VIDEO: रोप-वे से सामोद वीर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए अभी करना होगा इंतजार , देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: रोप-वे से सामोद वीर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए अभी करना होगा इंतजार , देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: रोप-वे से बजरंग बली के दर्शन करने के लिए अभी इंतजार करना होगा.पिछले 30 माह से बंद पडे रोप-वे का संचालन खटाई में जाता दिखाई दे रहा है.तकनीकी आपत्तियों के चलते जून 2019 से रोपवे बंद पड़ा है. 14 सितम्बर 2021 को राजस्व और वन विभाग की ओर से करवाए गए संयुक्त सर्वे में राजस्व विभाग ने उक्त भूमि को मंदिर माफी की भूमि बताया था तो वन विभाग ने रोपवे की भूमि को वनविभाग की होने का दावा किया है.ऐसे में दोनों विभागों के जमीनी कानूनी दांवपेंच में रोप-वे का संचालन फिर से अटक गया है.

रोपवे संचालन का रास्ता फिर से अटका:

सरकारी विभागों के कानूनी दांवपेंच में 750 साल पुराने सामोद वीर हनुमान मंदिर में लगे रोपवे संचालन का रास्ता फिर से अटक गया हैं.सुरक्षा मानकों की जांच और किराया सहित 26 मानकों पर निर्णय के बाद जिला प्रशासन ने रोपवे कंपनी का लाइसेंस देने की तैयारी की तो वन विभाग ने आपत्ति लगा दी.तकनीकी आपत्तियों के चलते जून 2019 से रोपवे बंद पड़ा है.इसका निपटारा होते दिखाई नहीं दे रहा है.14 सितम्बर 2021 को राजस्व व वनविभाग की ओर से करवाए गए संयुक्त सर्वे में राजस्व विभाग ने उक्त भूमि को मंदिर माफी की भूमि बताया था,तो वन विभाग ने रोपवे की भूमि को वनविभाग की होने का दावा किया है.ऐसे में दोनों विभाग के जमीन कानूनी दावपेच में रोपवे का संचालन एक बार फिर से अटक गया है. फॉरेस्ट ऑफिसर सुदीप कौर ने बताया कि मंदिर में लगे रोपवे के संचालन के लिए पूर्व में डीएफओ के द्वारा रोपवे सर्वे की अनुमति दी गई थी.न कि संचालन की.हमने 14 सितम्बर 2021 को उच्च प्रशासन के आदेश की पालना करते हुए राजस्व व वनविभाग का संयुक्त सर्वे करवाया था.उक्त सर्वे में भूमि वन विभाग के दायरे में आती है.रोपवे कम्पनी को रोपवे चलाने की स्वीकृति के लिए वन संरक्षण अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन फिर से करना ही होगा.हमारे पास आवेदन आने के बाद हम मामले की जांच कर,उसको स्वीकृति दे सकते हैं.

पहले मंदिर माफी की भूमि पर वाणिज्यिक गतिविधि का अडंगा उसके बाद सुरक्षा कारण और अब वन विभाग का अडंगा.इन सभी के बीच सामोद वीर हनुमानजी का रोप-वे का संचालन अटक गया हैं.एडीएम शंकरलाल सैनी ने बताया की जून 2019 में मेंटेनेस विभाग की एनओसी और राजस्थान रज्जू अधीनियम 1996 की धारा 7 का उल्लघंन बताकर बंद करवाया था.उसके बाद लाइसेंस सुरक्षा मानक ,किराया सहित 26 मानकों पर निर्णय के लिए रोप-वे संचालन बंद के दौरान आपत्तियां मांगी गई थी.लाइसेंस की प्रक्रिया के तहत आपत्ति के लिए 1 महीने का समय दिया गया था.वह समय अब पूरा गया था उसमें एक भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई थी.उसके बाद पंचायत चुनाव होने के चलते आचार संहिता में मामला अटक गया.

वन विभाग ने किया दावा:

राज्य निर्वाचन आयोग से लाइसेंस मिलने के बाद जैसे ही लाइसेंस देने की प्रकिया शुरू की गई.वन विभाग ने दावा किया की जिस जगह पर ये रोप वे लगा हैं वो वन विभाग के दायरे में आती हैं.रोपवे कम्पनी को रोपवे चलाने की स्वीकृति के लिए वन संरक्षण अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन फिर से करना ही होगा.हमारे पास आवेदन आने के बाद हम मामले की जांच कर,उसको स्वीकृति दे सकते हैं.ऐसे में अब वन विभाग के मामला विचाराधीन हैं.वन विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद ही रोप-वे का संचालन शुरू हो सकता हैं.इधर रोपवे के प्रथम वर्ष में यात्री शुल्क तय किया गया है। 4 से 6 वर्ष तक के प्रति बच्चे का डबल राइड 33 रुपए, 6 वर्ष से अधिक प्रति व्यक्ति का डबल राइड 66 रुपए रखा गया है.वीर हनुमान धाम समोद पर्वत पर लगे रोप-वे संचालन का मुद्दा विधायक रामलाल शर्मा ने विधानसभा में भी उठाया था. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान चुटकी लेते हुए भाजपा विधायक ने यह भी कह डाला था कि जल्द से जल्द रोप-पे को चालू किया जाए अन्यथा सरकार पर संकट आ जाएगा.

अब तक रोपवे की ये रिपोर्ट मिल चुकी:
-एईएन सानिवि चौमू ने रिपोर्ट में रोपवे के संचालन को सफल बताया है.
-बिजली कट होने पर जनरेटर की व्यवस्था होने, सुरक्षा के इंतजाम भी उपयुक्त होने के साथ प्राकृतिक आपदा के अलावा रोपवे को सुरक्षित बताया है.
-एसडीएम चौमू ने रिपोर्ट में फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के बाद सुरक्षा इंतजाम की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन की होने के चलते अनापत्ति दर्शाई है.
-एसपी ने भी पीडब्लूडी व एसडीएम चौमू की एनओसी के आधार पर अपनी एनओसी दी.

रोप-वे के संचालन में अडचने दूर हो जाए जो वीर हनुमान मंदिर के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 1100 सीढ़ियां नहीं चढ़ना पड़ेगा.रोप-वे के संचालन से विकलांग, बुजुर्ग, बच्चों के लिए रोप-वे संजीवनी साबित होगा.बल्कि 5 मिनट में वीर हनुमान धाम समोद पर्वत पर मंदिर तक पहुंचा जा सकेगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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