जालोर संसदीय सीट पर जातीय समीकरण करते है हार-जीत का फैसला

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/04 03:22

जालोर। जालोर संसदीय सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिये, जिससे अब चुनावी दंगल भी शुरू हो चुका है। 

- भाजपा से देवजी पटेल लोकसभा चुनाव प्रत्याशी
- दो बार लगातार लोकसभा चुनाव जीत चुके
- तीसरी बार भाजपा ने टिकट देकर उतरा मैदान में
- तीसरी बात जीतने पर मिल सकती बड़ी जिम्मेदारी
- कलबी चौधरी समाज से आते हैं देवजी पटेल
- कांग्रेस से रतन देवासी लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी
- रानीवाड़ा से रह चुके पूर्व विधायक
- गहलोत सरकार में रहे पूर्व उप मुख्य सचेतक
- रानीवाड़ा से विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार हारे
- हाल के विधानसभा चुनाव में महज 3400 वोटों से हारे
- देवासी के सामने लोकसभा चुनाव में बड़ी चुनौती
- कांग्रेस के घटे हुए वोट प्रतिशत को बढ़ाने की बड़ी चुनौती

जालोर जिले की 5 विधानसभा सीटें और सिरोही जिले की 3 विधानसभा सीटों को मिलाकर लोकसभा क्षेत्र बना जालोर संसदीय सीट पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय नेता भी चुनाव लड़े और जीते भी, इतना ही नहीं देश के बड़े पदों पर भी पहुंचे लेकिन नहीं हुआ तो जालोर का विकास जालोर आज भी शिक्षा, चिकित्सा, रेलवे सुविधा, रोडवेज बसों की सुविधा लग्जरी बसों की सुविधा सहित कई क्षेत्रों में पिछड़ा हुआ जिला है। जिला मुख्यालय को उपखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क अभी तक हाईवे नहीं बनी। विकास में इतना पिछड़ा जिला होने के बावजूद नेताओं का कोई खास फोकस जिले पर नहीं रहा। भाजपा ने जाति समीकरण को देखते हुए तीसरी बार देवजी पटेल को चुनावी मैदान में टिकट देकर उतारा है। देवजी पटेल दो बार लगातार जालोर से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं इस बार यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि तीसरी बात देवजी पटेल जीतकर हैट्रिक लगाते हैं तो देवजी पटेल को केंद्र में अगर मोदी सरकार बनी तो बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है जिससे जालोर के लोगों को विकास की उम्मीद भी है । जाति समीकरण के साथ ही भाजपा को मोदी के नाम पर भी नैया पार होने की उम्मीद है। वहीं जिले में लोगों पर मोदी का सीधा प्रभाव है ऐसे में मोदी लहर से भी जालोर में भाजपा को फायदा होगा।

कांग्रेस ने रानीवाड़ा के पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य सचेतक रतन देवासी को लोकसभा चुनाव में टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा रतन देवासी रानीवाड़ा से लगातार दो विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को जालोर से लोकसभा चुनाव में उतारने को लेकर पहले मुख्यमंत्री ने जालोर सीट का कई बार फीडबैक लिया, लेकिन ऐन वक्त पर वैभव गहलोत को जोधपुर से फाइनल कर लिया गया। जिससे जालोर सीट पर रतन देवासी को चुनावी मैदान में टिकट देकर उतारा । कांग्रेस ने जालोर से लगातार बीते 15 सालों से हारने के चलते इस बार जाति समीकरण फैक्टर को भी देखते हुए प्रत्याशी को चुनावी मैदान में टिकट दिया है। एक और भाजपा ने कलबी चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा लेकिन कांग्रेस द्वारा बीते दोनों लोकसभा चुनाव में कलबी चौधरी का चेहरा जीत नहीं पाया इसके चलते इस बार जाति समीकरण को लेकर देवासी बाहुल्य क्षेत्र होने से रतन देवासी को टिकट दिया है। इस बार दोनों पार्टियों में टक्कर होगी लेकिन देखना होगा कि जालोर सीट से भाजपा वापसी करेगी या कांग्रेस भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने में सफल रहेगी।

.....लूणाराम दर्जी फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जालोर 

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