नई दिल्ली Delhi: राज्यसभा में बोलने के लिए कम समय मिलने पर जया बच्चन हुईं गुस्सा, नहीं की अपनी बात पूरी

Delhi: राज्यसभा में बोलने के लिए कम समय मिलने पर जया बच्चन हुईं गुस्सा, नहीं की अपनी बात पूरी

Delhi: राज्यसभा में बोलने के लिए कम समय मिलने पर जया बच्चन हुईं गुस्सा, नहीं की अपनी बात पूरी

नई दिल्लीः सपा सदस्य जया बच्चन हाल ही में राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान गुस्सा हो गईं थी. असल में जब आसन की ओर से उन्हें बोलने के लिए दिया गया समय पूरा होने की ओर ध्यान दिलाया गया तो अप्रसन्नता जताते हुए सपा सदस्य ने अपनी बात पूरी करने से इंकार कर दिया था और बैठ गईं थी. गौरतलब है कि इस दौरान राज्यसभा में पर्यटन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हो रही थी. 

सरकार से गहरे समर्थन और सहयोग की जरूरत

उच्च सदन में पर्यटन मंत्रालय के कामकाज पर हो रही चर्चा में हिस्सा ले रहीं सपा सदस्य जया बच्चन ने कहा था कि जो कुछ हमारी पूर्व पीढ़ी कर गई हैं, उनका हम फायदा उठा रहे हैं. मैं जानना चाहती हूं कि हमने आखिर क्या बनाया है ? उन्होंने कहा है कि पर्यटन को आगे बढ़ने के लिए सरकार से गहरे समर्थन और सहयोग की जरूरत है. उन्होंने कहा है कि हिन्दुस्तानियों को पर्यटन का खूब शौक होता है और हमारे पास कई तरह के पर्यटन हैं लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है. जया ने कहा है कि कभी लोग विदेश से कश्मीर को देखने के लिए आते थे.

विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतरीन अवसंरचना बेहद जरूरी

फिर हालात ऐसे हुए कि लोग अपनी जान के खतरे और सुरक्षा संबंधी कारणों से वहां आने से बचने लगे. इस धारणा को बदलना होगा. उन्होंने कहा है कि दूसरे देशों में इतने प्राकृतिक धरोहर स्थल नहीं हैं जितने भारत में हैं लेकिन इनका प्रबंधन कैसा है? जया ने कहा है कि घरेलू पर्यटक तो कुछ नहीं कहेंगे लेकिन विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतरीन अवसंरचना बेहद जरूरी है. इसी दौरान पीठासीन अध्यक्ष सस्मित पात्रा ने जया से कहा है कि उन्हें दिया गया चार मिनट का समय खत्म हो गया है. उन्होंने हालांकि कहा है कि सदस्य एक मिनट और बोल सकती हैं. 

पात्रा ने कही ये बात

इस पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा जया ने अपनी बात पूरी करने से इंकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि कम समय की वजह से ही वह पिछले सत्र में भी अपनी बात नहीं रख पाई थीं. जिसके बाद जया ने तुरंत बात बंद कर दी और गुस्सा भी हो गई थीं. तब पात्रा ने कहा था कि चर्चा के लिए पार्टियों को दिया जाने वाला समय कार्य मंत्रणा समिति तय करती है. (सोर्स-भाषा)

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