जयपुर Jaipur: सरस के 'स्वरस' का बजा डंका ! RCDF के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के प्रयास, विदेशी डेयरी विशेषज्ञों ने की सराहना

Jaipur: सरस के 'स्वरस' का बजा डंका ! RCDF के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के प्रयास, विदेशी डेयरी विशेषज्ञों ने की सराहना

जयपुर: वर्ल्ड डेयरी समिट में शामिल होने आए देश-विदेश के डेयरी विशेषज्ञों ने राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन और इससे जुड़े जिला दुग्ध संघों की कार्यशैली की सराहना की है. वर्ल्ड समिट के बाद विश्व के कई प्रमुख देशों के डेयरी विशेषज्ञ प्रदेश में डेयरी सेक्टर की कार्यप्रणाली समझने के लिए जयपुर पहुंचे. यहां उन्होंने दुग्ध उत्पादकों से संवाद किया और डेयरी के उत्पादों का स्वाद चखते हुए इनकी जमकर सराहना की. 

एक दर्जन से ज्यादा देशों के डेयरी विशेषज्ञ जब जयपुर की कंवरपुरा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति पहुंचे तो चौंक गए. यहां उनका स्वागत महिला दुग्ध उत्पादकों ने किया. महिला दुग्ध उत्पादक ही दुग्ध उत्पादन, संकलन से लेकर दुग्ध की टेस्टिंग तक के सभी कार्य कर रही थी. महिलाओं की यह आत्मनिर्भरता देखकर डेयरी विशेषज्ञ दंग रह गए. लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि केवल कंवरपुरा स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति ही महिलाओं को समर्पित नहीं है, बल्कि जयपुर डेयरी की कुल 2934 समितियों में से 2404 समितियों का संचालन महिला दुग्ध उत्पादकों द्वारा ही किया जाता है तो यह उनके लिए सुखद आश्चर्य था. 

कंवरपुरा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में विजिट करने आए विदेशी डेयरी विशेषज्ञों ने यहां पर आरसीडीएफ और जयपुर डेयरी द्वारा संचालित कूलिंग प्लांट, फार्म और बायो गैस के प्लांट का जायजा लिया. अमेरिका, ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका, डेनमार्क, नीदरलैंड, फ्रांस, कनाडा, बेल्जियम, आइसलैंड आदि देशों के प्रतिनिधि यहां पहुंचे. उन्होंने समिति में महिला दुग्ध उत्पादकों से यह समझा कि दुग्ध उत्पादन कैसे होता है, महिलाएं दुग्ध संकलन कैसे करती हैं. संकलन के बाद दूध की टेस्टिंग भी महिला दुग्ध उत्पादकों द्वारा की जाती है, इसकी जानकारी लेने के बाद दूध को ठंडा करने, डेयरी द्वारा दूध ले जाने और इसके बाद जयपुर डेयरी द्वारा महिला दुग्ध उत्पादकों को भुगतान किए जाने की जानकारी ली. इस दौरान विदेशी डेयरी विशेषज्ञों ने दुग्ध निकालने की प्रक्रिया समझने के लिए एक महिला दुग्ध उत्पादक के फार्म का जायजा लिया. इस दौरान गाय-भैंसों की नस्ल जानने के साथ ही इनके गाेबर से बनाए जाने वाले बायो गैस के प्लांट को भी देखा.

सरस की सराहना:- 
- जयपुर डेयरी के माध्यम से हो रहा आर्थिक और सामाजिक उत्थान
- जयपुर दुग्ध संघ महिला समितियों के गठन के मामले में देश में पहले स्थान पर
- जयपुर डेयरी की कुल 2934 में से 2404 हैं महिला दुग्ध उत्पादक समितियां
- जयपुर डेयरी से जुड़े हैं कुल 2.21 लाख दुग्ध उत्पादक सदस्य
- इनमें से 1 लाख 40 हजार हैं महिला दुग्ध उत्पादक सदस्य
- जयपुर डेयरी द्वारा महिलाओं को 1200 करोड़ रुपए सालाना का किया जाता है भुगतान
- इस प्रकार जयपुर डेयरी महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान में निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
- सभी विदेशी डेयरी प्रतिनिधियों ने चखा डेयरी उत्पादों का स्वाद
- छाछ, लस्सी, श्रीखंड और अजमेर के पेड़ा का स्वाद चखकर की सराहना

इस दौरान आरसीडीएफ की प्रशासक और प्रबंध संचालक सुषमा अरोड़ा ने बताया कि जयपुर डेयरी द्वारा रोजाना करीब 12 लाख लीटर का दुग्ध संकलन किया जाता है. जबकि आरसीडीएफ के स्तर पर 28 लाख दुग्ध संकलित किया जाता है. अरोड़ा ने सरस के उत्पादों, दुग्ध उत्पादों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी. इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई. लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोक नृत्य प्रस्तुत किए. उत्साह में विदेशी प्रतिनिधि भी साथ में नाचने लगे. 

इस दौरान सभी विदेशी प्रतिनिधियों ने आरसीडीएफ और जयपुर डेयरी द्वारा अपनाई जा रही तकनीक और दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. इस मौके पर जयपुर डेयरी के चेयरमैन ओम पूनिया भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में विदेशी प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह दिए गए. 

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