झालावाड़ Jhalawar: तेज बारिश के चलते सभी डेम लबालब, सिंचाई के लिए पानी की भरपूर आवक

Jhalawar: तेज बारिश के चलते सभी डेम लबालब, सिंचाई के लिए पानी की भरपूर आवक

Jhalawar: तेज बारिश के चलते सभी डेम लबालब, सिंचाई के लिए पानी की भरपूर आवक

झालावाड़: जिले में इस बार मानसून काफी अच्छा रहा. यहां 900 से 1000 mm औसत बारिश हो जाती है लेकिन इस बार यह आंकड़ा छूने वाला है. पिछले दिनों हो रही तेज बारिश से सभी डेम लबालब हो चुके हैं. कालीसिंध डेम के लगातार गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. छापी और चवली डेम लबालब हो चुके हैं. साथ ही सभी छोटे-बड़े डेम भी फुल है. सभी डेमों की भराव क्षमता के अनुसार पानी की आवक भरपूर हो रही है.

छापी डेम से भी लोगों को पीने का पानी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है. वहीं भीमसागर से भी लोगों को पीने का पानी और सिंचाई का पानी उपलब्ध होता है. छोटे-बड़े डेम जिले में लोगों को पीने का पानी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाते हैं. लेकिन कालीसिंध डेम में इसकी भराव क्षमता 54mm है और इसके 33 गेट है जो समय-समय पर खोले जाते हैं.

कालीसिंध डेम खास तौर पर कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए बनाया गया है. जहां 600-600 मेगावाट की यूनिट चल रही है जिससे बिजली उत्पादन होता है. कालीसिंध डेम का पानी 34 एमक्यूएम थर्मल पावर प्लांट को जाता है बाकी पानी स्टोरेज होता है. जिससे समय पर पीने के लिए छोड़ा जा सकता है. झालावाड़ (Jhalawar) जिले के सभी डेम पीने के पानी और सिंचाई के लिए उपयोग में आते हैं.

कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया:

लगातार एमपी से पानी की आवक होने के कारण सभी डेम लबालब है. लगभग 1 दर्जन से अधिक गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी कई गांवों का पुलियाओं नालों में पानी आने के कारण सम्पर्क कट रहा है और जिले में मानसून लगातार मेहरबान है.

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