जयपुर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अफसरों व मंत्रियों द्वारा की जा रही नजरअंदाजी को सीपी जोशी ने गंभीरता से लिया, कहा - शून्यकाल तक सदन में ही बैठे

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अफसरों व मंत्रियों द्वारा की जा रही नजरअंदाजी को सीपी जोशी ने गंभीरता से लिया, कहा - शून्यकाल तक सदन में ही बैठे

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अफसरों व मंत्रियों द्वारा की जा रही नजरअंदाजी को सीपी जोशी ने गंभीरता से लिया, कहा - शून्यकाल तक सदन में ही बैठे

जयपुर: विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अफसरों व मंत्रियों द्वारा की जा रही नजरअंदाजी को विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने मंत्रियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह सदन में बातचीत ना करें और शून्यकाल तक सदन में ही बैठे.

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को विभिन्न विभागों के अफसरों द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने तल्खी दिखाई है. सीपी जोशी ने आज आसन से निर्देश जारी किए कि विधायकों द्वारा उठाए गए मामलों को अफसर नोट करें और उनको संबंधित विभाग के मंत्रियों तक पहुंचाएं ताकि इन मामलों पर सरकार के स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके. सीपी जोशी ने यह निर्देश मेवाराम जैन द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के संबंध में दिए. दरअसल मेवाराम जैन ने कहा कि बाड़मेर में सीवरेज के मामले को लेकर हुए पिछले बजट सत्र में भी मुद्दा उठा चुके हैं वहीं यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि उनको इस मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई. इस पर सीपी जोशी ने कहा कि अगर कोई विधायक विधानसभा में मुद्दा उठाता है तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए और अधिकारी इसको नोट करके मंत्री तक सूचित करें.

प्रश्नकाल के साथ ही शून्य काल में भी सदन में आवश्यक रूप से बैठे:
वहीं सदन की कार्यवाही के दौरान मंत्रियों का प्रश्नकाल के बाद अपने चेंबर में चले जाना और विधायकों द्वारा सदन के अंदर ही मंत्रियों के पास इधर-उधर जाकर बात करना भी स्पीकर को रास नहीं आया. स्पीकर ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि वे प्रश्नकाल के साथ ही शून्य काल में भी सदन में आवश्यक रूप से बैठे. बहुत जरूरी हो तो आसन से अनुमति लेकर ही सदन से बाहर जाए. साथ ही विधायकों से भी कहा कि वह सदन के अंदर मंत्रियों के पास जाकर चर्चा ना करें बल्कि मंत्रियों से अधिक काम हो तो शून्य काल के बाद उनके चेंबर में जाकर अपनी बात रखें . स्पीकर ने कहा कि विधानसभा की गरिमा बनी रहनी चाहिए और कार्यवाही के दौरान विधायकों व मंत्रियों का इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है.

कुछ विधायक मंत्रियों के पास जाकर भी चर्चा करते हैं: 
दरअसल पिछले कुछ दिनों से सदन में लगातार देखने में आया कि प्रश्नकाल के दौरान ही विधायक अपनी सीट के बजाय अन्य विधायकों के पास जाकर बैठ जाते हैं और बातचीत करने में मशगूल हो जाते हैं. वहीं कुछ विधायक मंत्रियों के पास जाकर भी चर्चा करते हैं जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती है. आसन से कई बार विधायकों व मंत्रियों को शांत रहने की अपील की जाती है लेकिन इसके बाद भी कुछ विधायकों व मंत्रियों पर इसका असर नजर नहीं आ रहा. ऐसे में आखिरकार आज विधानसभा अध्यक्ष को तल्ख रुख दिखाते हुए यह टिप्पणी करनी पड़ी.

...योगेश शर्मा के साथ नरेश शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर

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