Jaisalmer Jaisalmer: जिले में गोडावण का बढ़ता कुनबा, परिवार में 6 नए सदस्य बढ़े, 3 गोडावण ब्रीडिंग सेंटर और 3 जंगल में मिले

Jaisalmer: जिले में गोडावण का बढ़ता कुनबा, परिवार में 6 नए सदस्य बढ़े, 3 गोडावण ब्रीडिंग सेंटर और 3 जंगल में मिले

Jaisalmer: जिले में गोडावण का बढ़ता कुनबा, परिवार में 6 नए सदस्य बढ़े, 3 गोडावण ब्रीडिंग सेंटर और 3 जंगल में मिले

जैसलमेर: वन्य जीव विभाग के सहायक वन संरक्षक पी बालामुरूगन ने बताया कि गोडावण के संरक्षण का काम सही दिशा में होने से इनका कुनबा लगातार बढ़ रहा है. सुदासरी के गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में 16 गोडावण पहले से ही पल रहे हैं. अब 6 नए मेहमान और जुड़ गए हैं. इससे पहले 150 के करीब गोडावण विचरण कर रहे थे. सहायक वन संरक्षक पी बालामुरूगन ने बताया कि 1 अंडा रामदेवरा में मिला था, जिसमें से एक नन्हा गोडावण निकला है. इसके बाद 2 अंडे सुदासरी इलाके में मिले हैं. इनमें से 1 अंडे में से चूजा निकल आया है बाकी 1 चूजा फिलहाल अंडे में ही है. उस अंडे से जल्द नन्हा गोडावण बाहर आएगा.

जंगल में कुछ अंडे के खोल मिले है. जिससे ये जानकारी मिली है कि इनमें से भी चूजे निकल कर अपने परिवार के साथ विचरण कर रहे हैं.बालामुरुगन ने बताया कि कुल 6 नन्हें गोडावण मेहमान है. जिनमें से 3 हमारे पास है और 3 जंगल में अपने परिवार के साथ विचरण कर रहे हैं. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कंजर्वेशन ब्रीडिंग प्रोग्राम में आगे भी गोडावण के नए अंडे मिलने की संभावना है.

डेजर्ट नेशनल पार्क गोडावण का सबसे संरक्षित इलाका:

इन दिनों गोडावण का ब्रीडिंग सीजन चल रहा हैं और मेल व फीमेल की प्रणय लीला देखी जा रही है. दरअसल, जैसलमेर का डेजर्ट नेशनल पार्क गोडावण का सबसे संरक्षित इलाका माना जाता हैं. यहां पर 70 के करीब क्लोजर हैं जिसके कारण यहां पर गोडावण के प्रजनन की अनुकूल स्थितियां बनी हुई हैं. डेजर्ट नेशनल पार्क में बनाए गए हैचरी सेंटर में अंडों को वैज्ञानिक तरीके से सेज कर उनसे चूजे निकलवाए जा रहे हैं. ये कृत्रिम प्रजनन केन्द्र कई मायनों में सफल साबित हो रहा हैं. इस समय वहां 16 गोडावण है जिनमें से 13 फीमेल और 3 मेल गोडावण है.

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