झालावाड़ Jhalawar: जान जोखिम में डाल कर रहे पुलिया पार, बड़े हादसे को दे रहे न्यौता

Jhalawar: जान जोखिम में डाल कर रहे पुलिया पार, बड़े हादसे को दे रहे न्यौता

Jhalawar: जान जोखिम में डाल कर रहे पुलिया पार, बड़े हादसे को दे रहे न्यौता

झालावाड़: जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर गागरोन की पुलिया पर अभी डेढ़ से दो फीट पानी चल रहा है. वहीं कालीसिन्ध डैम के गेट खुलने के बाद यहां पर जल स्तर 5 से 7 फीट तक पहुंच जाता है. कई बार तो यह जल स्तर 10 से 12 फीट या 15 फीट तक भी रहता है जो कि कई दिनों तक बना रहता है. ऐसे में जिला मुख्यालय से लगभग डेढ़ दर्जन गांव का संपर्क कट जाता है और इनको खाने पीने की परेशानी का सामना करना पड़ता है.

यहां तक की किसी को गम्भीर बीमारी हो या अस्पताल जाना चाहता हो तो उसको खाट का सहारा लेना पड़ता है. खतरा तो उसमें भी है लेकिन मजबूरी में करना पड़ता है. चाहे बच्चों का स्कूल हो या दूध वालों को शहर में दूध बेचना हो सब नदी पार करते हैं. 3 दिन बाद यहां हजरत हमीदुद्दीन चिश्ती उर्फ मिठ्ठे महाबली सरकार का सालाना उर्स है और जिस तरह से पुलिया पर पानी है इससे लगता है कि आने वाले समय में यह पानी उर्स में बाधा पैदा करेगा.

पुलियाओं पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहता:

साथ ही झालावाड़ जिले में जान जोखिम में डालकर सैकड़ों लोग नदी पार कर कामखेड़ा मन्दिर पर दर्शन करने जा रहे है. तो कोई बाइक से पुलिया पार करता आपको यहां अक्सर मिल जाएगा जिससे कई बार बाइक या युवक पानी मे बह भी जाते हैं. लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से तमाम खतरे वाली पुलियाओं पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहता. यही कारण है कि लोग अक्सर जान जोखिम में डालकर नदी पुलिया पार करते रहते हैं.
 

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