रिश्वत के बदले रेप पीड़िता से उसकी अस्मत मांगने का प्रकरण, ACP कैलाश बोहरा को गृह विभाग ने किया निलंबित

रिश्वत के बदले रेप पीड़िता से उसकी अस्मत मांगने का प्रकरण, ACP कैलाश बोहरा को गृह विभाग ने किया निलंबित

जयपुर: रिश्वत के बदले रेप पीड़िता से उसकी अस्मत मांगने के प्रकरण में गृह विभाग ने ACP कैलाश बोहरा को निलंबित किया है. ACB ने कल दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करने के एवज में रिश्वत के तौर पर कथित रूप से अस्मत मांगने के आरोप में राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी बोहरा को गिरफ्तार किया था. 

आरोपी सहायक पुलिस आयुक्त कैलाश बोहरा राज्य पुलिस की विशेष इकाई के तहत जयपुर में महिला अपराध शाखा में नियुक्त थे. एसीबी के डीजीपी बी. एल. सोनी ने बताया कि एसीपी बोहरा ने बलात्कार सहित तीन शिकायतें दर्ज कराने वाली पीड़िता से पहले रिश्वत में धन मांगा था. उन्होंने बताया कि बाद में जब महिला ने धन देने में असमर्थता जतायी तो अधिकारी ने उससे रिश्वत में अस्मत मांगी. 

कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद भी मिलने को मजबूर किया:
डीजीपी ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद भी मिलने को मजबूर किया. उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के सत्यापन के बाद और एसीपी द्वारा पीड़िता को रविवार को अपने घर बुलाए जाने के बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया. डीजीपी ने बताया कि आरोपी एसीपी के आवास और अन्य परिसरों की तलाशी ली जा रही है. 

2 साल पहले RPS में हुआ प्रमोशन: 
करीब दो साल पहले ही कैलाश बोहरा पुलिस इंस्पेक्टर से पदोन्नत होकर RPS बना. इसके खिलाफ केस दर्ज था और CBI जांच चल रही थी. ऐसे में अपने प्रमोशन के लिए वह कोर्ट भी गया था. RPS में प्रमोशन के बाद बोहरा की पहली पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय की सिविल राइट्स ब्रांच में हुई. कुछ महीने पहले ही बोहरा का जयपुर कमिश्नरेट के पूर्व जिले में महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के तौर पर नियुक्ति हुई. 

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