मरु महोत्सव के तीसरे दिन की सांझ: रेतीले धोरों पर मांड गायन ‘केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारो देश..की गुंजी गूंज

मरु महोत्सव के तीसरे दिन की सांझ: रेतीले धोरों पर मांड गायन ‘केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारो देश..की गुंजी गूंज

मरु महोत्सव के तीसरे दिन की सांझ: रेतीले धोरों पर मांड गायन ‘केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारो देश..की गुंजी गूंज

जैसलमेर: मरु महोत्सव की तीसरी सांझ पर खुहड़ी के रेतीले धोरों पर सैलानियों ने कबीर कैफे व अहमदाबाद की अतरंगी बैंड के कलाकारों को सुना. खुहड़ी के रेतीले धोरों पर कबीर की वाणी के महाप्रपात लोक वाद्यों की संगत पाकर लोग आनंद से झूमते रहे. शिविर विकास संस्था की ओर से अतरंगी बैण्ड के साथ प्रस्तुत छुगे खान एवं कलाकारों की टीम ने सूफी फोक फ्यूजन पेश किया. इस अवसर पर विधायक रूपाराम, जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी पर्यटन निदेशक निशान्त जैन, राज्यपाल के एडीसी हर्षवर्धन अग्रवाल, जिला कलक्टर आशीष मोदी,जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयिंसह, सहित वायुसेनाआर्मी एवं बीएसएफ प्रशासन तथा पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारीगण जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में सैलानी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे.

खुहड़ी एवं जैसलमेर के परंपरागत मांगणियार लोक कलाकारों गफूर खान व थानू खान के साथ करीब पांच दर्जन लोक कलाकारों ने बैंड के सहयोग से मांड गायन ‘केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारो देस..’ पेश कर तमाम मेहमानों को स्वागत किया. देश-विदेश में हर साल सौ से अधिक शो करते रहने वाले अतरंगी बैण्ड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांगीतिक कार्यक्रमों ने मीलों तक पसरे रेतीले धोरों पर गायकी का रस बरसा दिया. कार्यक्रम में मांगणियारों के समूह ‘जैसलमेर बीट’ बैण्ड के नामी कलाकारों रईस खान, शेरू खान, अशरफ खान, रज्जाक खान, विजिल गोपालन एवं भंवरू खान द्वारा मोरचंग, खड़ताल, हारमोनियम, भपंग, ढोलक, बीट बॉक्सिंग, सारंगी, डिडगिरीडू वाद्ययंत्रों की संगत पर प्रस्तुत परम्परागत लोक संगीत, सूफी फ्यूजन की गायकी ने खासी धूम मचाई. 

चेलूराम एण्ड पार्टी का भवई नृत्य और दिलीप खान एवं पार्टी द्वारा प्रस्तुत कालबेलिया नृत्य ने रसिकों को आनंदित कर दिया. कुटले खान एवं पार्टी की लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सलीम एण्ड पार्टी का चरी नृत्य ने मन मोह लिया. खुहड़ी पर आयोजित स्टार नाइट में कबीर कैफे व अतरंगी बैंड को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे. कबीर कैफे बैंड के नीरज आर्य ने कहा कि वो पहले भी जैसलमेर आ चुके हैं और जब भी वो यहां आते हैं. उन्हें बहुत प्यार मिलता है और यही कारण है कि वो यहां खींचे चले आते हैं. उन्होंने कहा कि वो कबीर की कही बातों को गाने के रूप में प्रस्तुत करते हैं और लोग इसे सराहते हैं. उनका कहना है कि हम रहे या न रहें, लेकिन कबीर की बातें हमेशा जीवित रहेंगी.  

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