Jhunjhunu: शहीद विक्रम सिंह की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि, लाडले को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जन सैलाब

Jhunjhunu: शहीद विक्रम सिंह की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि, लाडले को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जन सैलाब

झुंझुनूं: जिले के भोड़की गांव में शहीद विक्रमसिंह का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को नमन करने के लिए जिले के प्रभारी एवं चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, सांसद नरेंद्रकुमार, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि, विधायक राजेंद्रसिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, कलेक्टर यूडी खान, एसपी मनीष त्रिपाठी, सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर के अलावा जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे. 

गांव में पहुंचते ही युवाओं ने तिरंगा यात्रा के साथ अपने लाडले की शहादत को नमन किया और पूरे गांव में विक्रमसिंह अमर रहे के नारे गूंजे. अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए ना केवल भोड़की गांव उमड़ गया. बल्कि पास पड़ोस के गांवों के युवा, बुजूर्ग, महिला भी बड़ी संख्या में पहुंचे. आपको बता दें कि विक्रमसिंह 27-28 फरवरी की दरमियान लद्दाख में शहीद हो गए थे. जिनकी पार्थिव देह कल देर शाम को झुंझुनूं पहुंचा. इसके बाद आज सेना के ट्रक को फूलों से सजाकर उसमें शहीद के पार्थिव देह को पैतृक गांव ले जाया गया. जहां पर शहीद को नमन करने और दर्शन के लिए छतों पर भी लोग जमा थे. पुलिस और सेना से आई टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इसके बाद शहीद के पुत्र हर्षसिंह तथा मानवेंद्रसिंह ने मुखाग्नि दी. 

शेखावाटी के कण कण में शौर्यता: 
मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है. वहीं विधायक राजेंद्र गुढ़ा तथा पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि शेखावाटी के कण कण में शौर्यता है. यही कारण है कि यहां के युवा देश सेवा और सुरक्षा के जज्बे से लबरेज है. गौरतलब है कि लद्दाख में ड्यूटी के दौरान विक्रम का टैंक नाले में गिर गया था. जिससे वे शहीद हो गए. 

12वीं पास कर 2002 में सेना में भर्ती हुए थे:
जानकारी अनुसार 90 आर्म्ड रेजीमेंट में नायक पद पर कार्यरत भोड़की निवासी विक्रम सिंह पुत्र दिशा सिंह डयूटी पर थे. 27 फरवरी की रात को करीब 11 बजे पेट्रोलिंग पर उनका टैंक नाले में गिर गया. हादसे में विक्रम सिंह शहीद हो गए. शहीद विक्रम के बड़े भाई कान सिंह ने बताया कि विक्रम सिंह 12वीं पास कर 2002 में सेना में भर्ती हुए थे. उनके दो पुत्र हैं जो चौथी और एलकेजी में पढ़ते हैं. परिवार में उनकी माता प्रेम कंवर, पत्नी प्रिया कंवर सहित परिजनों विक्रम सिंह के शहीद होने की जानकारी मिली तो घर का माहौल गमगीन हो गया. विक्रम सिंह छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. वे 30 जनवरी को 2 महीने की छुट्टी से ड्यूटी पर गए थे.

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