कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक युवा संक्रमित, वैक्सीनेशन की उठी मांग !

कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक युवा संक्रमित, वैक्सीनेशन की उठी मांग !

जयपुर: राजस्थान में कोरोना की दूसरी वेव ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है. कोरोना वैक्सीनेशन के महाअभियान के बावजूद कोरोना भयावह रूप लेते जा रहा है, जिसमें सर्वाधिक शिकार युवा वर्ग है. ये कोई हमारा अनुमान नहीं, बल्कि पिछले एक माह में कोरोना की दूसरी वेव में सामने आए केसों का उम्रवार एनालिसिस है. खुद सीएम अशोक गहलोत ने वैक्सीनेशन के सीमित दायरे पर सवाल उठाया है, साथ ही केन्द्र से मांग कि है कि युवा वर्ग को जल्द से जल्द वैक्सीन के दायरे में लाया जाए. आखिर कोरोना की दूसरी वेव में किस ग्रुप के कितने लोग आए चपेट में और गहलोत सरकार की मांग का क्या है पॉजिटिव मैसेज...पेश है फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट

दूसरी वेव में लापरवाही युवाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही: 
राजस्थान समेत देशभर में कोरोना की दूसरी वेव में लापरवाही युवाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है. बाजारों में यदि किसी का सर्वाधिक मूमेंट बाजार में देखा गया तो उनमें युवा वर्ग के लोग ज्यादा है. इसका सीधा असर कोरोना संक्रमण के फैलाव के रूप में देखा जा रहा है. राजस्थान में कोरोना के पॉजिटिव आंकड़ों की समीक्षा करें, तो कुछ ऐसी ही तस्वीर निकल कर सामने आ रही है. मार्च से शुरू हुई दूसरी कोरोना वेव में प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों में सर्वाधिक युवा चपेट में आए है. पांच मार्च से लेकर पांच अप्रेल तक के आंकड़ों को देखे तो कुल करीब 20 हजार केस में से 50 फीसदी अधिक यानी की 11 हजार के आसपास केस 15 से 44 साल की एज ग्रुप के है.

दूसरी वेव (5 मार्च से 5 मार्च तक का डेटा एनालिसिस)
उम्र ::::::::::::::::::::::::: पेशेंट 

1-14 ::::: 911
15-29::::: 5651
30-44::::: 5922
45-59::::: 4611
60 या इससे अधिक उम्र ::::::: 3731

राजस्थान के कोरोना पॉजिटिव के आंकड़ों में देखे तो महिलाओं की तुलना में करीब दोगुना के आसपास पुरूष कोरोना से संक्रमित हुए है. दूसरी वेव में अब तक कुल 13137 मेल मरीज, जबकि 7689 फीसदी मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले है. चिकित्सकों के मुताबिक 15 से 45 साल की श्रेणी के लोगों का सबसे अधिक मूमेंट होता है. इस श्रेणी के लोगों में से अधिकांश लापरवाही के चलते कोरोना की चपेट में आए है. ऐसे में यदि इस ग्रुप को कोरोना वैक्सीनेशन के दायरे में लाया जाए तो काफी हद तक कोरोना के बढ़ते स्प्रेड को रोका जा सकता है.

उम्रवार कोरोना का एनालिसिस कराने के बाद उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी:  
चिकित्सा विभाग ने उम्रवार कोरोना का एनालिसिस कराने के बाद उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी हैं. इसी रिपोर्ट के आधार पर सूबे के सीएम अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने केन्द्र सरकार से मांग उठाई है कि कोरोना के स्प्रेड को रोकने के लिए युवा वर्क को वैक्सीन के दायरे में लाया जाना चाहिए. कई मंचों पर वे ये बात उठा चुके हैं. ऐसे में उम्मीद ये है कि जल्द ही केन्द्र सरकार इस मुद्दे पर गौर फरमाएगी ताकि राजस्थान समेत देशभर में बढ़ते कोरोना स्प्रेड को रोका जा सके.
 

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