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जयपुर पुलिस के एक कांस्टेबल ने लगाई फांसी, सदर थाने में था तैनात

जयपुर पुलिस के एक कांस्टेबल ने लगाई फांसी, सदर थाने में था तैनात

जयपुर: राजधानी में आज जयपुर पुलिस के एक कॉस्टेबल ने फांसी लगाकर जान दे दी है. जयपुर जिले के सदर थाने में तैनात कॉस्टेबल गोपाल लाल का शव थाने के पास स्थित क्वाटर में झुलता हुआ पाया गया. फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है.

नहीं मिला सुसाइड नोट:
दरअसल मृतक कांस्टेबल गोपाल लाल आज सुबह ड्युटी पर नहीं पहुंचा था, जिसके बाद थाने का ही एक पुलिसकर्मी क्वाटर पर पहुंचा. जिसके बाद कांस्टेबल द्वारा आत्महत्या की बात सामने आई. हालांकि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. सूचना मिलने के बाद पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहूंचे और एफएसएल को भी जांच के लिए बुलाया गया. डीसीपी के अनुसार अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.

... संवाददाता सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट

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VIDEO: हमारे यहां सरकार के खिलाफ डिप्टी सीएम खुद डील कर रहे थे- मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में लोकतंत्र खत्म करने वाली सरकार बैठी है. राजनीति में खरीद-फरोक्त ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के षडयंत्र में डिप्टी सीएम भी शामिल थे, हमारे यहां डिप्टी सीएम ही डील कर रहा था. जो हमारे साथ नहीं है वो पैसे ले चुके हैं. षड्यंत्र में शामिल होने वाले लोग खुद सफाई दे रहे हैं. 

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केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा:  
इसके साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा है. ऐसे में मीडिया ईमानदारी का साथ दे, लोकतंत्र को अखंड रखना है. अब जो लोग देश में शासन कर रहे वे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. कांग्रेस ने 76 साल तक लोकतंत्र को बचाए रखा. राजनीति में खरीद-फरोख्त ठीक नहीं है. सरकार गिराने का प्रयास करने वालों के पास धन और बल की कमी नहीं है. 

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हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए: 
मीडिया से वार्ता करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में एक मजबूत सरकार बनी थी. हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए. राजनीति में विचारधारा की लड़ाई होती है. लेकिन अब हॉर्स ट्रेडिंग कर सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है. राष्ट्रीय मीडिया सच्चाई का साथ दे, लोकतंत्र के लिए आवाज उठाए. आज मीडिया उल्टा काम कर रहा है. हमारे पास हॉर्स ट्रेडिंग करने का प्रूफ है. 


 

मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बी​जेपी पर लगाए आरोप, कहा-BJP षड्यंत्र करके हमारे साथियों को ले गई

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जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के बीच मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रेसवार्ता करके अहम बातें कहीं. प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि गहलोत के नेतृत्व में 5 साल सरकार चलेगी. साथ ही विधायकों के नंबर पर बोले खाचरियावास ने कहा कि हमारे साथ होटल में 109 विधायक मौजूद हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा षड्यंत्र करके हमारे साथियों को ले गई. हरियाणा की सरकार के दम पर बाड़ाबंदी की गई है. अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान पर लगाया आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति कोई संतों की जमात नहीं है. 

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आज भाजपा को सचिन पायलट की चिंता कैसे हो गयीं?:
साथ ही कांग्रेस नेताओं के इनकम टैक्स के छापे की बात पर खाचरियावास बोले, इससे पहले इनकम टैक्स के छापे पहले तो हमारे यहां नहीं पड़े.प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मेरी अभी भी बागी विधायकों से बात हो रही है. मेरी अपील है कि वे आकर पार्टी में अपनी बात कहे. बागी विधायकों को नोटिस लेकर प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि विधायक दल के नेता ने मीटिंग बुलाई थी. अगर विधायक नहीं आएंगे तो नियमानुसार कार्रवाई होगी. आज भाजपा को सचिन पायलट की चिंता कैसे हो गयीं ?

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बीजेपी कर रही है खरीद फरोख्त:
भाजपा अभी भी खरीद फरोख्त कर रही है. भाजपा के लोग जयपुर में आये है वे पकड़े जाएंगे. पायलट व विधायक AICC के लॉन में जाकर धरना देते है. PCC अध्यक्ष थे, हमारे साथ बैठकर बात करते.खाचरियावास ने कहा कि पायलट कांग्रेस से बाहर जाते हैं तो सभी को दुख होता है, लेकिन उन्होंने कदम सही नहीं उठाया. वह विधायकों के साथ सोनिया गांधी के पास जाते. AICC में जाते अपनी बात रखते.

क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश? विधायक चेतन डूडी के बयान ने दिए संकेत

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जयपुर: राजस्थान में लगातार सियासी घटनाक्रम पर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहा है. अब कांग्रेस विधायक चेतन डूडी ने बयान से अलग ही कयास लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पायलट ने प्रेस कांफ्रेंस ऐसे ही थोड़े स्थगित की होगी. इसके पीछे कुछ तो चल रहा होगा. डूडी ने कहा कि सचिन पायलट को लेकर कोई सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है. इसके साथ ही पायलट से बड़े नेताओं की बातचीत का दावा भी किया. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यह खड़ा होता है कि क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश की जा रही है? हालांकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. 

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पायलट अपनी ‘गलतियों’ के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है:
इससे पहले अविनाश पांडे ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपनी ‘गलतियों’ के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है, लेकिन हर चीज की समयसीमा होती है. दरअसल, उप मुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पायलट ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भगवान उनको सद्बुद्धि दे. जिस पार्टी ने उनको पाला-पोसा और बड़ा किया वह उनसे एक जिम्मेदार नेता होने की अपेक्षा करती है. उनको मेरा यही संदेश है. 

19 बागी विधायकों को नोटिस जारी: 
दूसरी ओर विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत! 

महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी:
इससे पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी है. अब विधायकों को व्यक्तिगत रूप से सफाई देनी होगी. संतोषजनक उत्तर ना देने पर विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज शुरू होगी. 


 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर एक के बाद एक नया अपडेट आ रहा है. अब विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

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मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी गंभीर संशय बरकरार: 
दूसरी ओर राजस्थान में लगातार चल रहे सियासी उठापटक के बीच गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी गंभीर संशय बरकरार है. जानकार सूत्रों ने इसको लेकर संकेत दिए हैं. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सरकार को विश्वासमत हासिल करना होगा. इसके लिए विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध करना होगा. ऐसे में अब संभवत: इसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है. 

गवर्नर के औपचारिक फैसले का इंतजार: 
इसके लिए मंगलवार को गुलाबचंद कटारिया-सतीश पूनिया-राजेंद्र राठौड़ और हनुमान बेनीवाल ने एक स्वर में मांग की थी. गहलोत सरकार को पहले ही बहुमत साबित करना चाहिए और इसके बाद ही मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार करें. कल पायलट समर्थक विधायकों ने भी ऐसी ही मांग की थी. अब हर किसी को गवर्नर कलराज मिश्र के औपचारिक फैसले का इंतजार है. 

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गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए: 
दूसरी ओर सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त करने के बाद अब अशोक गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए हैं. सूत्रों के अनुसार, नए घटनाक्रम में अशोक गहलोत अब 16 जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इसमें उन विधायकों को जगह मिल सकती है, जो नाराज हैं. 
 

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत!

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कांग्रेस के बगावती विधायकों को सदस्यता खत्म करने का नोटिस जारी, 17 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने की कही बात 

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गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए: 
दूसरी ओर सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त करने के बाद अब अशोक गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए हैं. सूत्रों के अनुसार, नए घटनाक्रम में अशोक गहलोत अब 16 जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इसमें उन विधायकों को जगह मिल सकती है, जो नाराज हैं. 

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मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मैंने सभी के काम किए:  
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मैंने सभी के काम किए है, जो मांगा सभी को देने की कोशिश की है. उसके बाद भी बीजेपी के साथ हॉर्स ट्रेडिंग की बात आई. पार्टी तोड़ने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. जो गए हैं, उन पर बहुत बड़ा प्रेशर है, जो फैसला जनता द्वारा दिया गया है, वह हमारे लिए शिरोधार्य है. 


 

कांग्रेस के बगावती विधायकों को सदस्यता खत्म करने का नोटिस जारी, 17 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने की कही बात

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जयपुर: राजस्थान में लगातार सियासी उठापटक जारी है. सचिन पायलट सहित दो मंत्रियों की बर्खास्तगी के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने बगावती विधायकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है. मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी है. अब विधायकों को व्यक्तिगत रूप से सफाई देनी होगी. संतोषजनक उत्तर ना देने पर विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज शुरू होगी. 

प्रदेश में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार ! दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा 

गजेंद्र सिंह शक्तावत के निवास पर नोटिस चस्पा: 
अब तक मिली जानकारी के अनुसार वल्लभनगर विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निवास पर नोटिस चस्पा किया है. यह नोटिस विधानसभा की सदस्यता खत्म करने का है. देर रात एसडीएम संजय शर्मा ने घर के बाहर नोटिस चस्पा किया. नोटिस में 17 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने की बात कही गई है. वहीं बाकी अन्य विधायकों को नोटिस जारी करना शुरू हो गया है. अब एक के बाद एक बागी विधायकों को नोटिस जारी किया जाएगा. 

जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा:
सचिन पायलट की बगावत के बाद अब प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा. इसी के चलते मुख्यमंत्री गहलोत ने कल रात मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई है. वहीं प्रदेश में अब दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है. इसके अलावा सात नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. इसके साथ ही 10 से 15 संसदीय सचिव भी बनाए जा सकते हैं. हालांकि पायलट की आज पीसी के बाद तस्वी साफ हो सकेगी. इसके बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे. 

पीसीसी चीफ बनाए जाने पर बोले डोटासरा, पार्टी ने जो मुझे इज्जत बख्शी है,मैं बहुत आभार व्यक्त करता हूं

बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए है. उन्होंने कर्नाटक, मध्यप्रदेश में धन-बल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था. राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे. खुला खेल था....और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए.
 


 

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जयपुर: राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट की बगावत के बाद अब प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा. इसी के चलते मुख्यमंत्री गहलोत ने कल रात मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई है. वहीं प्रदेश में अब दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है. इसके अलावा सात नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. इसके साथ ही 10 से 15 संसदीय सचिव भी बनाए जा सकते हैं. हालांकि पायलट की आज पीसी के बाद तस्वी साफ हो सकेगी. इसके बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे. 

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सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में मंत्रिपरिषद के नए गठन की तैयारियां शुरू हो गई है. अगले 10-12 दिन में मंत्रिपरिषद का विस्तार की बात सामने आ रही है. सीएम गहलोत मंत्रिपरिषद के नए गठन को अंतिम रूम दे रहे है. वहीं सूत्रों की माने तो मंत्रिपरिषद में शामिल होने वाले नाम तय हो गए है. 

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राज्यपाल ने की सीएम गहलोत से मुलाकात:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे. यहां पर गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी. साथ ही विधायकों के समर्थन का पत्र भेजेंगे. खबर यह भी है कि बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को प्रस्ताव दिया. उन्होंने सचिन पायलट,विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव दिया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान की.


 

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