों और भाजपा विधायकों के बीच हाथापाई ना हो इससे बचने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने विधानसभा की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. कांग्रेस विधायक संयम लोढा अपनी बात रख रहे थे तब मदन दिलावर ने शोर-शराबे के बीच कोई आपत्तिजनक बात कर दी. इसे लेकर पहले विधायक संयम लोढा ने आपत्ति दर्ज करवाई और फिर सत्तापक्ष ने स्पीकर से दिलावर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मदन दिलावर संयम लोढ़ा के बेहद करीब आ गए थे, इस दौरान हाथापाई की नौबत आ गई थी.    

नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की:
इससे पहले हंगामे के बीच ही विधानसभा में शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर बहस शुरू करा की. शून्यकाल शुरू होते ही स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए फोन टैपिंग का मामला उठाना चाहा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने इसकी मंजूरी नहीं दी. इस पर नाराज भाजपा विधायकों ने सदन में वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी. शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक ने एक एफआईआर करवाई थी उसका आधार फोन टैपिंग ही था. इससे यह तय हो गया कि सरकार की किसी एजेंसी ने फोन टैपिंग करवाई. सरकार को सदन में यह बताना चाहिए कि किस अधिकार से सरकार ने किन किन लोगों के फोन टैप करवाए.

मुख्य सचेतक ने जो एफआईआर करवाई थी क्या उसका आधार फोन टैपिंग थी? 
कटारिया ने कहा कि हम यही जानना चाहते हैं कि जिस रिफरेंस में मुकदमा दर्ज हुआ. उसमें अनुमति लेकर फोन टैप हुआ या नहीं? गृह विभाग की अनुमति लेकर अभियुक्तों के लिए फोन टैप करवाते हैं. हम जानना चाहते हैं कि मुख्य सचेतक ने जो एफआईआर करवाई थी क्या उसका आधार फोन टैपिंग थी? सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर जुलाई में एंटी क्राइम ब्यूरो ( एसीबी) और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में केस दर्ज करवाया था. उस शिकायत में बाद में कुछ ऑडियो टेप की एसीबी और एंटी टेररिज्म स्क्वाड ( एटीएस) को दिए गए थे. एसीबी और एटीएस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. उस वक्त भाजपा से जुड़े दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था. 

आपके पास स्थगन प्रस्ताव के अलावा कोई नए तथ्य हैं तो दीजिए:
एसीबी और एसओजी मुकदमे में 3 निर्दलीय विधायकों के अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मंत्री विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के भी नाम थे. दोपहर 1:30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने कहा- फोन टैपिंग पर आपके पास स्थगन प्रस्ताव के अलावा कोई नए तथ्य हैं तो दीजिए. आज ही चर्चा करवाकर सदन में सरकार का जवाब दिलवा दिया जाएगा, लेकिन स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी के फैसले का रिव्यू नहीं होगा. इस पर नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि हमारी मजबूरी है कि हम इस पर आज चर्चा किए बिना कार्यवाही आगे नहीं बढ़ने देंगे. सरकार का जवाब चाहे कल आ जाए.विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने कहा कि विधायक राजेंद्र राठौड़ का स्थगन है जिसमें लिखा है, ‘सांसदों, विधायकों और केंद्रीय मंत्रियों के बिना अधिकृत प्राधिकारियों के फोन टैप करवाए गए. आपने इसके सबूत नहीं दिए. आप सबूत दीजिए और नाम बताइए. आपके पास सबूत या रिकॉर्ड हैं तो दीजिए, इसके बिना सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दे सकता. 

बहरहाल हंगामे के कारण सदन का बहुमूल्य समय जाया हुआ:
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने के स्थगन खारिज होने के बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. नाराज विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने कहा कि ‘मैंने सोच समझकर व्यवस्था दी है. मैं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी की व्यवस्था पर आपको सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे सकता. आपको विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी के फैसले पर विश्वास नहीं हैं तो आप मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं. बहरहाल हंगामे के कारण सदन का बहुमूल्य समय जाया हुआ. जनता की गाढ़ी कमाई सदन की कार्यवाही पर खर्च होती है. लेकिन फोन टैपिंग के जिन्न ने आज सदन कि कार्यवाही को हंगामे की भेंट चढ़ा दिया. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरेश शर्मा के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट
 
 


 

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