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जैसलमेर में स्वाइन फ्लू रिपोर्ट को लेकर सामने आई बड़ी लापरवाही

जैसलमेर में स्वाइन फ्लू रिपोर्ट को लेकर सामने आई बड़ी लापरवाही

जैसलमेर। जैसलमेर में स्वाइन फ्लू की जांच में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिससे मरीज के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 5 वर्षीय अनुज को खांसी जुकाम होने पर यहां जिला अस्पताल में पीपीपी मोड़ पर कार्यरत कृष्णा लेब द्वारा जांच भेजी गई। जिसकी जांच में अनुज को स्वाइन फ्लू पॉजिटव बताया गया। यहां तक कि विभाग द्वारा सूचना देकर अखबार में भी छपवा दिया गया।  

परिजन अनुज को हड़बड़ाहट में गाड़ी किराए करके जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल ले गए। वहां के मेडिकल कॉलेज में जांच करवाने पर रिपोर्ट नेगेटिव आई। मरीज के परिजन नवल चौहान ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में हमारे पूरे परिवार को मानसिक व आर्थिक परेशानी हुई है। मरीज के परिजनों ने बताया कि इस तरीके से जांच से परिवार में तनाव का माहौल छा गया। आसपास के लोगों ने कुछ दिन घर आना भी छोड़ दिया। वहीं अनुज के दादा ने बताया कि मैं पहले ही बीमार रहता हूँ, इस तरीके से जांच से बहुत ही परेशानी का समान उठाना पड़ा। प्रसाशन को सोचना चाहिए कि इस तरीके की रिपोर्ट से और बड़ी हानि हो सकती है। 

उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें जोधपुर के डॉक्टरों ने बताया कि जैसलमेर से आई आधे से अधिक रिपोर्ट गलत होती है। जिस बच्चे की जैसलमेर में पॉजिटिव जांच आई है फर्स्ट इंडिया ने भी उससे मुलाकात की वह बालक पूर्ण रूप से सही था। हालांकि CMHO बाबूलाल बुनकर निजी जांच संस्थान का बचाव करते हुए कहा कि दोनों रिपोर्ट में 2 दिन का फर्क है, हो सकता है कि बच्चे के दो दिन दवाई लेने से उसका स्वाइन फ्लू ठीक हो गया हो। 

गौरतलब है कि एक तरफ जिले में स्वाइन फ्लू से मौतों का आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है और दूसरी तरफ मात्र टेली फ्लू के सेवन से सिर्फ 2 दिन में ठीक हो जाने का CMHO का ये बयान हास्यपद नजर आ रहा है। 

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