जयपुर VIDEO: उपभोक्ताओं से हांफते बिजली दफ्तरों को मिलेगी राहत! जयपुर डिस्कॉम में 25 से अधिक नए AEN दफ्तर की जरूरत, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: उपभोक्ताओं से हांफते बिजली दफ्तरों को मिलेगी राहत! जयपुर डिस्कॉम में 25 से अधिक नए AEN दफ्तर की जरूरत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में उपभोक्ताओं से हांपते बिजली दफ्तरों के दिन फिरने वाले है.जी हां, जिन बिजली दफ्तरों में तय मापदण्ड से अधिक उपभोक्ताओं के चलते सेवाएं प्रभावित हो रही है, वहां नए बिजली दफ्तर खोले जाएंगे.गत लम्बे समय से कंज्यूमर्स से ओवरलोड बिजली दफ्तरों के विभाजन को लेकर ऊर्जा विभाग ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है.आखिर क्या है ऊर्जा विभाग की कवायद और प्रदेश की जनता के लिए ये बड़ी राहत कैसे बनेगी.  प्रदेश में बिजली दफ्तरों में उपभोक्ताओं का भार किसी से छिपा नहीं है.जयपुर डिस्कॉम की बात की जाए तो खासतौर पर जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और अलवर सर्किल ऐसे है, जहां 30 से अधिक दफ्तरों में अत्यधिक बिजली उपभोक्ताओं के चलते सेवाएं प्रभावित हो रही है.

हालांकि, सरकार ने समय समय पर नए सब डिजीवन कार्यालय खोले है, लेकिन जिस अनुपात में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए ये काफी कम है.ऐसे में फील्ड में लगातार शिकायतें बढ़ रही है, जिसके समाधान के लिए ऊर्जा विभाग ने नए दफ्तर खोले के लिए बड़ी कवायद शुरू की है.जयपुर समेत तीनों डिस्कॉम में फील्ड अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे गए है कि तय मापदण्ड के हिसाब से कहां-कहां खंड,उपखंड,उप कार्यालय खोले जाने की जरूरत है.प्रमुख ऊर्जा सचिव भास्कर ए सावंत की माने तो ये प्रस्ताव फाइनेंस डिपार्टमेंट में भेजे जाएंगे, जहां से अनुमति के बाद नए दफ्तर खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी.

ऊर्जा विभाग के नियमानुसार ये है दफ्तरों का मापदण्ड:
- 90000 उपभोक्ताओं पर खुलना चाहिए एक अधिशासी अभियंता कार्यालय
- शहरी क्षेत्र में 28000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 22000 उपभोक्ताओं पर होना चाहिए एक AEN दफ्तर
- शहरी क्षेत्र में 9000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 7000 उपभोक्ताओं पर होना चाहिए एक JEN दफ्तर

जयपुर डिस्कॉम में सर्किलवार ओवरलोड AEN दफ्तर !:
-डिस्कॉम क्षेत्राधिकार में 13 सर्किलों में 217 AEN दफ्तर कार्यरत
-इसमें से 71 दफ्तर ऐसे, जहां उपभोक्ताओं का भार 30000 के पार
-डिस्कॉम में सर्किलवार देखे तो अलवर में 35 में से 10 AEN दफ्तर ,
-भरतपुर में 13 में से 7 AEN दफ्तर, धौलपुर में 7 में से 1 AEN दफ्तर
-दौसा में 15 में से 1 AEN दफ्तर, करौली में 10 में से 1 AEN दफ्तर,
-जयपुर सिटी में 32 में से 19 AEN दफ्तर,झालावाड़ में 15 में से 3 AEN दफ्तर,
-जयपुर ग्रामीण में 34 में से 14 AEN दफ्तर, बारां में 14 में से 1 AEN दफ्तर,
-कोटा में 11 में से 2, बूंदी में 10 में से 5, सवाई माधोपुर में 10 में से 4 AEN दफ्तर व
-टोंक में 11 में से 1 AEN दफ्तर में 30 हजार से अधिक उपभोक्ता
-इन सभी दफ्तरों में से करीब फीसदी को तत्काल विभाजन की दरकार

जयपुर डिस्कॉम में तीन सर्किल भी ओवरलोड !:
-तय मापदंड से अधिक उपभोक्ता वाले बिजली दफ्तरों से जुड़ी खबर
-जयपुर सिटी सर्किल में उपभोक्ताओं की संख्या 10 लाख के पार
-जयपुर ग्रामीण व अलवर सर्किल में 9 लाख के आसपास पहुंचे उपभोक्ता
-डिस्कॉम में राजस्व के लिहाज से ये तीनों ही सर्किल है महत्वपूर्ण
-ऐसे में तीनों सर्किलों को भी तत्काल प्रभाव से तोड़ने की है जरूरत
-ताकि, उपभोक्ताओं की सेवाओं के साथ ही राजस्व में भी आए सुधार

जयपुर डिस्कॉम में सर्वाधिक बुरी स्थित जयपुर जिले के दोनों सर्किलों की है.जयपुर सिटी सर्किल की बात की जाए तो यहां 32 सब डिवीजन कार्यालयों में से 19 में उपभोक्ताओं का जबरदस्त लोड होने के चलते सेवाएं प्रभावित हो रही है.इनमें भी छह कार्यालय तो ऐसे है जहां उपभोक्ताओं की संख्या तय मापदण्ड से दोगुना से भी अधिक पहुंच चुकी है.जबकि जयपुर ग्रामीण सर्किल में 34 में से 14 सहायक अभियंता कार्यालय ऐसे है, जहां तय मापदण्ड से करीब पांच से दस हजार उपभोक्ता अधिक है.

उपभोक्ताओं के बोझ से बिजली सेवाओं हो रही फ्यूज:
-तय मापदंड से अधिक उपभोक्ता वाले बिजली दफ्तरों से जुड़ी खबर
-जयपुर डिस्कॉम में सर्वाधिक बुरी स्थित में जयपुर जिले के दोनों सर्किल
-जयपुर सिटी में 32 में से 19,जयपुर ग्रामीण में 34 में से 14 AEN दफ्तर ऐसे
-जहां बिजली उपभोक्ताओं की संख्या पहुंच चुकी तीस हजार के पार
-जयपुर में मानसरोवर, सांगानेर, प्रतापनगर, जगतपुरा, मुरलीपुरा और झोटवाड़ा
-जयपुर ग्रामीण में कालवाड़ और बगरू AEN दफ्तर सुपर क्रिटिकल हालात में
-इन दफ्तरों में उपभोक्ताओं की संख्या पहुंच चुकी 45 से 60 हजार के आसपास
-खुद डिस्कॉम प्रशासन का मत, इन दफ्तरों का तत्काल होना चाहिए विभाजन

एक बार बिजली गुल तो घंटों परेशान होने की मजबूरी !:
-बिजली दफ्तरों में अत्यधिक उपभोक्ताओं का साइड इफेक्ट
-दरअसल, सहायक अभियंता कार्यालय में होते ही जनता से जुड़े हर काम
-नए बिजली कनेक्शन, बिजली चोरी पकड़ना, बिजली सिस्टम की मेंटीनेंस
-समयबद्ध बिलिंग,राजस्व वसूली, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मॉनिटरिंग,
-उपभोक्ताओं की आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण जैसे काम
-तय मापदण्ड से अधिक उपभोक्ता होने पर कहीं न कहीं प्रभावित होती है सेवाएं
-जयपुर शहर में ये हालात है कि कई इलाकों में यदि एक बार आ जाए कोई फाल्ट
-तो हजारों उपभोक्ताओं को घंटों बिजली गुल की दिक्कतों से होना पड़ता है रूबरू

खुद डिस्कॉम अधिकारियों की माने तो कई ओवरलोड दफ्तरों के उपभोक्ता त्वरित सेवाओं के लिए काफी परेशान है.साथ ही इन दफ्तरों में लगे अभियंता समेत अन्य कार्मिक भी शारीरिक व मानसिक रूप से तनावग्रस्त है.ऐसे में ऊर्जा विभाग की कवायद को लाखों बिजली उपभोक्ता के साथ ही फील्ड अभियंताओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.अब उम्मीद ये है कि विभाग की जनहित की इस कवायद में कोई सरकारी रोड़ा नहीं आएगा और जरूरत के हिसाब से नए बिजली दफ़्तर खुलने की राह साफ होगी.ताकि,सरकार की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवाएं जनता को मिल सके.

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