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जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के कवादरा इलाके में आतंकियों ने CRPF जवानों पर किया ग्रेनेड हमला

जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के कवादरा इलाके में आतंकियों ने CRPF जवानों पर किया ग्रेनेड हमला

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पुराने श्रीनगर के कवदारा इलाके में आज फिर आतंकियों ने नापाक हरकत को अंजाम दिया. आज आतंकियों ने सीआरपीएफ के दस्ते पर ग्रेनेड से हमला किया. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में किसी भी प्रकार से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया है. 

मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह जब सीआरपीएफ के कुछ जवान बाजार में गश्त लगा रहे थे तभी ये ग्रेनेड हमला हुआ. ग्रेनेड एक ट्रांसफार्मर के पास फट गया. इस हमले में किसी सुरक्षाबल के जवान के जख्मी होने की सूचना नहीं हैं. बता दें कि वर्ष 2020 के दौरान यह श्रीनगर में पहला आतंकी हमला है. 


 

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केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा में किसान यूनियनों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा में किसान यूनियनों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका

अंबाला/कुरुक्षेत्र: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा में कई जगहों पर केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया. कुरुक्षेत्र के शाहबाद में भाकियू कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता कृष्ण कुमार बेदी के घर के पास प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे ले रखे थे और उन्होंने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

नारेबाजी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकाः
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अंबाला सिटी के निकट लखनपुर साहिब गांव में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग की. बाद में प्रदर्शन के तहत अंबाला और कुरुक्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका. राज्य में कुछ अन्य जगहों पर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने ऐसा ही प्रदर्शन किया.

सुरक्षा इंतजामः काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को किया गया तैनातः
गुरनाम सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि जब तक केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक उसके खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा.अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों समेत विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम के तहत सुबह से ही काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. इस महीने के शुरू में कुरुक्षेत्र पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया था.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की आवाज को दबाने के लिए ऐसे हथकंड़े अपना रही सरकारः
भाकियू नेता ने किसानों से अपील की थी कि वे दशहरे के दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाएं. इसके बाद शाहबाद पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी. शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता साहिल ने दर्ज कराई थी. इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की आवाज को दबाने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है.
सोर्स भाषा

विजयदशमी पर कोरोना की मारः बरसों से चली आ रही रावण का पुतला दहन करने की परंपरा टूटी

विजयदशमी पर कोरोना की मारः बरसों से चली आ रही रावण का पुतला दहन करने की परंपरा टूटी

देहरादून (उत्तराखंड): बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाये जाने वाले विजयदशमी त्योहार के अवसर पर हर साल यहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला दहन करने की परंपरा इस साल कोविड-19 महामारी के चलते टूट गई.

फीका रहा दशहरे का उत्साहः
परेड ग्राउंड और बन्नू स्कूल, दोनों ही जगह इस बार पुतला दहन के कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाए, जिसके चलते इस बार यहां दशहरा का उत्साह फीका रहा. राज्य सरकार ने परेड ग्राउंड में चल रहे विकास कार्यों के कारण वहां पुतला दहन की अनुमति नहीं दी. इसके अलावा, बन्नू स्कूल में भी कार्यक्रम में लोगों की मौजूदगी 50 व्यक्ति तक सीमित रखने के आदेश दिए गए थे. इस वजह से नाराज बन्नू बिरादरी समिति के लोगों ने कार्यक्रम का आयोजन ही रद्द कर दिया.

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भाजपा पर कांग्रेस का वार, कहा-सनातनी परंपरा को तोड़कर जन भावनाओं किया आहतः
हरिद्वार तथा प्रदेश में अन्य जगहों पर भी कोविड 19 के कारण पुतला दहन के कार्यक्रम नहीं आयोजित किए गए. मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देश और प्रदेश की भाजपा सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्होंने सनातनी परंपरा को तोड़कर जन भावनाओं को आहत किया है. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हिंदू धर्म का ठेका उठाने वाले लोगों के राज में इतिहास में पहली बार इस महान पर्व पर सनातनी परंपराएं तोड़ दी गयीं और इससे जनभावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं.
सोर्स भाषा

खुद को फिल्म अभिनेता बताकर विदेशों में बेचता था बच्चों की अश्लील तस्वीरें

खुद को फिल्म अभिनेता बताकर विदेशों में बेचता था बच्चों की अश्लील तस्वीरें

नयी दिल्ली: सीबीआई ने मुंबई स्थित एक छुटभैया टीवी कलाकार के खिलाफ कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय गिरोह के संचालन के आरोप में मामला दर्ज किया है जो विदेशों से नाबालिगों की अश्लील यौन सामग्री लालच देकर एवं ब्लैकमेल कर इंस्टाग्राम पर हासिल करता था और बाद में उन्हें अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को बेचता था. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.

10-16 साल के नाबालिगों के अश्लील फोटो करता था साझाः
उन्होंने कहा कि आरोपी ने अमेरिका, यूरोप और दक्षिण एशियाई देशों के 10-16 साल के करीब एक हजार नाबालिगों से फोटो साझा करने वाले सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम के जरिये संपर्क किया. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने टीवी धारावाहिकों में जूनियर आर्टिस्ट होने का दावा करने वाले आरोपी के घर की हाल में तलाशी ली थी और वहां से उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किया गया.

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खुद को फिल्म स्टार बताकर नाबालिगों को संबंधों के लिये बहलाता थाः
अधिकारी ने बताया कि उसके उपकरणों के फॉरेंसिक विश्लेषण से ऑनलाइन यौन शोषण संबंधी सामग्री मिली जिसे आरोपी बाद में व्हाट्सऐप और अन्य मंचों का इस्तेमाल करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को वितरित करता था. अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार का रहने वाला आरोपी खुद को फिल्म स्टार बताकर नाबालिगों को ऑनलाइन संबंधों के लिये बहलाता-फुसलाता था और इस दौरान उनसे अश्लील तस्वीरें और वीडियो देने को कहता था जिनका इस्तेमाल वह उन्हें अवैध धंधे के जाल में फंसाने के लिये करता था.

पीड़ितों के विरोध करने पर तस्वीरें वायरल करने की देता था धमकीः
उन्होंने कहा कि आरोपी उनका व्हाट्सऐप नंबर लेकर उनसे चैट करता और वीडियो कॉल के दौरान उनसे अश्लील हरकतें करने को कहता जिन्हें इंस्टाग्राम के जरिये विभिन्न देशों में स्थित उसके ग्राहकों से साझा किया जाता था. अधिकारी ने कहा कि अगर पीड़ित आरोपी से संपर्क खत्म करने की कोशिश करते तो आरोपी उनकी तस्वीरें परिवार और दोस्तों से साझा करने की धमकी देता. जांच एजेंसी ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
सोर्स भाषा

एक शासक की जिंदगी में अहंकार, झूठ और वादाखिलाफी की कोई जगह नहींः सोनिया गांधी

एक शासक की जिंदगी में अहंकार, झूठ और वादाखिलाफी की कोई जगह नहींः सोनिया गांधी

नयी दिल्ली: कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने दशहरा पर्व की लोगों को बधाई देते हुए रविवार को कहा कि विजय दशमी का सबसे बड़ा संदेश यह है कि शासन में लोग सर्वोपरि हैं और एक शासक की जिंदगी में अहंकार, झूठ और वादाखिलाफी की कोई जगह नहीं है.

दशहरा अहंकार पर विवेक की जीतः
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मौके पर ट्वीट कर कहा कि सच की अंतत: विजय होगी. दशहरे पर अपने संदेश में सोनिया गांधी ने सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि दशहरा अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य और अहंकार पर विवेक की जीत का प्रतीक है. नौ दिन की पूजा के बाद यह किसी भी स्थिति में कर्तव्यों को पूरा करने का प्रण लेकर आता है.

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लोगों से की अपील-त्योहार के दौरान खुद को कोरोना वायरस से भी रखें सुरक्षितः 
सोनिया गांधी ने कहा कि शासन में जनता सर्वोपरि है और एक शासक की जिंदगी में अहंकार, झूठ और वादाखिलाफी की कोई जगह नहीं है. यह विजय दशमी का सबसे बड़ा संदेश है. कांग्रेस की अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि यह दशहरा लोगों की जिंदगियों में न सिर्फ खुशहाली, शांति और समृद्धि लेकर आएगा, बल्कि उनमें सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे त्योहार के दौरान खुद को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखें एवं कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपल, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दशहरे के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं दीं.
सोर्स भाषा

भाजपा नेता का विवादित बयान, कहा- मोदी ने तय कर दिया है कि पाकिस्‍तान और चीन से युद्ध कब होना

भाजपा नेता का विवादित बयान, कहा- मोदी ने तय कर दिया है कि पाकिस्‍तान और चीन से युद्ध कब होना

बलिया: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने एक विवादित टिप्पणी में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय कर दिया है कि पाकिस्‍तान और चीन से युद्ध कब होना है. उनकी यह टिप्पणी शुक्रवार को आई. उल्लेखनीय है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच तनाव व्याप्त है, जहां दोनों देशों के सैनिक काफी संख्या में तैनात हैं.

स्‍वतंत्र देव सिंह का वीडियो हुआ वायरलः 
भाजपा नेता ने अपने दावे को अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने और ज्म्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किये जाने से संबद्ध किया है. दरअसल, सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्‍होंने कहा है कि 'राम मंदिर और अनुच्छेद 370 पर निर्णय की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय कर दिया है कि पाकिस्‍तान और चीन से युद्ध कब होना है. संबंधित तिथि तय है कि कब क्‍या होना है.  सिंह ने गत 23 अक्‍टूबर को बलिया जिले के सिकंदरपुर में भाजपा विधायक संजय यादव के आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी. भाजपा विधायक संजय यादव ने रविवार को यह वीडियो जारी किया.

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क्षेत्रीय भाजपा नेताओं का बयान- कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने के लिए ऐसा कहाः
स्‍वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की तुलना आतंकवादियों से की. इस संदर्भ में जब भाजपा के क्षेत्रीय सांसद रवींद्र कुशवाहा से पूछा गया, तो उन्‍होंने कहा कि प्रदेश अध्‍यक्ष ने कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने के लिए ऐसा कहा है.
सोर्स भाषा

14 साल की छात्रा ने की ऐसी खोज जिससे हो सकता है घातक संक्रमण का इलाज

14 साल की छात्रा ने की ऐसी खोज जिससे हो सकता है घातक संक्रमण का इलाज

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस के इलाज की खोज में एक ओर जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक दिनरात मेहनत कर रहे हैं वहीं अमेरिका में बसी भारतीय मूल की आठवीं कक्षा की 14 साल की एक छात्रा ने इस घातक संक्रमण से निजात दिलाने में मददगार हो सकने वाले इलाज की खोज करके बड़ी इनामी रकम जीती है.

यंग साइंटिस्ट चैलेंज प्रतियोगिता के 10 युवा वैज्ञानिकों में अनिका भी शामिलः
अमेरिका की एक प्रमुख विनिर्माण कंपनी 3एम हर वर्ष देश में माध्यमिक विद्यालय स्तर पर यंग साइंटिस्ट चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन करती है. इस प्रतियोगिता में देशभर के विज्ञान में रूचि रखने वाले विद्यार्थी अपनी किसी खोज अथवा आविष्कार के साथ आवेदन करते हैं. इस वर्ष इस प्रतियोगिता में चुने गए शीर्ष 10 युवा वैज्ञानिकों में अनिका भी शामिल हैं, जिन्होंने कोरोना के इलाज में मददगार तकनीक विकसित करके 25 हजार डालर का इनाम जीता है.

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अपनी गंभीर बीमारी के इलाज से ध्यान हटाकर कोरोना संक्रमण को कमजोर करने की ओर किया केंद्रितः
टैक्सास के फ्रिस्को में रहने वाली अनिका नेल्सन मिडिल स्कूल में आठवी कक्षा में पढ़ती हैं. अपनी इस उपलब्धि पर अनिका का कहना है कि पिछले वर्ष वह ‘इन्फ्लूएंजा’ के गंभीर संक्रमण का शिकार हो गई थीं. वह इस बीमारी का इलाज तलाश करने पर काम कर रही थीं. उस समय तक कोरोना वायरस के संक्रमण का दूर-दूर तक कुछ अता पता नहीं था, लेकिन इस वर्ष के शुरू में कोरोना के महामारी का रूप लेने के बाद अनिका ने अपना ध्यान इसकी तरफ केंद्रित किया और ढेरों कंप्यूटर प्रोग्राम्स का इस्तेमाल करके यह पता लगाने का प्रयास किया कि वायरस को किस तरह से कमजोर किया जा सकता है.
 
प्रोटीन के जरिए फैलाता घातक वायरसः
दुनिया को कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में देखने की आकांक्षा रखने वाली अनिका ने बताया कि यह घातक वायरस अपने प्रोटीन के जरिए संक्रमण फैलाता है और उन्होंने इस वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार प्रोटीन को निष्क्रिय करने के लिए एक मॉलिक्यूल अर्थात अणु की खोज की है. अनिका ने इन-सिलिको प्रक्रिया का इस्तेमाल कर इस मॉलिक्यूल को खोज निकाला, जो सार्स कोविड-2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन को निष्प्रभावी कर सकता है.

इंटरनेट की मदद से एकत्र की जा सकती है किसी भी तरह की जानकारीः
अविका को उम्मीद है कि वह एक दिन मेडिकल रिसर्चर और प्रोफेसर बनेंगी. वह विज्ञान के प्रति अपनी रूचि का श्रेय अपने दादा को देती हैं. वह कहती हैं कि जब मैं छोटी थी तो मेरे दादाजी मुझे विज्ञान पढ़ने के लिए प्रेरित करते थी. वह खुद भी केमिस्ट्री के प्रोफेसर थे और उनके मार्गदर्शन में धीरे-धीरे मुझे विज्ञान की पढ़ाई और इसके प्रयोगों में मजा आने लगा. इंटरनेट को शताब्दी की सबसे उपयोगी खोज बताने वाली अनिका का कहना है कि इंटरनेट की मदद से किसी भी तरह की जानकारी एकत्र की जा सकती है. इसकी वजह से ज्ञान का खजाना बस आपसे कुछ ही क्लिक के फासले पर है और किसी भी समय, कहीं भी और कैसी भी जानकारी चाहिए हो, इंटरनेट एक भरोसेमंद दोस्त की तरह आपकी मदद के लिए तैयार रहता है. आज इंटरनेट के बिना इस दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल है.
सोर्स भाषा

विजयादशमी पर राजनाथ ने की अहम सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा, सिक्किम के शेराथांग में हुईं शस्त्र पूजा

विजयादशमी पर राजनाथ ने की अहम सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा, सिक्किम के शेराथांग में हुईं शस्त्र पूजा

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दशहरा के मौके पर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक अहम सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा की. इस सैन्य केंद्र पर सिक्किम सेक्टर में चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा की जिम्मेदारी है. जब रक्षा मंत्री भारतीय सेना की 33 कोर के सुकना स्थित मुख्यालय में पूजा कर रहे थे, उस समय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे तथा सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों ने बताया कि सिंह को सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाके शेरथांग में पूजा करने का कार्यक्रम था, लेकिन वह खराब मौसम की वजह से वहां नहीं जा सके.

रणनीतिक तौर पर अहम सैन्य अड्डे पर सिंह ने ऐसे समय शस्त्र पूजा की है जब भारत और चीन के बीच बीते पांच महीने से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध चल रहा है. गतिरोध का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि भारत तनाव को खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है. साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए समर्पित हैं और वे देश की भूमि का एक इंच भी किसी को लेने नहीं देंगे.

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उन्होंने कहा कि भारत तनाव खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है. मुझे पूरा यकीन है कि हमारी सेना भारत की एक इंच भी भूमि अन्य के हाथों में नहीं पड़ने देगी. सिंह दशहरा पर पिछले कई साल से शस्त्र पूजा कर रहे हैं. उन्होंने राजग की पिछली सरकार के कार्यकाल में गृह मंत्री रहने के दौरान भी यह पूजा की थी. भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के मद्देनजर बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित एलएसी पर सतर्क है.

दोनों पक्षों ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर की वार्ताएं की हैं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली.रक्षा मंत्री शनिवार को 33वीं कोर के सुकना स्थित मुख्यालय पहुंच थे.जवानों के एक समूह को शनिवार शाम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा था कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन समय-समय पर ऐसे हालात पैदा हुए जब देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके सशस्त्र बलों को सर्वोच्च बलिदान देना पड़ा. रक्षा मंत्री ने सैन्य अड्डे पर उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सेना की तैयारियों की समीक्षा भी की.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस: मोहन भागवत बोले, शक्ति और दायरे में भारत को चीन से बड़ा होना चाहिए

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस: मोहन भागवत बोले, शक्ति और दायरे में भारत को चीन से बड़ा होना चाहिए

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत को शक्ति एवं व्याप्ति (ताकत एवं दायरा) के क्षेत्र में चीन से बड़ा होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन की विस्तारवादी प्रकृति से पूरी दुनिया अवगत है.भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित कर रहे थे. कोरोना वायरस महामारी के दिशा निर्देशों के अनुसार संघ ने इस कार्यक्रम का आयोजन इस साल सीमित रूप से किया था जिसमें 50 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया.

बेहतर सैन्य तैयारियां करने की जरूरत:
भागवत ने कहा कि भारत को चीन के खिलाफ बेहतर सैन्य तैयारियां करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अब कई देश चीन के सामने खड़े हैं. उन्होंने कहा कि चीनी घुसपैठ पर भारत की प्रतिक्रिया से चीन सकते में है. चीन की अपेक्षा भारत को अपनी शक्ति एवं दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है. संघ प्रमुख ने कहा कि चीन ने महामारी के बीच में हमारी सीमाओं का अतिक्रमण किया. उन्होंने कहा कि उस देश (चीन) की विस्तारवादी प्रकृति से पूरी दुनिया अवगत है.उन्होंने ताइवान एवं वियतनाम का उदाहरण चीन की विस्तारवादी योजना के रूप में दिया.

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हमारी मंशा सबके साथ मित्रता करने की:
भागवत ने कहा कि हमारी मंशा सबके साथ मित्रता करने की है और यह हमारी प्रकृति है. उन्होंने कहा कि हमें किसी प्रकार से कमजोर करने अथवा खंडित करने का प्रयास कत्तई स्वीकार्य नहीं है और हमारे विरोधी अब इससे अवगत हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून किसी खास धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे मुसलमान भाइयों को भ्रमित कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह उनकी जनसंख्या को सीमित करने के लिए है.

कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं:
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आगे चर्चा होती, इससे पहले कोरोना वायरस की तरफ ध्यान केंद्रित करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के दिमाग में केवल सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना ही रहता है. कोरोना वायरस के कारण सब मुद्दे पीछे रह गए हैं.उन्होंने कहा कि हमें कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें सतर्क एवं सावधान रहना चाहिए. हम जीना नहीं छोड़ सकते हैं. कोरोना वायरस फैल रहा है लेकिन इससे मरने वालों की संख्या कम है.महामारी के कारण हमने फिर से स्वच्छता, सफाई, पर्यावरण और पारिवारिक मूल्यों के महत्व को जानना शुरू कर दिया है.

कोरोना ने बेरोजगारी की चुनौतियों को दिया जन्म:
भागवत ने कहा कि कोरोना वायरस ने बेरोजगारी की चुनौतियों को जन्म दिया है. कई लोगों की नौकरियां चली गई हैं. ​श्रमिकों ने अब शहरों में लौटना शुरू कर दिया है लेकिन नौकरियों का अब अभाव हो सकता है. चुनौती अब विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने की है. संघ प्रमुख ने कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्तत कर दिया गया, राम मंदिर निर्माण के उच्चतम न्यायालय के फैसले को देश ने संयम एवं समझदारी के साथ स्वीकार किया.