Makar Sankranti: बेजुबानों पर भारी पड़ रही पतंगबाजी, वो काटा...वो काटा के शोर के बीच कट गए कई परिंदों के पर; CM गहलोत ने भी किया पक्षियों की सुरक्षा का अनुरोध

Makar Sankranti: बेजुबानों पर भारी पड़ रही पतंगबाजी, वो काटा...वो काटा के शोर के बीच कट गए कई परिंदों के पर; CM गहलोत ने भी किया पक्षियों की सुरक्षा का अनुरोध

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर में आज मकर संक्रांति के मौके पर पतंगबाज अपने पूरे जोश पर है. सुबह से ही वो काटा-वो मारा का शोर गूंज रहा है, लेकिन पतंगबाजी का यह शौक बेजुबान परिंदों पर भारी पड़ रहा है. वो काटा...वो काटा के शोर के बीच कई परिंदों के पर कट गए हैं. पिछले 24 घंटे में 150 से अधिक पक्षी पतंगबाजी से घायल हुए हैं. घायल पक्षी वन विभाग, रक्षा संस्थान और होप एंड बियोंड के शिविरों में लाए गए हैं. पक्षियों का इलाज चिकित्सा शिविरों में किया जा रहा है. घायल पक्षियों में सर्वाधिक कबूतर, चील, कौवे और तोते शामिल हैं. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रदेशवासियों से पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अपील की है. सीएम गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि ऊँची पतंग, खुला आकाश, परिंदों की सुरक्षा, हो हमारा प्रयास. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पक्षियों के विचरण का समय है, अत: दोपहर के समह ही पतंग उड़ाएं, जिससे पक्षी पतंग की डोर से घायल न हों. इसके साथ ही सीएम गहलोत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पतंगबाजी हेतु चायनीज मांझे, लोहे और कांच से बने धागे और विषाक्त पदार्थों से बने धागों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित है. 

पतंग की डोर में फंसकर गुरुवार को करीब 69 बेजुबान पक्षी घायल हो गए:

वहीं मकर सक्रांति से एक दिन पहले आज पतंगबाजी की दौर ने कई बेजुबान पक्षियों के पर काट दिए. पतंग की डोर में फंसकर गुरुवार को करीब 69 बेजुबान पक्षी घायल हो गए. वहीं करीब 10 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो गई. रक्षा संस्थान, होप एंड बियोंड और वन विभाग द्वारा लगाए गए शिविरों में घायल पक्षियों का इलाज किया जा रहा है. घायल पक्षियों के इलाज के लिए वन विभाग ने स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जयपुर में केवल 4 जगहो पर पक्षी उपचार केंद्र बनाये. 13 जनवरी से 15 जनवरी तक के लिए जयपुर शहर में पक्षी उपचार शिविर लगाए गए है.

पक्षियों के उपचार के लिए इस बार केवल 4 जगह पर ही शिविर लगाए गए: 
पिछले वर्षों में पक्षियों के उपचार के लिए 50 से अधिक शिविर जयपुर शहर में लगाया जाते थे. लेकिन इस बार कोरोना के चलते केवल 4 जगह पर ही शिविर लगाए गए हैं.  आमजन से अपील की गई है कि किसी को भी कोई घायल पक्षी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचना दे. खुद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पक्षी को छायादार स्थान पर रखे और इसके बाद जहां से ब्लड लॉस हो रहा है. वह जगह पर एंटीसेप्टिक लगाकर उस ब्लड को रोकने का प्रयास करे. घायल पक्षियों को तुरंत खाने पीने की वस्तु नहीं दे. पक्षी का जितना ब्लड कम लॉस होगा, उतनी ही बचने की संभावना ज्यादा होगी. इसके साथ ही सभी जयपुर वासियों से यह भी अपील है कि सुबह और शाम को पतंगबाजी नहीं करें. क्योंकि सुबह शाम को ही पक्षियों का स्वच्छंद विचरण रहता है. 

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