पूर्व मंत्री एवं खेलों के मसीहा जनार्दन गहलोत का निधन, भैरों सिंह शेखावत को चुनाव हराकर चर्चा में आए थे

पूर्व मंत्री एवं खेलों के मसीहा जनार्दन गहलोत का निधन, भैरों सिंह शेखावत को चुनाव हराकर चर्चा में आए थे

जयपुर: पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता जनार्दन सिंह गहलोत (Janardan Singh Gehlot) का आज सुबह निधन हो गया. वो लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. खेलों व राजनीति में धाक रखने वाले जनार्दन गहलोत के निधन से प्रदेश में शोक की लहर छा गई. पिछले साल ही उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी संघर्ष से शिखर तक पुस्तक लिखी थी. शाम 5:30 बजे अजमेर रोड स्थित हीरापुरा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा.   

जनार्दन सिंह गहलोत के निधन पर मुख्यमंत्री गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने शोक संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जनार्दन सिंह गहलोत का राजनीतिक क्षेत्र एवं खेल जगत में उल्लेखनीय योगदान रहा. ईश्वर शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति दें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. 

जनार्दन संजय गांधी की टीम में हुआ करते थे:
आपको बता दें कि जनार्दन, अशोक गहलोत के पहले कार्यकाल में मंत्री थे. वो बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों में रहे थे. जब वह बीजेपी छोड़कर फिर से अपने घर कांग्रेस में लौटे थे तब चर्चा चली उनकी घर वापसी के पीछे कौन है ? कहा गया अंबिका सोनी ने उनकी वापसी में मदद की थी. जब जनार्दन संजय गांधी की टीम में हुआ करते थे. उस समय अंबिका सोनी भी उस टीम में शुमार थी. जनार्दन सिंह गहलोत संजय गांधी के बेहद खास थे. यूथ कांग्रेस को खड़ा करने में उनका अहम योगदान रहा है. 

जनार्दन गहलोत, भैरों सिंह शेखावत को हराकर चर्चा में आए थे:
इसके साथ ही जनार्दन पंडित नवल किशोर शर्मा के पंचरत्नों में शुमार थे. जनार्दन बाऊ जी के परम सियासी शिष्यों में से एक रहे हैं. शांति धारीवाल भी उन पंच रत्नों में एक है. पंचरत्नों में से फिर एक हमारे बीच से चले गए. वहीं जनार्दन गहलोत, भैरों सिंह शेखावत को हराकर चर्चा में आए थे. बेहद कम आयु में ही उन्होंने गांधीनगर सीट से विधानसभा चुनाव जीत लिया था. जनसंघ के कद्दावर नेता भैरों सिंह शेखावत को हरा कर इन्होंने सुर्खियां बटोर ली थी. युवाओं के बीच लोकप्रियता के कारण उन्हें जीत मिली. 

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