VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट को मिलेगी नए साल में कई बड़ी सौगातें ! लगातार किए जा रहे विकास कार्य

VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट को मिलेगी नए साल में कई बड़ी सौगातें ! लगातार किए जा रहे विकास कार्य

जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट पर नया साल कई उपलब्धियां लेकर आएगा. एयरपोर्ट पर मौजूदा समय में चल रहे विकास कार्य इस नए साल में पूरे हो जाएंगे. ऐसे में न केवल आमजन के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी, साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी के लिए भी विमानों का संचालन करना सुगम होगा. फर्स्ट इंडिया न्यूज की इस खास रिपोर्ट में पढ़िए कि क्या-क्या सौगातें मिलेंगी नए साल में...

जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और फ्लाइट संचालन व यात्रीभार के लिहाज से देश का 12वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट है. यहां लगातार नए विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आम यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ रही हैं. साथ ही एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन के लिए विमानों का संचालन सुगमता से कर पाना संभव हो रहा है. एयरपोर्ट पर वर्तमान में केवल एक ही टर्मिनल संचालित हो रहा है. अब नए साल में पुराने टर्मिनल के रिनोवेशन का कार्य पूरा हो जाएगा. इस तरह जयपुर एयरपोर्ट के दो टर्मिनल भवन से विमानों का संचालन संभव हो सकेगा. टर्मिनल- 1 से इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया जाएगा. हालांकि अभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर रोक लगी हुई है और केवल चुनिंदा एयर बबल समझौते वाले देशों से ही फ्लाइट्स का आवागमन हो रहा है. चूंकि कोरोना काल से पहले टर्मिनल-2 यात्रियों की संख्या के मुताबिक छोटा पड़ रहा था, इसलिए टर्मिनल-1 को नए सिरे से निर्माण कर शुरू किया जा रहा है. निर्माण कार्य मार्च माह तक पूरा हो जाएगा और इसे अप्रैल से आम यात्रियों के लिए खोले जाने की संभावना है.

इस वर्ष ये बड़े कार्य एयरपोर्ट पर होंगे:
- टर्मिनल-1 भवन 40.37 करोड़ बजट से रिनोवेट किया जा रहा
- बिल्डिंग के अराइवल और डिपार्चर एरिया में कस्टम के 2-2 काउंटर्स होंगे
- इमिग्रेशन के 8 काउंटर अराइवल और 8 काउंटर डिपार्चर एरिया में होंगे
- एयरलाइंस के लिए 10 से 12 चैक इन काउंटर रखे जाएंगे
- यात्रियों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर 2 बोर्डिंग गेट होंगे, एयरोब्रिज नहीं होंगे
---------------
- जयपुर एयरपोर्ट पर पहली बार 2 राडार लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई
- पहला राडार अप्रोच सर्विलांस राडार, दूसरा मोनोपल्स सैकंडरी सर्विलांस राडार लगेगा
- ASR के जरिए आसमान में उड़ते विमानों की एक्युरेसी पता चलती है
- MSSR से विमान की कॉल साइन, फ्लाइट संख्या पता चलती है
- अभी विमानों की एप्रोच या प्रोसीजरल लैंडिंग कराई जाती है
- राडार लगने से विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ में कम समय लगेगा
-----------------
- रनवे के समानांतर टैक्सी ट्रैक का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में
- लैंडिंग और टेक ऑफ के दौरान प्रत्येक विमान के समय में 3 से 4 मिनट बचेंगे
- एक विमान की लैंडिंग के दौरान दूसरा विमान टेक ऑफ के लिए जा सकेगा
- 1 घंटे में 18 से 20 विमानों का संचालन संभव हो सकेगा
------------------
- जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले वर्ष 19 विमानों के पार्किंग वे बनाए गए
- अब बड़े आकार के 7 विमानों के लिए पार्किंग वे विकसित किए जा रहे
- 250 से लेकर 420 यात्री क्षमता के कैटेगरी E विमानों के 7 पार्किंग वे होंगे
- बोइंग 747 जम्बोजेट, बोइंग 777, एयरबस 330, एयरबस 340 जैसे विमान शामिल
- 7 नए पार्किंग वे बनने पर एयरपोर्ट की कुल पार्किंग क्षमता 41 हो जाएगी

इन 4 प्रमुख कार्यों के अलावा इस वर्ष जयपुर एयरपोर्ट का संचालन भी निजी हाथों में चला जाएगा. पिछले साल केन्द्रीय कैबिनेट ने जयपुर एयरपोर्ट के निजीकरण को मंजूरी दे दी थी. एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर अडानी एंटरप्राइजेज और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच समझौता इसी माह के दूसरे सप्ताह तक होने की संभावना है. इसके बाद जून माह से एयरपोर्ट का संचालन अडानी समूह संभाल सकता है. एयरपोर्ट का निजीकरण होने से कई तरह की सुविधाएं बढ़ने की संभावना रहेगी. सफाई सुविधा, शॉपिंग, एंटरटेनमेंट और पार्किंग सुविधाओं में इजाफा होने की संभावना रहेगी. हालांकि निजी कम्पनी के संचालन संभालने से एयरपोर्ट पर महंगाई बढ़ने की भी संभावना है. कुलमिलाकर नए साल में एक ओर जहां एयरपोर्ट पर नए विकास कार्य और नई सुविधाएं जुड़ेंगी, वहीं निजीकरण के चलते कई बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं.
...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

और पढ़ें