जयपुर पपला को फरार करने आए बदमाशों की बात निकली गलत, नहीं हुई फरार करने की कोई कोशिश

पपला को फरार करने आए बदमाशों की बात निकली गलत, नहीं हुई फरार करने की कोई कोशिश

जयपुर: हरियाणा और राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर को रिमांड के बाद किशनगढ़बास जेल ले जाते समय खैरथल में 6 संदिग्ध कारें पुलिस के काफिले में घुस गईं. पुलिस ने इनमें से 4 कारों को मौके पर ही पकड़ लिया. जबकि एक वाहन बहरोड के मौसमपुर के पास पकड़ा गया. वाहनों में सवार करीब 20 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. लेकिन पपला को फरार करने आए बदमाशों की बात गलत निकली. पपला को फरार करने की कोई कोशिश नहीं हुई. 

दरअसल, पपला को ले जा रहे पुलिस काफ़िले के पीछे जो गाड़ियां चल रहीं थी उन गाड़ियों में किन्नर और उसके कुछ परिचित बैठे थे जो जमीन के एक विवाद को लेकर टपूकड़ा जा रहे थे. उन लोगों के पास चाकू, रॉड, लाठी जैसे हथियार मिलने पर पुलिस को पपला को फरार कराने आये गिरोह होने का शक हुआ था. लेकिन अब खैरथल थाना पुलिस की जांच में किन्नरों के आपसी विवाद की सूचना सही निकली है. पुलिस को  पपला के काफिले का पीछा करने का कोई लिंक नहीं मिला है. 

27 जनवरी 2021 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर इलाके से गिरफ्तार किया था:
गौरतलब है कि बहरोड़ थाने से 6 सितंबर 2019 को फरारी के बाद पपला को उसकी प्रेमिका जिया के साथ 27 जनवरी 2021 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर इलाके से गिरफ्तार किया था. 28 जनवरी को पुलिस उसे अलवर लेकर आई. पहले बहरोड पुलिस ने उसके 13 दिन की रिमांड पर लिया. बाद में 5 दिन की रिमांड मुंडावर पुलिस ने ली थी. सोमवार को रिमांड अवधि पूरी होने मुंडावर कोर्ट उसे 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए. पपला को किशनगढ़बास जेल में शिफ्ट करना था. बाद में उसे अजमेर जेल शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया. बता दें कि पपला गुर्जर को उसके साथी दो बार पुलिस हिरासत से छुड़ाकर ले जा चुके हैं. 


 

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