Jhalawar Jhalawar: कपास की कमी के कारण फैक्ट्री बंद, 1500 लोगों के रोज़गार पर छाए संकट के बादल

Jhalawar: कपास की कमी के कारण फैक्ट्री बंद, 1500 लोगों के रोज़गार पर छाए संकट के बादल

Jhalawar:  कपास की कमी के कारण फैक्ट्री  बंद, 1500 लोगों के रोज़गार पर छाए संकट के बादल

झालावाड़: जिले के धानोदी क्षेत्र में लगातार कपास की कमी और कपास के भाव 3 गुना होने के कारण संकट के बादल छा गए. ऐसे में फैक्ट्री चलाना मुश्किल में आ गया है. इसके चलते श्री वल्लभ पित्ती धागा ग्रुप 10 जून से बन्द कर दी गई है और कपास की उपलब्धता होने पर इसको शुरू कर दिया जाएगा. अभी 1500 लोग घर बैठकर इंतजार कर रहे है कि जल्द ही कपास की आवक हो और दुबारा धागा फैक्ट्री शुरू हो.

श्री वल्लभ पित्ती धागा फेक्ट्री 2016 में शुरू हुई और इसकी शुरुवात पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने फीता काटकर की थी. तब से यह फैक्ट्री लगातार चल रही है और यहां पर 4 युनिट में 1500 लोगों को रोजगार मिल रहा है. कोरोना के समय में इस फैक्ट्री ने लोगों को रोज़गार उपलब्ध कराया था. श्री वल्लभ पित्ती धागा फैक्ट्री में कपास की कमी का कारण रूस और यूक्रेन युद्ध की मुख्य वजह बताई जा रही है. इसके कारण विश्व मे इसका असर पड़ा है. यहां आने वाला कपास महंगा हो गया है.

50% से अधिक फैक्ट्रियां हुई बंद: 

3 गुना दाम होने से संकट के बादल छा गए और धागा फैक्ट्री को बन्द करना पड़ा. देश में कृषि के बाद सबसे बड़ा उद्योग कॉटन उद्योग माना जाता है. देश मे लगभग 4000 फैक्ट्रियां लगी है और लगभग 20 लाख से 30 लाख लोग इससे जुड़े हुए हैं. ऐसे में 50% से अधिक फैक्ट्रियां बंद बताई जा रही है. कपास की कमी के कारण और 10 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए है. ऐसे में नया कपास कुछ दिनों बाद आने से कपास की अच्छी उपलब्धता होगी ओर बन्द पड़ी धागा फैक्ट्रियां फिर से सरपट दौड़ेगी.

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