VIDEO: आपदा में 'अवसर' तलाश रहे ड्रग विक्रेता ! कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच राजधानी में कालाबाजारी का बड़ा 'खेल'

VIDEO: आपदा में 'अवसर' तलाश रहे ड्रग विक्रेता ! कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच राजधानी में कालाबाजारी का बड़ा 'खेल'

जयपुर: कोरोना (Corona) जैसी आपता में ड्रग विक्रेताओं बड़ा अवसर तलाश रहे हैं. राजधानी में बेकाबू कोरोना के हालात के चलते एक तरफ जहां मरीज और उनके परिजन खासे परेशान है, वहीं दूसरी ओर दवा कारोबारियों ने इस अवसर का फायदा उठाकर बीमारी में उपयोगी सभी वस्तुओं के दाम दोगुना तक बढ़ाकर मरीजों की जेब काटना शुरू कर दिया है. जी हां ये कोई हमारा आरोप नहीं, बल्कि फील्ड की सच्चाई है. मरीजों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद फर्स्ट इंडिया की टीम ने प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के सामने की दुकानों पर सच्चाई जानने की कोशिश की. इस दौरान सामने आया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedisivir) बाजार में उपलब्ध ही नहीं है. पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर(Thermometer), मास्क(Mask), नेबुलाइजर मशीन(Nebulizer Machine), फेबीफ्लू(Fabiflu), विटामिन सी टैबलेट के दाम एक माह में ही दोगुना तक बढ़ा दिए गए है. आश्चर्य ये है कि औषधि नियंत्रक संगठन (Drug Controller Organization) के तमाम अधिकारियों को इस बात की खबर है, लेकिन दुकानदारों पर शिकंजा कसने में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है. आइए आपको बताते है कि बाजार में कैसे बिक रहे है कोविड ट्रीटमेंट की वस्तुएं....

केस एक :
दुकान का नाम :  मेडिक्योर
रिपोर्टर  : नेबुलाइजर मिलेगा क्या
दुकानदार : मिल जाएगा, 1250 रुपए लगेंगे
रिपोर्टर :  लेकिन ये तो 600 रुपए में लेकर गया था
दुकानदार : कोई भी मशीन 600 रुपए में अब नहीं आएगी,
रिपोर्टर : एक माह में ही दाम बढ़ा दिए है क्या ?
दुकानदार : अरे भाई कम्पनी की चींज महंगी ही आती है, चायनीज का माल सस्ता मिलता है
रिपोर्टर  : कुछ तो कम कर दिजिए दाम
दुकानदार : 1250 रुपए से एक रुपए भी कम नहीं होगा....2500 रुपए की चींज है, हम दे रहे है 1250 रुपए में.....आपको बैठता हो तो ले लिजिए, वरना जय श्री राधे

केस दो :
दुकान का नाम : कैपिटल  

रिपोर्टर : पल्स ऑक्सीमीटर मिल जाएगा क्या
जवाब : हां मिल जाएगा, 2200 रुपए लगेंगे
रिपोर्टर : ये तो एक माह पहले 700 रुपए का मिल रहा था
जवाब : साहब वो जमाना गया अब, जो 700-800 का लोकल आ रहा था, वो ही 1200 में बिक रहा है
रिपोर्टर : सही दाम लगा दिजिए
जवाब : अरे भाई सुबह से 10 पल्स ऑक्सीमीटर बेच चुका हूं, ये ही दाम लगेंगे
रिपोर्टर : 2499 रुपए तो प्रिंट रेट ही लिखी है इस पर, कुछ तो कम करो
जवाब : हमारे 2000 के आसपास आता है, कुछ तो कमाएंगे ही ना, चलो ऐसा करो 100 रुपए कम दे दो....हम कोई चींज महंगी नहीं कर रहे है, सब माल चायना से महंगा आ रहा है

केस तीन : बालाजी मेडिकल
रिपोर्टर : थर्मामीटर मिल जाएगा क्या

जवाब : मिल जाएगा, डिजिटल चाहिए या नॉर्मल वाला
रिपोर्टर : दोनों ही तरह के दिखा दिजिए
रिपोर्टर : डिजिटल वाला कितने का है
जवाब : 250 रुपए का आएगा डिजिटल थर्मामीटर
रिपोर्टर : लेकिन ये तो 125 रुपए के आसपास ही आता है
जवाब : कौनसी दुनिया में हो, अब तो मिल ही नहीं रहे है, ये ही दाम लगेंगे

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा कोविड मरीजों से मनमानी वसूली को लेकर काफी गंभीर है. हाल ही में बाजार से मिल रही शिकायतों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, कमेटी ने पिछले तीन दिनों में जहां भी कार्रवाई की, अधिकांश जगहों पर मरीजों ने मनमाने दाम वसूलने की शिकायतों की पुष्टि हुई है.

- चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा "कालाबाजारी" को लेकर अत्यंत गंभीर
- निजी अस्पतालों और दुकानों पर मॉनिटरिंग के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित
- एडीसी दिनेश तनेजा के निर्देशन में डीसीओ कोमल रूपचंदानी, मनीष मोदी की कमेटी गठित

(कमेटी की कार्रवाई की  बानगी)
22 अप्रैल:  

- रुक्मणी बिरला हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंची टीम
- जांच में विभिन्न ब्रांड पर अंकित "एमआरपी" पर बिकता मिला इंजेक्शन
- 3950 और 3000 रुपए पर बेचा जा रहा था इंजेक्शन

23 अप्रैल:
- राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर स्थित गणाधिपति पुरुषोत्तम शेखावटी हॉस्पिटल और दानाशिवम हॉट एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में संचालित फार्मेसी पर कार्रवाई
- जांच के दौरान शेखावटी हॉस्पिटल में 4,800 और 3,490 रुपये में बिकता मिला इंजेक्शन
- जबकि दाना शिवम हॉस्पिटल में इंजेक्शन के लिए वसूले जा रहे थे 5,400 और 4,000 रुपये

24 अप्रैल:
- फिल्म कॉलोनी में अजय सर्जिकल, शांतिनाथ सर्जिकल, कामदार सर्जिकल और शर्मा मेडिकल स्टोर पर स्पेशल टीम ने की जांच
- जांच में पाया गया कि कोविड मरीजों के उपयोगी उपकरणों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी
- पल्स ऑक्सीमीटर में 40%, थर्मामीटर में 100%, नेबुलाइजर में 40%, और मास्क के दामों में 60% तक की सामने आई बढ़ोतरी

कोरोना की पहली वेव के दौरान भी इसी तरह से अवसरवादी व्यापारियों की मनमानी सामने आई थी, लेकिन तब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सभी निजी अस्पतालों के लिए सेवाओं के अधिकतम दाम तय किए थे. हालांकि, उस वक्त पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, नेबुलाइजर मशीन, फेबीफ्लू, विटामिन सी जैसे जरूरी चीजों के अधिकतम दाम तय नहीं किए गए थे, लेकिन अब जैसे हालात बन गए है, सरकार को भी सख्ती दिखाने की जरूरत आ गई है. उम्मीद है कि इस बारे में भी उच्चाधिकारी सोचेंगे और इन जरूरी वस्तुताओं के अधिकतम दाम तय किए जाएंगे, ताकि जनता बाजार में लूट से बच सके.
 

और पढ़ें